संवाददाता-दीप चंद्र दीक्षित
- फर्रुखाबाद में 98.51 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन
- मुडौल ग्राम पंचायत में सड़कों की मरम्मत से ग्रामीणों को राहत
- 1,604 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम पूरा
- अधिशासी अभियंता बोले- शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा
- जल सारथी और जल समाधान ऐप से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
- पेयजल के साथ सड़कें दुरुस्त रखना भी जरूरी
फर्रुखाबाद ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन का असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। फर्रुखाबाद जिले में योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। मुडौल ग्राम पंचायत में सड़क पुनर्स्थापना अभियान के तहत क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को पेयजल सुविधा के साथ आवागमन में भी राहत मिल रही है।जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए गांवों में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। इस प्रक्रिया में कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों और रास्तों की खुदाई करनी पड़ी थी। अब पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद संबंधित सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक खराब रास्तों की समस्या का सामना न करना पड़े।

फर्रुखाबाद में 98.51 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन
जल जीवन मिशन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फर्रुखाबाद जिले में कुल 2,52,320 घरों तक क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष अब तक 2,48,551 घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इस तरह जिले में निर्धारित लक्ष्य का 98.51 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।ये आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के विस्तार की स्थिति को दर्शाते हैं। घरों तक नल कनेक्शन पहुंचने से लोगों को पानी की उपलब्धता के लिए पहले की तरह वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, योजना का वास्तविक लाभ नियमित जलापूर्ति, पानी की गुणवत्ता और कनेक्शनों के लगातार क्रियाशील रहने पर भी निर्भर करता है।

मुडौल ग्राम पंचायत में सड़कों की मरम्मत से ग्रामीणों को राहत
मुडौल ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क पुनर्स्थापना का कार्य कराया जा रहा है। सड़क मरम्मत अभियान के तहत क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाया जा सके।स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा था। सड़क की स्थिति खराब होने से ग्रामीणों के दैनिक कामकाज और आवागमन पर असर पड़ रहा था। अब मरम्मत कार्य होने से रास्तों की स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा है।गांव के निवासी राम कुमार दुबे ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों की खुदाई की गई थी, लेकिन अब उनकी मरम्मत करा दी गई है। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी हो रही है। उन्होंने बताया कि घरों में दोनों समय पानी भी मिल रहा है, जिससे पेयजल संबंधी समस्या से राहत मिली है।इसी तरह अर्पित दुबे ने कहा कि घरों तक पानी पहुंचने के साथ सड़क की मरम्मत होने से ग्रामीणों को दोहरी सुविधा मिली है। पेयजल की उपलब्धता से लोगों को राहत मिल रही है, जबकि रास्ते दुरुस्त होने से आवागमन में होने वाली परेशानी कम हुई है। ग्रामीण राम किशोर के मुताबिक, पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क पर आरसीसी निर्माण कराया गया है। इससे रास्ते की स्थिति बेहतर हुई है और लोगों को आने-जाने में पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

1,604 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम पूरा
जल जीवन मिशन के तहत फर्रुखाबाद जिले में केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराने पर ही काम नहीं किया जा रहा है, बल्कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान प्रभावित हुई सड़कों को दोबारा दुरुस्त करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिले में कुल 1,638 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 1,604 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम पूरा किया जा चुका है। इस प्रकार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सड़क पुनर्स्थापना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।सड़कों की मरम्मत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन रास्तों का इस्तेमाल लोग खेतों तक पहुंचने, बाजार जाने, बच्चों के स्कूल आने-जाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए करते हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त रहने पर दोपहिया वाहनों, साइकिल सवारों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़कों को पहले जैसी स्थिति में लाना ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं का अहम हिस्सा है।
अधिशासी अभियंता बोले- शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा
जल जीवन मिशन के तहत सड़क मरम्मत की स्थिति को लेकर अधिशासी अभियंता कासिम हाशमी ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेष सड़क मरम्मत अभियान के तहत ऐसी सड़कों को ठीक कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। शिकायत मिलने पर संबंधित समस्या को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।सड़क पुनर्स्थापना का काम ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण पहलू है। पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी खुदाई के बाद रास्तों की मरम्मत कराना भी है, ताकि एक सुविधा उपलब्ध कराने के दौरान दूसरी बुनियादी सुविधा प्रभावित न रहे।
जल सारथी और जल समाधान ऐप से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
ग्रामीण क्षेत्रों में यदि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है या किसी स्थान पर सड़क की स्थिति खराब है, तो नागरिक संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए जल सारथी और जल समाधान ऐप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।इन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करते समय संबंधित स्थान की फोटो या वीडियो भी अपलोड की जा सकती है। इससे समस्या की पहचान करने और संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके अतिरिक्त नागरिक जल जीवन मिशन की हेल्पलाइन 18001212164 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।ग्रामीणों के लिए जरूरी है कि शिकायत करते समय समस्या वाले स्थान की सही जानकारी दें, ताकि संबंधित टीम के लिए मौके की पहचान करना आसान हो सके। शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी भी ली जा सकती है।
पेयजल के साथ सड़कें दुरुस्त रखना भी जरूरी
फर्रुखाबाद में जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन और सड़क मरम्मत से जुड़े आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की तस्वीर पेश करते हैं। जिले में 98.51 प्रतिशत घरों तक क्रियाशील नल कनेक्शन पहुंचने और 1,604 किलोमीटर सड़क की मरम्मत पूरी होने की जानकारी योजना के तहत हुए कार्यों को दर्शाती है।मुडौल ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएं भी बताती हैं कि पेयजल सुविधा और सड़क की बेहतर स्थिति का सीधा संबंध लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है। हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ लगातार मिलता रहे, इसके लिए नियमित जलापूर्ति, नल कनेक्शनों की कार्यशीलता और मरम्मत किए गए रास्तों की गुणवत्ता पर निगरानी जरूरी है।अब आगे की चुनौती शेष लक्ष्यों को पूरा करने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि जिन घरों तक कनेक्शन पहुंच चुके हैं, वहां नियमित रूप से पानी मिले और जिन सड़कों की मरम्मत हो चुकी है, वे उपयोग के लिहाज से सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहें। इससे जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर ग्रामीण परिवारों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
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