
गाजियाबाद बकरीद के दिन 11वीं के छात्र सूर्या प्रताप की हत्या से दहले खोड़ा इलाके में रविवार को भी तनाव और गम का माहौल बना रहा। मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जहां एक ओर लोगों में आक्रोश कुछ कम होता दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार का दर्द अब भी कम नहीं हुआ है। बेटे को खो चुकी मां सरोज ठाकुर की आंखों में आंसू हैं और दिल में सिर्फ एक ही सवाल कि आखिर उनके बेटे का कसूर क्या था।सूर्या की मां सरोज ठाकुर ने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से उन्हें कुछ हद तक संतोष मिला है, लेकिन उनका दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिसने उनके बेटे की जान ली, उसे सजा मिल गई, लेकिन इस साजिश में शामिल बाकी लोगों को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा ही उनके जीने का सहारा था। न अपना घर है, न कोई बड़ा रोजगार और अब बेटा भी उनसे छीन लिया गया। ऐसे में जिंदगी कैसे कटेगी, यह सोचकर ही उनका दिल दहल जाता है।

सूर्या की मौत के बाद से उसके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, हिंदू संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। रविवार को परिजनों ने घर के बाहर सूर्या की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे इलाके में शोक का माहौल दिखाई दिया। लोग लगातार परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।रविवार सुबह प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में पिछले तीन दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। सूर्या की हत्या के विरोध में लगातार लोग जुट रहे हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कई संगठनों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-9 की सर्विस रोड पर जाम जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।तनावपूर्ण हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ, जिसे मुठभेड़ में मारे गए आरोपी असद का बताया गया। वीडियो में एक युवक कथित तौर पर हत्या की बात करते हुए नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह वीडियो किसी अन्य आपराधिक घटना से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या संदेश को साझा न करें।उल्लेखनीय है कि बकरीद के दिन 28 मई को 17 वर्षीय सूर्या प्रताप को कथित तौर पर कुर्बानी दिखाने के बहाने बुलाया गया था। आरोप है कि इसी दौरान मुख्य आरोपी असद ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और असद के बीच पहले से विवाद चल रहा था। मामले में असद के पिता नवाब, उसके साथी फरहान और आतिफ को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें कई लोग शामिल थे। आरोप है कि असद के पिता ने उसे हत्या के लिए उकसाया था, जबकि वारदात में इस्तेमाल चाकू की व्यवस्था उसके साथी ने की थी।मुख्य आरोपी असद शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के मुताबिक वह फरार होने की तैयारी में था और इसी दौरान घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि इस साजिश में शामिल कोई भी आरोपी कानून की पकड़ से बच न सके।
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