रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचेगी हर संभव मदद
- भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
- राहत वितरण में पारदर्शिता के निर्देश
- सर्पदंश पीड़ित को मिला आपदा राहत अनुदान
- अमृतपुर क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता
- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
- प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान पर जोर
- सरकार की प्राथमिकता में राहत और बचाव अभियान
फर्रुखाबाद जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन और प्रदेश सरकार की ओर से सहायता अभियान जारी है। शुक्रवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अमृतपुर में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री किट और सर्पदंश आपदा राहत अनुदान चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री तथा फर्रुखाबाद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने 100 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट प्रदान की। इसके साथ ही सर्पदंश की घटना से प्रभावित एक लाभार्थी को आपदा राहत अनुदान का चेक भी दिया गया। राहत सामग्री मिलने के बाद प्रभावित परिवारों ने सरकार और प्रशासन की पहल के प्रति आभार जताया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचेगी हर संभव मदद
प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकार प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसी भी पात्र परिवार को राहत और सहायता से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक शासन की ओर से अनुमन्य राहत समय से पहुंचाई जाए। राहत वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करना है। इसके लिए जिला प्रशासन को लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने की होती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं।प्रभारी मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रही हैं और आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ का प्रभाव अधिक है, वहां राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए। किसी भी परिवार को अपनी आवश्यक जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय मजबूत रखा जाए।

राहत वितरण में पारदर्शिता के निर्देश
प्रभारी मंत्री ने राहत सामग्री के वितरण में पात्रता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। अगर किसी क्षेत्र में राहत सामग्री की अतिरिक्त जरूरत है तो वहां तत्काल व्यवस्था की जाए।मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इसलिए अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित लोगों के बीच लगातार मौजूद रहें और उनकी जरूरतों की जानकारी लेते रहें।

सर्पदंश पीड़ित को मिला आपदा राहत अनुदान
कार्यक्रम में बाढ़ राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ सर्पदंश आपदा राहत अनुदान का चेक भी प्रदान किया गया। एक लाभार्थी को सर्पदंश की घटना के बाद शासन की ओर से अनुमन्य राहत राशि का चेक दिया गया।ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बारिश के मौसम के दौरान सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपदा राहत के तहत पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं में पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।
अमृतपुर क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता
कार्यक्रम का आयोजन अमृतपुर क्षेत्र में किया गया, जहां बाढ़ का असर कई इलाकों में देखने को मिलता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के लिए प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना महत्वपूर्ण चुनौती है।जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव गतिविधियों को लगातार संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों को क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राहत सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को संकट की स्थिति से बाहर निकालने के लिए आवश्यक हर संभव सहायता उपलब्ध कराना है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
राहत वितरण कार्यक्रम में जिले के कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि और भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, एएसपी गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम अमृतपुर श्वेता साहू और तहसीलदार शशांक सिंह समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।अधिकारियों की मौजूदगी में राहत सामग्री का वितरण किया गया और बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर भी जानकारी ली गई।
प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान पर जोर
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।उन्होंने प्रशासन से कहा कि जिन परिवारों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा या अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत है, उनकी पहचान कर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत सामग्री और अन्य जरूरी संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सरकार की प्राथमिकता में राहत और बचाव अभियान
फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आयोजित यह राहत कार्यक्रम प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान का हिस्सा है। 100 परिवारों को राहत किट और एक सर्पदंश पीड़ित को अनुदान चेक मिलने से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिली है।प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने दोहराया कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य लगातार जारी रहें और पात्र लोगों तक सरकारी सहायता बिना देरी पहुंचाई जाए।]अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखे और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज करे, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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