रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- आठवें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
- किसानों और महिलाओं के खिलाफ FIR पर उठाए सवाल
- अजय कटियार बोले- मानकों की अनदेखी का आरोप
- मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे में प्रतिनिधिमंडल करेगा मुलाकात
- चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर भी कार्रवाई न होने का आरोप
- धरने में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद
- मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
फर्रुखाबाद ग्राम सभा बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चकबंदी विभाग द्वारा किसानों और महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्रता और उत्पीड़न किया जा रहा है। साथ ही किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने किसानों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसान अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर एकजुट नहीं होंगे तो सरकारें किसानों का शोषण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।
आठवें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
बराकेशव ग्राम सभा में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर अभी तक प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी वजह से किसानों ने धरना समाप्त नहीं किया है।धरना स्थल पर देर रात तक महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ मौजूद रहीं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।किसानों ने चकबंदी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान किसानों की समस्याओं को उचित तरीके से नहीं सुना जा रहा है।

किसानों और महिलाओं के खिलाफ FIR पर उठाए सवाल
धरनारत किसानों ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि चकबंदी विभाग की शिकायत के आधार पर किसानों और महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है, तो किसानों की शिकायत पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।किसानों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर कथित तौर पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।हालांकि इन आरोपों पर संबंधित विभाग और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अजय कटियार बोले- मानकों की अनदेखी का आरोप
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि ग्राम सभा बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया निर्धारित मानकों की अनदेखी कर संचालित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान किए बिना यहां चकबंदी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।अजय कटियार ने चकबंदी विभाग में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार से विभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और यदि व्यवस्था में खामियां हैं तो उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे में प्रतिनिधिमंडल करेगा मुलाकात
अजय कटियार ने बताया कि 3 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गंगापार क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करने का प्रयास करेगा।प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सामने ग्राम सभा बराकेशव के किसानों की समस्याएं रखने की तैयारी में है। संगठन की ओर से चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर किसानों व महिलाओं के साथ कथित अभद्रता तथा फसलों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।इसके साथ ही किसान संगठन ने किसानों के खिलाफ दर्ज दोनों मुकदमों को एक माह के भीतर वापस लेने की मांग भी उठाने की बात कही है।
चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर भी कार्रवाई न होने का आरोप
अजय कटियार ने दावा किया कि चकबंदी आयुक्त की ओर से जिला अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए थे। निर्देश में यह भी कहा गया था कि जिन मामलों का समाधान जनपद स्तर पर नहीं हो सकता, उन्हें लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय भेजा जाए।किसान नेता का आरोप है कि संबंधित पत्र जारी होने के करीब 12 दिन बीतने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी वजह से किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
धरने में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद
धरना कार्यक्रम का संचालन कानपुर मंडल के पूर्व सचिव अफरोज मंसूरी ने किया, जबकि अध्यक्षता दीप सिंह यादव ने की। कार्यक्रम में संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।इस दौरान जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मिश्रा, जिला महासचिव अभय यादव, जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार, युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला सचिव बिजनेश यादव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।इसके अलावा सुग्रीव पाल, शिवराम शाक्य, संजय सिंह, हिमांशु यादव, अर्पित गंगवार, ईश्वरदयाल राजपूत, झांसी देवी, अनीता देवी, रामबेटी, मार्ग श्री सहित बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और बच्चे धरना स्थल पर मौजूद रहे।
मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
किसान संगठन और प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों की मुख्य मांगों में चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच, कथित उत्पीड़न पर कार्रवाई और किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग शामिल है।फिलहाल बराकेशव में चल रहा यह किसान आंदोलन स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब किसानों की नजर 3 सितंबर को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर है।
read on:https://news7hindi.com/umesh-pal-murder-case-jaya-pal-court-statement-prayagraj/
advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

