रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद फर्रुखाबाद के खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार देर रात टायर रिप्लेसिंग फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। शा इंडस्ट्रीज नाम की फैक्ट्री में रखे टायरों में आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैलने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए तीन जिलों से छह दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा। दमकल कर्मियों ने कई घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद जले हुए टायरों का मलबा हटाते समय आग एक बार फिर भड़क उठी, जिसके बाद दमकल कर्मियों को दोबारा मोर्चा संभालना पड़ा।फैक्ट्री में आग लगने की घटना से आसपास के क्षेत्र में भी हलचल मच गई। आग की लपटें देखकर मौके पर पहुंचे लोगों में चिंता का माहौल रहा। फिलहाल फैक्ट्री में हुए नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। आग लगने की वजह भी स्पष्ट नहीं हुई है। जांच और नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद ही घटना से जुड़ी स्थिति साफ हो सकेगी।


रात करीब तीन बजे फैक्ट्री में लगी आग
खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित शा इंडस्ट्रीज टायर रिप्लेसिंग फैक्ट्री में मंगलवार देर रात करीब तीन बजे अचानक आग लग गई। उस समय फैक्ट्री परिसर में रखे टायरों में आग तेजी से फैलने लगी। टायरों में आग लगने से स्थिति गंभीर हो गई और कुछ ही देर में दमकल विभाग को बड़े स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ी।फैक्ट्री में तैनात चौकीदार उपेंद्र ने आग लगने की जानकारी डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों की जरूरत महसूस हुई, जिसके बाद तीन जिलों से छह दमकल गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं।


छह दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। आग की चपेट में आए टायरों के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। दमकल विभाग की टीमों ने लगातार प्रयास कर आग को नियंत्रित किया। काफी देर तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।घटना की जानकारी मिलने पर प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा और मदनपुर चौकी इंचार्ज सुनील कुमार गोयल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर स्थिति संभालने में जुटी रहीं। आग बुझाने के बाद फैक्ट्री परिसर में जले हुए टायरों और अन्य मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जेसीबी से मलबा हटाते समय दोबारा भड़की आग
आग पर नियंत्रण के बाद राहत की उम्मीद थी, लेकिन मलबा हटाने के दौरान एक बार फिर परेशानी सामने आ गई। फैक्ट्री परिसर में जले हुए टायरों के अवशेष हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई थी। इसी दौरान मलबे में दबी आग दोबारा भड़क उठी।आग फिर से उठने के बाद मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद दमकल कर्मियों ने दोबारा मोर्चा संभाला और आग को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। टीमों ने फिर प्रयास कर आग पर काबू पाया। इस घटना से स्पष्ट हुआ कि आग बुझाने के बाद भी मलबे में मौजूद सुलगते हिस्सों पर नजर रखना जरूरी था। आग दोबारा भड़कने के बाद दमकल कर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया। घटना के दौरान आग बुझाने और उसके दोबारा फैलने की आशंका को देखते हुए राहत एवं नियंत्रण कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा।
फैक्ट्री मालिक ने नुकसान का आकलन नहीं होने की बात कही
फैक्ट्री मालिक अरविंद पांडे के अनुसार, आग से हुए नुकसान का अभी आकलन नहीं किया जा सका है। फैक्ट्री में रखे कितने टायर और अन्य सामान आग की चपेट में आए, इसकी स्पष्ट जानकारी नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद ही सामने आएगी।आग किन परिस्थितियों में लगी, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आग लगने की वजह के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
आग लगने के कारणों की जांच और नुकसान का आकलन बाकी
खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र की इस घटना ने फैक्ट्री परिसरों में आग से सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था में किसी कमी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग के कारणों और नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही घटना का पूरा विवरण स्पष्ट होगा।फिलहाल सबसे अहम बात यह रही कि आग पर काबू पाने के लिए तीन जिलों से छह दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा और कई घंटे तक अभियान चलाना पड़ा। मलबा हटाते समय आग दोबारा भड़कने से राहत कार्य में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। अब फैक्ट्री मालिक और संबंधित विभागों के आकलन तथा जांच के बाद ही पता चलेगा कि आग से कितना नुकसान हुआ और यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।फिलहाल आग लगने का कारण और कुल नुकसान स्पष्ट नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
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