लखनऊ राजधानी लखनऊ में पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में रामकिशोर वाल्मीकि की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी सूफिया बानो समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कथित प्रेम संबंध को लेकर चल रहे विवाद के बाद हत्या की साजिश रची गई। हत्या के बाद शव को लकड़ी के बक्से में छिपाया गया और बाद में ई-रिक्शा लोडर के जरिए कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।पुलिस ने मामले में हत्या में इस्तेमाल चाकू और वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद करने की बात कही है। एक नाबालिग को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान करीब 170 से 180 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में सूफिया बानो, मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या की घटना के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी।मामले में 17 सितंबर को कविता देवी की तहरीर पर हत्या और शव छिपाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया था।जांच टीमों ने घटनास्थल के आसपास के साथ-साथ ई-रिक्शे के संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
प्रेम संबंध को लेकर विवाद का दावा
पुलिस पूछताछ के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, सूफिया बानो और रामकिशोर के बीच करीब चार वर्ष से संबंध थे। पुलिस का कहना है कि लगभग दो वर्ष पहले दोनों ने निकाह किया था। बाद में रामकिशोर को कथित तौर पर सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ से संबंधों की जानकारी हुई।पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर रामकिशोर और सूफिया के बीच विवाद होने लगा था। पुलिस ने बताया कि रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता के पास जाने और उसे खर्च देने लगा था। सूफिया कथित तौर पर इसका विरोध करती थी।इसी विवाद को पुलिस हत्या की कथित साजिश की वजह के तौर पर देख रही है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोप और पूछताछ के दौरान पुलिस को मिली जानकारी जांच का हिस्सा हैं। घटना की पूरी परिस्थितियां न्यायिक प्रक्रिया में तय होंगी।

सोते समय हत्या करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 14 और 15 सितंबर की रात सूफिया ने कथित तौर पर मुन्ना और मो. इकबाल को अपने घर बुलाया। पुलिस का कहना है कि दरवाजा खुला छोड़ दिया गया, जिसके बाद दोनों आरोपी घर के अंदर पहुंचे।आरोप है कि उस समय रामकिशोर सो रहे थे और इसी दौरान उन पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, हमले में रामकिशोर की मौत हो गई।हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, फर्श की लिपाई कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद शव को लकड़ी के बक्से में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया।
बक्से में छिपाया शव, फिर नहर के पास फेंका
पुलिस के मुताबिक, शव को कुछ समय तक घर के अंदर लकड़ी के बक्से में छिपाकर रखा गया। इसके बाद 15 और 16 सितंबर की रात शव को ई-रिक्शा लोडर में रखा गया।पुलिस का दावा है कि आरोपी शव को लेकर कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया पहुंचे और वहां शव को फेंक दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ई-रिक्शे के संभावित रूट की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसी जांच से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बताए जा रहे ई-रिक्शा और चाकू को बरामद करने की बात कही है।
170 से 180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
इस हत्याकांड के खुलासे में पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया। पुलिस टीमों ने ई-रिक्शे के संभावित रास्तों पर लगे करीब 170 से 180 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।फुटेज के अलावा पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों की भी पड़ताल की। इसके बाद संदिग्धों से पूछताछ की गई और मामले में गिरफ्तारियां की गईं।पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद शव को छिपाने और ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में पूछताछ कर रही है।
नाबालिग को भी संरक्षण में लिया
मामले में एक नाबालिग के शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने उसे संरक्षण में लिया है। नाबालिग से संबंधित मामलों में कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है और घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच के बाद सामने आई वारदात की पूरी कड़ी
लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में हुई इस घटना की जांच में पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।फिलहाल पत्नी समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और एक नाबालिग को संरक्षण में लिए जाने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। हत्या की वास्तविक परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और अन्य पहलुओं का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।राजधानी में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर आपसी विवाद के हिंसक रूप लेने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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