IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, राजनीति में जाने पर बोलीं- अभी तय नहीं

Editorial
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देवरिया राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद से इस्तीफा देने वाली आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या दिव्या मित्तल अब राजनीति में कदम रख सकती हैं। हालांकि, खुद दिव्या मित्तल ने इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।दिव्या मित्तल ने कहा है कि उन्होंने अभी अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। राजनीति में जाने, बिजनेस शुरू करने या किसी कंपनी में नौकरी करने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्होंने आगे की दिशा तय नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई निर्णय लेंगी, उसे सार्वजनिक करेंगी।

इस्तीफे के बाद पहली बार बोलीं दिव्या मित्तल

विशेष सचिव पद से इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल का यह पहला प्रमुख रिएक्शन माना जा रहा है। उनके इस्तीफे के बाद से ही इंटरनेट मीडिया पर उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। कुछ लोग उनके राजनीति में आने की संभावना जता रहे थे, जबकि कुछ अटकलों में उनके बिजनेस या निजी क्षेत्र में जाने की बात कही जा रही थी।इन चर्चाओं के बीच दिव्या मित्तल ने साफ किया कि अभी उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। उनका कहना है कि आगे क्या करना है, यह फिलहाल तय नहीं है। यदि वह कोई फैसला लेती हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से देंगी।इस बयान के बाद फिलहाल राजनीति में उनके प्रवेश को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। हालांकि, उनके आगे के कदम पर लोगों की नजर बनी हुई है।

देवरिया में डीएम के तौर पर रहा चर्चित कार्यकाल

दिव्या मित्तल का देवरिया जिलाधिकारी के तौर पर करीब दो साल का कार्यकाल भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने 14 जुलाई 2024 की देर शाम देवरिया के 68वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। करीब दो वर्ष बाद 6 मई 2026 को उनका तबादला कर दिया गया और उनकी जगह मधुसूदन हुल्गी को नया जिलाधिकारी बनाया गया।अपने कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में रहीं। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों में उनका स्पष्ट और दो टूक अंदाज कई बार सुर्खियों में आया।उनकी कार्यशैली में प्रशासनिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भागीदारी भी देखने को मिली।

दिशा की बैठक में बयान ने खींचा था ध्यान

दिव्या मित्तल के कार्यकाल के दौरान 3 जुलाई 2025 को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में दिया गया उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा था।बैठक में बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका ने एक महिला शिक्षिका के वेतन से जुड़े मामले को उठाया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। मामला बढ़ने पर बैठक में मौजूद एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने की कोशिश की थी।इसी दौरान तत्कालीन डीएम दिव्या मित्तल ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जनप्रतिनिधि को किसी अधिकारी पर तबादले के लिए दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।उनके इस बयान की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद तत्कालीन डीएम और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच कथित मनमुटाव की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, इन घटनाक्रमों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी बातें रही हैं।

बरहज के अधिवक्ता प्रकरण को लेकर भी उठे थे सवाल

दिव्या मित्तल के देवरिया कार्यकाल के दौरान बरहज तहसील के अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह की मृत्यु से जुड़े मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे थे। बाद में उनके तबादले के पीछे इस प्रकरण को भी कारण बताए जाने की चर्चा हुई थी।हालांकि उनके तबादले को लेकर सामने आई चर्चाओं और अटकलों से अलग आधिकारिक स्तर पर जो भी कारण रहे हों, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे के बाद अपने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक संकेत नहीं दिया है।

UPSC अनुभव पर लिख चुकी हैं किताब

दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा के साथ लेखन को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उनकी पुस्तक ‘द क्राफ्टेड जीनियस’ हाल में प्रकाशित हुई है। इस पुस्तक में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव और रणनीति साझा की है।उनकी यह किताब उन युवाओं के लिए उपयोगी मानी जा रही है जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासनिक सेवा के अनुभव और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से जुड़े उनके अनुभवों को पुस्तक में जगह दी गई है।

धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी रही सक्रिय

दिव्या मित्तल के देवरिया कार्यकाल की एक खास बात उनकी सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी भी रही। वह विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होती थीं और महिलाओं तथा युवाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों में भी नजर आती थीं।प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता ने भी उन्हें स्थानीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई।

अब आगे क्या करेंगी दिव्या मित्तल?

इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिव्या मित्तल अब आगे क्या करेंगी। क्या वह राजनीति में जाएंगी, अपना कोई व्यवसाय शुरू करेंगी या निजी क्षेत्र में नई भूमिका संभालेंगी—फिलहाल इसका जवाब खुद उनके पास भी तय नहीं है।दिव्या मित्तल ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब कोई निर्णय होगा, तो वह उसे सार्वजनिक करेंगी।ऐसे में फिलहाल राजनीति में उनके प्रवेश को लेकर चल रही अटकलें सिर्फ कयास ही हैं। अब सभी की नजर उनके अगले कदम पर टिकी है।

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