नकली अंग्रेजी शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 32 हजार नकली ढक्कन और 12 हजार बारकोड बरामद, दो गिरफ्तार

Editorial
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सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में नकली अंग्रेजी शराब के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बांसी पुलिस, एसओजी/सर्विलांस टीम और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मिश्रित अंग्रेजी शराब तैयार कर बाजार में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली शराब के ढक्कन, बारकोड (सील रैपर), मिश्रित अंग्रेजी शराब, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए गए।इस सफल कार्रवाई के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अभिषेक महाजन ने पूरी टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।

मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को थाना बांसी के प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय तथा आबकारी विभाग की संयुक्त टीम रतन सेन सिंह इंटर कॉलेज, इटवा रोड क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही है।सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर सुभाष नगर, कोइलहवा स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी की गई, जहां से नकली शराब बनाने का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

भारी मात्रा में नकली सामग्री बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग ने बड़ी मात्रा में नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की। बरामद सामान में शामिल हैं—

  • 32,472 नकली ढक्कन (IB, Old Monk, RS, Iconic, BP और McDowell’s ब्रांड)
  • 12,740 नकली बारकोड (सील रैपर)
  • 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब
  • एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन
  • एक अवैध चाकू
  • दो सुजा (ढक्कन खोलने के उपकरण)
  • टीवीएस रेडियन मोटरसाइकिल (UP55 AD 0139)

पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री का उपयोग खाली शराब की बोतलों में दोबारा शराब भरकर उन्हें असली ब्रांड की तरह बेचने में किया जाता था।

दो आरोपी गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।पहला आरोपी बलराम जायसवाल, निवासी देवियापुर नरकटहा, थाना बांसी, सिद्धार्थनगर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।दूसरा आरोपी प्रदीप कुमार, निवासी हरदोई, संबंधित शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत बताया गया है।दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आबकारी अधिनियम की धारा 60/64 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी बलराम जायसवाल ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि उसने कोइलहवा क्षेत्र में किराए का मकान लेकर वहां नकली ढक्कन, बारकोड और अन्य सामग्री का भंडारण कर रखा था।उसने स्वीकार किया कि यह सामग्री उसे गुरुप्रसाद प्रजापति नामक व्यक्ति ट्रांसपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध कराता था। इसके बाद वह इन नकली ढक्कनों और बारकोड को सिद्धार्थनगर, आसपास के जिलों तथा नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों की शराब दुकानों तक पहुंचाता था।

असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी नकली शराब

जांच में सामने आया कि गिरोह खाली शराब की बोतलों में दोबारा शराब भरकर उन पर विभिन्न कंपनियों के नकली ढक्कन और बारकोड लगाता था। इसके बाद इन्हें असली ब्रांड की शराब बताकर बाजार में बेचा जाता था।इस अवैध कारोबार से गिरोह मोटा मुनाफा कमा रहा था। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी संख्या में लोगों की सेहत और जान खतरे में पड़ सकती थी।

नेपाल सीमा तक फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं था। नकली सामग्री की सप्लाई नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों तक की जा रही थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि किन-किन शराब दुकानों तक यह नकली सामग्री पहुंचाई गई और इस कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।

शराब की दुकान सील, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई

आबकारी विभाग ने कार्रवाई के बाद संबंधित शराब दुकान को सील कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने दुकान का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य दुकानों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने टीम को दिया 20 हजार रुपये का पुरस्कार

इस बड़ी सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त टीम की सराहना करते हुए 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।एसएसपी ने कहा कि जिले में नकली शराब और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी राजस्व और जनस्वास्थ्य दोनों की हुई सुरक्षा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित हानि रोकी गई, बल्कि जहरीली और नकली शराब बाजार में पहुंचने से भी रोकी गई।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।सिद्धार्थनगर के बांसी में पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने नकली अंग्रेजी शराब के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड और मिश्रित शराब की बरामदगी से स्पष्ट है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से अवैध कारोबार चला रहा था। फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

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