एक पेड़ माँ के नाम’ से हरियाली का संदेश, न्यायपालिका ने बढ़ाया कदम

Editorial
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सिद्धार्थनगर। पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने के उद्देश्य से रविवार को जनपद न्यायालय परिसर, सिद्धार्थनगर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। न्यायपालिका और वन विभाग की संयुक्त सहभागिता से आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में पेड़ लगाना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।यह कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर श्री त्रिभुवन नाथ के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यायालय परिसर को हराभरा बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया।

इस अवसर पर माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय, अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो/एफटीसी) श्री वीरेन्द्र कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी-प्रथम श्री कनिष्क कुमार सिंह, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अरुण कुमार चतुर्थ, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) श्री शिवेन्द्र शर्मा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी-प्रथम श्री श्रेय कुमार वर्मा तथा क्षेत्रीय वन अधिकारी इटवा रेंज श्री ओम प्रकाश सहित न्यायालय एवं वन विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, लगातार घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल भी करे। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है।अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष धरती का जीवन हैं। पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण, छाया, फल और जल संरक्षण जैसी अनेक प्राकृतिक सौगातें प्रदान करते हैं। यदि आज अधिक से अधिक वृक्ष नहीं लगाए गए तो भविष्य में पर्यावरण असंतुलन की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ना चाहिए।

कार्यक्रम में लगाए गए पौधों में फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में न्यायालय परिसर अधिक हराभरा और स्वच्छ वातावरण वाला बन सके। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को लेकर उपस्थित न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि मां जीवन देने वाली होती है और वृक्ष जीवन बचाने वाले होते हैं। इसलिए इस अभियान के माध्यम से पौधारोपण को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो देश में हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकता है।कार्यक्रम के समापन पर सभी न्यायिक अधिकारियों, वन विभाग केअधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें।सिद्धार्थनगर जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायी संदेश बनकर सामने आया। न्यायपालिका की इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि “हर पौधा, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है।”

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