लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित और नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने कोडीन कफ सिरप की कथित तस्करी से जुड़े मामले में प्रयागराज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशुतोष, अमित और अनिकेश के रूप में बताई गई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप के साथ जेनेरिक दवाएं भी बरामद की गई हैं।एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद दवा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद की गई दवाएं कहां से लाई गई थीं और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
19 हजार से अधिक कोडीन सिरप की शीशियां बरामद
एसटीएफ के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 19 हजार से अधिक कोडीन कफ सिरप की शीशियां बरामद हुई हैं। इसके अलावा 61 हजार से अधिक जेनेरिक दवाएं भी टीम के हाथ लगी हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल चिंता का विषय बन सकता है। इसी वजह से दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री और सप्लाई को लेकर सुरक्षा एवं जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई करती रही हैं।

प्रयागराज से हुई तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
एसटीएफ की टीम ने इस मामले में प्रयागराज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में आशुतोष, अमित और अनिकेश शामिल हैं। शुरुआती कार्रवाई के बाद अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और अन्य दवाएं आरोपियों तक कैसे पहुंचीं। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद दवाओं की आगे सप्लाई कहां की जानी थी।
दवाओं की सप्लाई चेन की जांच में जुटी STF
बड़ी मात्रा में दवाओं की बरामदगी के बाद एसटीएफ अब कथित सप्लाई चेन की जांच कर रही है। टीम यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि दवाओं की खरीद, भंडारण और सप्लाई में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क केवल प्रयागराज तक सीमित था या इसके तार दूसरे जिलों अथवा राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।
61 हजार से ज्यादा जेनेरिक दवाएं भी मिलीं
इस कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कोडीन सिरप के साथ 61 हजार से अधिक जेनेरिक दवाएं बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं की मौजूदगी ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है।अब जांच एजेंसी इन दवाओं के स्रोत और उनके संभावित वितरण से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। दवाओं के दस्तावेज, खरीद और सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ का अगला लक्ष्य कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचना है। पूछताछ के दौरान आरोपियों से उनके संपर्कों और दवाओं की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद दवाओं की सप्लाई के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या आरोपी अपने स्तर पर इस गतिविधि में शामिल थे। हालांकि, इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अवैध दवा कारोबार पर कार्रवाई से बढ़ी हलचल
कोडीन सिरप की बड़ी खेप और हजारों जेनेरिक दवाओं की बरामदगी ने अवैध दवा कारोबार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। दवाओं की वैध खरीद-बिक्री और उनके अवैध इस्तेमाल के बीच अंतर की जांच करना एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब संबंधित एजेंसियां बरामद दवाओं की वैधता, उनके स्रोत और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दवाएं किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचीं।
पूछताछ के बाद सामने आ सकती हैं नई जानकारियां
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।फिलहाल एसटीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और जेनेरिक दवाएं बरामद की हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने और आधिकारिक स्तर पर अतिरिक्त जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एसटीएफ ने प्रयागराज में कार्रवाई करते हुए कोडीन कफ सिरप की कथित तस्करी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 19 हजार से अधिक कोडीन सिरप की शीशियां और 61 हजार से ज्यादा जेनेरिक दवाएं बरामद होने की बात सामने आई है। इसके बाद एजेंसी ने दवाओं के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं आरोपियों तक कैसे पहुंचीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। एसटीएफ की पूछताछ और आगे की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों को तलाशा जा रहा है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जांच में कौन-कौन से नाम सामने आते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।
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