लखनऊ उत्तर प्रदेश में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी बीमारियों के इलाज को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने नई पहल की है। अस्पताल ने घुटने और कूल्हे के प्रत्यारोपण के लिए विशेष रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत जॉनसन एंड जॉनसन की VELYS™ रोबोटिक असिस्टेड तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक का उद्देश्य डॉक्टरों को सर्जरी की बेहतर योजना बनाने, इम्प्लांट की स्थिति तय करने और मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार करने में सहायता देना है।इस पहल से घुटनों के दर्द, गठिया और कूल्हे के जोड़ से जुड़ी गंभीर समस्याओं से परेशान मरीजों को आधुनिक सर्जिकल तकनीक के साथ इलाज का विकल्प मिलेगा। अस्पताल के मुताबिक, इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रोबोटिक तकनीक और अपने चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर मरीजों का उपचार करेगी। इसमें पूरे घुटने का प्रत्यारोपण, घुटने के एक हिस्से का प्रत्यारोपण और पूरे कूल्हे का प्रत्यारोपण शामिल है।

क्या है VELYS रोबोटिक तकनीक और कैसे करती है मदद?
VELYS रोबोटिक असिस्टेड तकनीक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के दौरान सर्जन की सहायता करने वाली आधुनिक प्रणाली है। इसकी मदद से डॉक्टर ऑपरेशन की योजना तैयार करने और सर्जरी के दौरान महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को अधिक नियंत्रित तरीके से पूरा करने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।घुटने के प्रत्यारोपण में इस तकनीक का इस्तेमाल इम्प्लांट की स्थिति और जोड़ की बनावट से संबंधित निर्णयों में मदद के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य मरीज की शारीरिक संरचना और चिकित्सकीय जरूरतों के अनुरूप सर्जरी की योजना बनाना है। सर्जरी से जुड़े अंतिम निर्णय और प्रक्रिया का नियंत्रण विशेषज्ञ सर्जन के पास ही रहता है।अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, घुटने के प्रत्यारोपण के लिए VELYS सिस्टम में सर्जरी से पहले सीटी स्कैन कराने की आवश्यकता नहीं होती। इससे सर्जरी की योजना तैयार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिल सकती है। यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के उपचार में उपयोगी हो सकती है, जिनके लिए डॉक्टर घुटने के प्रत्यारोपण की सलाह देते हैं।
घुटने और कूल्हे के प्रत्यारोपण की मिलेगी सुविधा
मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ के नए कार्यक्रम के तहत तीन प्रमुख प्रकार की सर्जरी की सुविधा शामिल की गई है।
1. टोटल नी रिप्लेसमेंट: जब घुटने का जोड़ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है और दवाओं या अन्य उपचारों से पर्याप्त राहत नहीं मिलती, तब डॉक्टर पूरे घुटने के जोड़ को कृत्रिम इम्प्लांट से बदलने की सलाह दे सकते हैं। रोबोटिक असिस्टेड तकनीक इस प्रक्रिया की योजना बनाने में सर्जन की मदद कर सकती है।
2. पार्शियल नी रिप्लेसमेंट: कुछ मरीजों में घुटने का केवल एक हिस्सा प्रभावित होता है। ऐसे चुनिंदा मामलों में पूरे जोड़ के बजाय प्रभावित हिस्से का प्रत्यारोपण किया जा सकता है। इसका निर्णय मरीज की स्थिति, जांच और विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर लिया जाता है।
3. टोटल हिप रिप्लेसमेंट: कूल्हे के जोड़ में गंभीर क्षति, गठिया या अन्य समस्याओं के कारण चलने-फिरने में परेशानी होने पर पूरे जोड़ के प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ सकती है। इस सर्जरी का उद्देश्य दर्द कम करने और जोड़ की कार्यक्षमता में सुधार लाने में मदद करना होता है।
इन प्रक्रियाओं में कौन-सा विकल्प उपयुक्त होगा, यह हर मरीज की चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करता है।
इम्प्लांट की सटीक स्थिति तय करने में मिल सकती है मदद
जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में इम्प्लांट की स्थिति, जोड़ का संतुलन और मरीज की शारीरिक बनावट जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। रोबोटिक असिस्टेड तकनीक इन पहलुओं का आकलन करने और सर्जन को प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन देने में सहायता कर सकती है।इसका एक उद्देश्य सर्जरी को मरीज की जरूरत के अनुरूप तैयार करना है। तकनीक की मदद से डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकते हैं। हालांकि, सर्जरी का परिणाम केवल मशीन पर निर्भर नहीं करता। मरीज की उम्र, स्वास्थ्य, बीमारी की गंभीरता, सर्जन का अनुभव और ऑपरेशन के बाद पुनर्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।रोबोटिक तकनीक से सभी मरीजों में एक जैसे परिणाम मिलने या हर मामले में रिकवरी तेजी से होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। इसलिए उपचार से पहले मरीज को संभावित लाभ, जोखिम, विकल्प और ठीक होने में लगने वाले समय के बारे में अपने डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए।
प्रो. नरिंदर कुमार बोले—आधुनिक तकनीक से मरीजों को मिलेगा उपचार का विकल्प
इस कार्यक्रम की शुरुआत पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के सीनियर डायरेक्टर प्रो. (कर्नल) नरिंदर कुमार ने कहा कि रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कार्यक्रम शुरू करना लखनऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मरीजों तक आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ उपचार पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने कहा, “VELYS™ रोबोटिक असिस्टेड तकनीक की शुरुआत के साथ हमारा लक्ष्य मरीजों को तकनीक की मदद से अधिक सटीक सर्जरी के विकल्प देना है। साथ ही, इलाज में सुरक्षा, गुणवत्ता और हर मरीज की जरूरत का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता रहेगी।”इस पहल में आधुनिक तकनीक के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुभव भी महत्वपूर्ण रहेगा। अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को उनकी बीमारी और जरूरत के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम संभालेगी कार्यक्रम
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कार्यक्रम का संचालन ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी। इसमें शामिल हैं:
- प्रो. (कर्नल) नरिंदर कुमार — सीनियर डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. प्रसून कांत शमशेरी — डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. दिव्यांशु दत्त द्विवेदी — एसोसिएट डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. ऋषभ जायसवाल — सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. मोहित गेरा — एसोसिएट कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. सत्यम सिंह — एसोसिएट कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
- डॉ. बृजेंद्र सिंह — एसोसिएट कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट।
यह टीम जॉइंट रिप्लेसमेंट के साथ आर्थ्रोस्कोपी और खेल के दौरान लगने वाली चोटों से संबंधित उपचार भी उपलब्ध कराती है। अस्पताल के अनुसार, मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचार की योजना तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में आधुनिक हड्डी उपचार की दिशा में पहल
घुटने और कूल्हे की समस्याएं कई लोगों के लिए चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई पैदा कर सकती हैं। जब बीमारी गंभीर हो जाती है, तब कुछ मरीजों को जॉइंट रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की उपलब्धता उपचार के विकल्पों को विस्तार दे सकती है।मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ की इस पहल से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को रोबोटिक असिस्टेड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का विकल्प मिलेगा। हालांकि, हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी जरूरी या उपयुक्त हो, ऐसा नहीं है। इलाज का चुनाव बीमारी की स्थिति, जांच रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में VELYS रोबोटिक असिस्टेड तकनीक की शुरुआत घुटने और कूल्हे के प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नई सुविधा के रूप में देखी जा सकती है। इस कार्यक्रम में तकनीक और विशेषज्ञता के संयोजन के जरिए मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार उपचार देने पर जोर रहेगा।
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