रिपोर्ट :मो अरशद
- वृद्धाश्रम में 133 बुजुर्गों से मिले डीएम, महीने में दो बार लगेगा स्वास्थ्य शिविर
- ‘रक्षाबंधन सिर्फ धागे का नहीं, स्नेह और सेवा का पर्व’
- वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं जानीं
- कुष्ठ आश्रम में बच्चियों ने बांधी राखी, तीन बेटियों की पढ़ाई में मदद का आश्वासन
- जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
मुरादाबाद रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज के उन लोगों तक अपनापन पहुंचाने का भी अवसर है, जिन्हें अक्सर परिवार और समाज की मुख्यधारा से दूर रहना पड़ता है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया रक्षाबंधन के अवसर पर जरूरतमंद और वंचित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर और कुष्ठ आश्रम का दौरा कर वहां रहने वाले लोगों से मुलाकात की और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं।इस दौरान वृद्ध महिलाओं, वन स्टॉप सेंटर की महिला स्टाफ और संवासिनियों के साथ-साथ कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों की बच्चियों ने जिलाधिकारी को राखी बांधी। डीएम ने भी सभी से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। उनके इस कदम से आश्रमों में रहने वाले लोगों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

वृद्धाश्रम में 133 बुजुर्गों से मिले डीएम, महीने में दो बार लगेगा स्वास्थ्य शिविर
रक्षाबंधन के अवसर पर जिलाधिकारी सबसे पहले दिल्ली रोड स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम पहुंचे। यहां मौजूद वृद्ध महिलाओं ने जिलाधिकारी को राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और विश्वास व्यक्त किया। डीएम ने वृद्धजनों से बातचीत कर उनके रहने, खाने, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।वर्तमान में इस वृद्धाश्रम में 133 वृद्धजन रह रहे हैं। बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के लिए माह में दो बार नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराया जाए, ताकि उनकी स्वास्थ्य जांच समय-समय पर हो सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

‘रक्षाबंधन सिर्फ धागे का नहीं, स्नेह और सेवा का पर्व’
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर बांधे जाने वाले एक धागे का त्योहार नहीं है। यह स्नेह, विश्वास, सम्मान, सेवा और अपनत्व के अटूट बंधन का पर्व है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद और वंचित लोगों के साथ पर्व की खुशियां साझा करना भी हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। जरूरतमंदों को सुविधाएं देने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।उन्होंने समाज के सक्षम और संभ्रांत वर्ग से भी आगे आने की अपील की। डीएम ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं जानीं
वृद्धाश्रम के बाद जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। यहां महिला स्टाफ और संवासिनियों ने डीएम को राखी बांधी। जिलाधिकारी ने सेंटर में उपलब्ध संसाधनों और महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता और सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने काउंसिलिंग प्रक्रिया को और प्रभावी तथा संवेदनशील बनाने पर जोर दिया।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने और योजनाओं के प्रचार-प्रसार को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में सेंटर पहुंचने वाली महिलाओं को समय पर सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन मिलना बेहद जरूरी है।
कुष्ठ आश्रम में बच्चियों ने बांधी राखी, तीन बेटियों की पढ़ाई में मदद का आश्वासन
इसके बाद जिलाधिकारी डबल फाटक स्थित शिवनगर कुष्ठ आश्रम पहुंचे। रक्षाबंधन के अवसर पर कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों की बच्चियों ने डीएम को राखी बांधी। बच्चियों से राखी बंधवाकर जिलाधिकारी ने उनके साथ बातचीत की और परिवारों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।आश्रम में रहने वाले लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर कुष्ठ रोग की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीएम ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।इस दौरान जिलाधिकारी ने एनजीओ के माध्यम से तीन बच्चियों को उच्च शिक्षा दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनके बेहतर भविष्य की नींव है और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए।रक्षाबंधन के मौके पर जिलाधिकारी की ओर से कुष्ठ आश्रम में रहने वाले परिवारों के लिए मिष्ठान और फलों का वितरण भी कराया गया। इससे आश्रम में रहने वाले लोगों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।
जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करने तक सीमित नहीं है। प्रशासन को समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों के बीच पहुंचकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी जरूरी है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ संवेदनशीलता, पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए।रक्षाबंधन के दिन मुरादाबाद डीएम का वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर और कुष्ठ आश्रम पहुंचना सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं रहा, बल्कि इस दौरान प्रशासन और जरूरतमंद लोगों के बीच अपनत्व का रिश्ता भी देखने को मिला। 133 बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए महीने में दो बार शिविर लगाने का निर्देश और तीन बच्चियों की उच्च शिक्षा में सहयोग का आश्वासन इस पहल को और महत्वपूर्ण बनाता है।
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