रिपोर्ट : मो अरशद
- हाईस्कूल में शानदार प्रदर्शन कर बनीं जिले की मेधावी छात्रा
- थाना प्रभारी बनकर की जनसुनवाई, शिकायतों के निस्तारण पर जोर
- मिशन शक्ति कार्यालय से मालखाने तक किया निरीक्षण
- गूलर तिराहे पर यातायात नियमों का दिया संदेश
- बाजार में पैदल गश्त, दुकानदारों को दिए निर्देश
- पिता और विद्यालयों के प्रधानाचार्य रहे मौजूद
- मिशन शक्ति से बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर
मुरादाबाद बेटियां आज शिक्षा से लेकर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी का उदाहरण मुरादाबाद के कुन्दरकी थाने में देखने को मिला, जहां मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत मेधावी छात्रा उदिति शर्मा को एक दिन के लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। थाना प्रभारी की भूमिका निभाते हुए उदिति ने न केवल जनसुनवाई की, बल्कि पुलिसकर्मियों को शिकायतों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद उन्होंने थाने के विभिन्न कार्यालयों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। छात्रा ने कस्बे के गूलर तिराहे पर पहुंचकर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया और बाजार में पैदल गश्त कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।मिशन शक्ति की इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना है। पुलिस की जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिलने से उदिति शर्मा ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, मेहनत और लगन के दम पर बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।


हाईस्कूल में शानदार प्रदर्शन कर बनीं जिले की मेधावी छात्रा
उदिति शर्मा ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुरादाबाद जिले में नौवां स्थान हासिल किया था। उन्होंने जिले के राजकीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि उत्तर प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में छठा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।उनकी इसी उपलब्धि और मेधावी छात्रा के रूप में पहचान को प्रोत्साहित करते हुए मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत उन्हें एक दिन के लिए थाना प्रभारी की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया। यह पहल छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों, नेतृत्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों को समझने के लिए प्रेरित करती है।कुन्दरकी थाने में जिम्मेदारी संभालने के दौरान उदिति शर्मा ने पुलिस के कामकाज को करीब से देखा। उन्होंने समझा कि थाने में आने वाले लोगों की शिकायतें सुनना, उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेना और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।


थाना प्रभारी बनकर की जनसुनवाई, शिकायतों के निस्तारण पर जोर
एक दिन की थाना प्रभारी के रूप में उदिति शर्मा ने सबसे पहले जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और प्राप्त प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जनसुनवाई पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। थाने पहुंचने वाले लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनना और शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करना जरूरी होता है। उदिति शर्मा ने इस प्रक्रिया को समझते हुए पुलिस की जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त किया।इस पहल ने छात्रा को प्रशासनिक कामकाज की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही, यह भी संदेश दिया कि नेतृत्व का अर्थ केवल किसी पद पर बैठना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं को समझना और जिम्मेदारी के साथ काम करना है।
मिशन शक्ति कार्यालय से मालखाने तक किया निरीक्षण
जनसुनवाई के बाद उदिति शर्मा ने कुन्दरकी थाने के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने मिशन शक्ति कार्यालय, मालखाना, हवालात, महिला बैरक, भोजनालय और थाना परिसर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया और पुलिस व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।थाने का निरीक्षण करते हुए उदिति ने पुलिस के दैनिक कामकाज, अभिलेखों के रखरखाव और परिसर में संचालित व्यवस्थाओं को करीब से देखा। महिला बैरक और मिशन शक्ति कार्यालय का निरीक्षण विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में उनकी जरूरतों को समझने का अवसर रहा।मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस अभियान के अंतर्गत छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने जैसी पहल उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने में मदद करती है।
गूलर तिराहे पर यातायात नियमों का दिया संदेश
थाने के निरीक्षण और जनसुनवाई के बाद उदिति शर्मा कस्बे के गूलर तिराहे पर पहुंचीं। यहां उन्होंने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने का संदेश दिया।इसके साथ ही वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और सड़क पर यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और लोगों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उदिति शर्मा की इस गतिविधि ने यह भी दिखाया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण और शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। आम नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना भी पुलिस व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
बाजार में पैदल गश्त, दुकानदारों को दिए निर्देश
यातायात जागरूकता अभियान के बाद उदिति शर्मा ने कस्बे के बाजार में पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने और दुकानों के सामने अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न करने की हिदायत दी।बाजारों में व्यवस्थित आवागमन बनाए रखना स्थानीय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसे में दुकानदारों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।पैदल गश्त के माध्यम से उदिति शर्मा ने कस्बे की बाजार व्यवस्था को समझा और लोगों से संबंधित जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त किया। उनकी इस भूमिका ने नेतृत्व, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।
पिता और विद्यालयों के प्रधानाचार्य रहे मौजूद
इस विशेष पहल के दौरान उदिति शर्मा के पिता संजय शर्मा भी मौजूद रहे। उनके साथ राजकीय हाईस्कूल हुसैनपुर छिरावली की प्रधानाचार्या बबीता मल्होत्रा और किसान पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मुताहिर अली खान भी उपस्थित रहे।उदिति शर्मा की शैक्षणिक उपलब्धि और उन्हें मिली यह जिम्मेदारी छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल के रूप में सामने आई। शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को इस प्रकार के अवसर मिलने से उन्हें अपने कौशल और क्षमताओं को पहचानने का मौका मिलता है।
मिशन शक्ति से बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत कुन्दरकी थाने में आयोजित यह गतिविधि बालिकाओं को आत्मविश्वासी, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई। एक दिन के लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी निभाकर उदिति शर्मा ने जनसुनवाई, पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण, यातायात जागरूकता और बाजार में व्यवस्था बनाए रखने जैसे कार्यों का अनुभव प्राप्त किया।इस पहल का व्यापक संदेश है कि बेटियों को अवसर मिलने पर वे जिम्मेदारियों को समझने और नेतृत्व करने की क्षमता प्रदर्शित कर सकती हैं। शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।मुरादाबाद के कुन्दरकी थाने में हुई यह पहल अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणादायक है। उदिति शर्मा की उपलब्धि बताती है कि मेहनत और लगन से सफलता हासिल की जा सकती है, जबकि मिशन शक्ति के तहत मिली जिम्मेदारी ने उन्हें पुलिस व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों को करीब से जानने का अवसर दिया। यह पहल बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें भविष्य में अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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