
उत्तराखंड में इस समय आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है। खराब मौसम और पहाड़ों की दुर्गम चुनौतियों पर शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का भारी उत्साह भारी पड़ता दिख रहा है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर देहरादून में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सरकार और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, ठहरने और सुगमता से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन हर समय मुस्तैद रहे ताकि बाहर से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस साल की चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है और श्रद्धालुओं की संख्या हर दिन एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इस यात्रा सीजन में अकेले बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा 10 लाख के जादुई आंकड़े को पार कर गया है। यात्रा कंट्रोल रूम से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम पांच बजे तक 10,00,497 श्रद्धालु सिर्फ केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दर पर मत्था टेक चुके हैं। भीड़ और उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल शनिवार के दिन ही 24,066 श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई, जिनमें 11 हजार से अधिक महिला श्रद्धालु शामिल थीं।
रुद्रप्रयाग यात्रा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, चारों धामों यानी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को मिलाकर अब तक कुल 26,86,259 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस बार यात्रा की शुरुआत से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। गत 23 मई को स्थिति यह थी कि महज एक ही दिन में दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा एक लाख को पार कर गया था। इसके अगले दिन यानी 24 मई को भी 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देवभूमि के मंदिरों में शीश नवाया। बाकी दिनों में भी यह संख्या लगातार बहुत ऊंची बनी हुई है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव तो है लेकिन व्यवस्थाएं लगातार बनाई जा रही हैं। चारों धामों में उमड़ रही इस भारी भीड़ और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यात्रा मार्गों पर कहीं भी लंबा जाम न लगे, इसके लिए ट्रैफिक प्लान को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जाए और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे। इसके साथ ही, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को सांस लेने या अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने पर तुरंत मेडिकल रिलीफ मिल सके, इसके लिए पूरे रूट पर डॉक्टरों और जीवन रक्षक दवाओं के साथ एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मौसम विभाग के अलर्ट पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने या आगे बढ़ाने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

