दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों के लिए वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम 2026 (पार्ट टाइम) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत विश्वविद्यालय में अध्ययनरत पात्र स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों और विभागों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इच्छुक छात्र 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।यह इंटर्नशिप उन विद्यार्थियों के लिए खास अवसर है, जो पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझना चाहते हैं और अपने रिज्यूमे में व्यावहारिक अनुभव जोड़ना चाहते हैं। चयनित विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पूरी करने के बाद प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
छह महीने की होगी इंटर्नशिप
दिल्ली विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम 2026 की अवधि छह महीने होगी। यह इंटर्नशिप अक्तूबर 2026 से शुरू होने वाली है। खास बात यह है कि यह पार्ट टाइम इंटर्नशिप होगी, इसलिए छात्रों को अपनी नियमित पढ़ाई के साथ इसे करने का अवसर मिलेगा।चयनित विद्यार्थियों को सप्ताह में करीब 8 से 10 घंटे काम करना होगा। इसके बदले उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से 6,064 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। इस तरह विद्यार्थी पढ़ाई के साथ अनुभव हासिल करने के अलावा आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे।
किन छात्रों को मिलेगा आवेदन का मौका?
DU Vice Chancellor Internship Scheme 2026 के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय ने शुरुआती स्तर के छात्रों को इस योजना से बाहर रखा है।प्रथम वर्ष और प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसलिए आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी पात्रता और पाठ्यक्रम से संबंधित शर्तों को ध्यान से जांच लेना चाहिए।
विश्वविद्यालय के इन कार्यालयों में काम करने का मौका
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम के तहत चयनित विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यालयों और विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यालयी कामकाज और संस्थागत निर्णय प्रक्रिया को समझने का मौका मिलेगा।इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को कुलपति कार्यालय, दक्षिण परिसर निदेशक कार्यालय, कुलसचिव कार्यालय सहित विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में कार्य करने का अवसर मिल सकता है।यह अनुभव खास तौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो भविष्य में प्रशासन, प्रबंधन, शिक्षा, शोध या कॉरपोरेट क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
पढ़ाई के साथ मिलेगा काम का अनुभव
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। कंपनियां और संस्थान ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं, जिनके पास पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी हो। ऐसे में DU Internship 2026 विद्यार्थियों को अपने अकादमिक ज्ञान को वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने का अवसर दे सकती है।पार्ट टाइम होने के कारण छात्रों को इंटर्नशिप के लिए सप्ताह में सीमित घंटे देने होंगे। इससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना भी कम रहेगी। साथ ही विश्वविद्यालय के अलग-अलग कार्यालयों में काम करने से विद्यार्थियों को प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, टीमवर्क, समय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझने का अनुभव मिल सकता है।
इंटर्नशिप पूरी करने पर मिलेगा प्रमाणपत्र
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम का एक अहम लाभ इसका प्रमाणपत्र भी है। सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।यह प्रमाणपत्र छात्रों के लिए आगे उच्च शिक्षा, इंटर्नशिप और नौकरी के अवसरों में उपयोगी हो सकता है। विद्यार्थी इसे अपने रिज्यूमे और प्रोफेशनल प्रोफाइल में भी शामिल कर सकेंगे।
21 अगस्त तक आवेदन का मौका
इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र विद्यार्थी 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारियां सही हों और वे योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।आवेदन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। छात्रों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- आवेदन की अंतिम तारीख 21 अगस्त 2026 है।
- केवल पात्र नियमित UG और PG विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
- प्रथम वर्ष और प्रथम सेमेस्टर के छात्र पात्र नहीं हैं।
- इंटर्नशिप की अवधि छह महीने होगी।
- इंटर्नशिप अक्तूबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
- सप्ताह में करीब 8 से 10 घंटे काम करना होगा।
- चयनित छात्रों को 6,064 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
- इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने पर प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
छात्रों के लिए क्यों खास है यह मौका?
दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। ऐसे में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनकर काम करने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर उन छात्रों के लिए यह अवसर उपयोगी है, जो पढ़ाई के साथ अपने करियर की तैयारी शुरू करना चाहते हैं।DU Vice Chancellor Internship Scheme 2026 के जरिए विद्यार्थियों को न सिर्फ कार्य अनुभव मिलेगा, बल्कि उन्हें संस्थागत कामकाज को समझने और पेशेवर माहौल में काम करने का अवसर भी मिलेगा। स्टाइपेंड और प्रमाणपत्र इस अवसर को छात्रों के लिए और आकर्षक बनाते हैं।
DU Vice Chancellor Internship 2026: जरूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम 2026 |
| संस्थान | दिल्ली विश्वविद्यालय |
| इंटर्नशिप | पार्ट टाइम |
| पात्रता | नियमित UG और PG विद्यार्थी |
| अपात्र | प्रथम वर्ष और प्रथम सेमेस्टर के छात्र |
| अवधि | 6 महीने |
| शुरुआत | अक्तूबर 2026 |
| कार्य समय | सप्ताह में 8-10 घंटे |
| स्टाइपेंड | ₹6,064 प्रति माह |
| प्रमाणपत्र | डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से |
| अंतिम तिथि | 21 अगस्त 2026 |

