रिपोर्ट :मो. अरशद
- ‘श्रीजी’ मॉडल से हर मंगलवार होगी जटिल राजस्व मामलों की समीक्षा
- पीतल उद्योग और एमएसएमई को मिलेगी नई दिशा
- 371 बच्चों के मॉडल से मंडल में शुरू होगा ‘पोषण 2.0’
- महिला स्वास्थ्य पर HPV वैक्सीनेशन का होगा विस्तार
- सड़क सुरक्षा और जाम की समस्या पर भी फोकस
- प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव
- त्योहारों पर सौहार्द बनाए रखने की अपील
मुरादाबाद मुरादाबाद मंडल को नई मंडलायुक्त मिल गई हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संगीता सिंह ने मंगलवार, 25 अगस्त को मुरादाबाद मंडल के नए कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त सभागार में आयोजित पहली प्रेसवार्ता में उन्होंने मंडल के पांचों जिलों—मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, अमरोहा और रामपुर—के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं और कार्ययोजना साझा की।नवागत कमिश्नर ने साफ किया कि उनका फोकस केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, पोषण, महिला सुरक्षा, औद्योगिक विकास और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन में टीम बिल्डिंग और मेंटरशिप को अपनी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
‘श्रीजी’ मॉडल से हर मंगलवार होगी जटिल राजस्व मामलों की समीक्षा
मुरादाबाद मंडल में जमीन और राजस्व से जुड़े पुराने तथा जटिल विवादों के समाधान के लिए कमिश्नर संगीता सिंह अपना चर्चित ‘श्रीजी’ मॉडल लागू करेंगी। इस मॉडल के तहत प्रत्येक मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडल के एक जिले की सभी तहसीलों को जोड़ा जाएगा।हर तहसील से लंबे समय से लंबित और गंभीर प्रकृति के 5 से 6 जटिल राजस्व मामलों को चुना जाएगा। इन मामलों का कमिश्नर के सामने प्रेजेंटेशन कराया जाएगा। इसके बाद वह मामलों की बिंदुवार समीक्षा कर न्यायसंगत समाधान की दिशा तय करेंगी।इस पहल का उद्देश्य लोगों को जमीन और राजस्व विवादों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और भूमि विवादों पर प्रभावी नियंत्रण की कोशिश की जाएगी।
पीतल उद्योग और एमएसएमई को मिलेगी नई दिशा
दुनियाभर में अपनी पहचान रखने वाले मुरादाबाद के पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को लेकर भी नवागत कमिश्नर ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।मुरादाबाद के प्रमुख निर्यातकों, हस्तशिल्पियों और एमएसएमई उद्यमियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा जाएगा। औद्योगिक विकास में आने वाली बाधाओं को चिन्हित कर उनके समाधान की दिशा में काम किया जाएगा।पीतल उद्योग से जुड़े उद्यमियों की मार्केटिंग, उत्पादों की बिक्री, बिजली आपूर्ति, आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
371 बच्चों के मॉडल से मंडल में शुरू होगा ‘पोषण 2.0’
कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को लेकर भी कमिश्नर संगीता सिंह ने बड़ी योजना सामने रखी है। उनके पूर्व कार्यकाल में रामपुर और अलीगढ़ मंडल में सीएसआर फंड की मदद से कुपोषित बच्चों के लिए विशेष मॉडल लागू किया गया था।इस मॉडल में चार विकासखंडों के 371 गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया था। बच्चों को विशेष पोषण किट उपलब्ध कराने के साथ करीब छह महीने तक लगातार निगरानी की गई। प्रशासन के अनुसार, इस पहल के बाद करीब 350 बच्चे सामान्य श्रेणी में पहुंच गए।इसी सफल मॉडल को अब मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों में लागू करने की तैयारी है। सक्षम सामाजिक संस्थाओं और औद्योगिक घरानों के सहयोग से ‘पोषण 2.0’ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान, पोषण सहायता और नियमित निगरानी के जरिए उन्हें स्वस्थ श्रेणी में लाना होगा।

कमिश्नर संगीता सिंह की बाइट
“कुपोषण से प्रभावित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए पूर्व में अपनाया गया मॉडल प्रभावी रहा है। इसी अनुभव के आधार पर मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों में ‘पोषण 2.0’ को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें सामाजिक संस्थाओं और औद्योगिक घरानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।”
महिला स्वास्थ्य पर HPV वैक्सीनेशन का होगा विस्तार
महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी कमिश्नर ने विशेष प्राथमिकता बताई। उन्होंने एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीनेशन को मंडल में व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने की बात कही।सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में HPV वैक्सीनेशन को महत्वपूर्ण माना जाता है। कमिश्नर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर योजना के व्यापक विस्तार से पहले ही उन्होंने मंडल स्तर पर बालिकाओं और महिलाओं के लिए इस दिशा में अभियान शुरू कराया था। अब मुरादाबाद मंडल में भी इसे और विस्तार देने पर जोर रहेगा।
सड़क सुरक्षा और जाम की समस्या पर भी फोकस
मुरादाबाद मंडल में सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें कराने की बात कही गई है। इनमें दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।कमिश्नर ने संकेत दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव
संगीता सिंह के पास करीब तीन दशक का प्रशासनिक अनुभव है। वर्ष 1994 में पीसीएस अधिकारी के रूप में चयनित होने के बाद वर्ष 2015 में उन्हें 2009 बैच की आईएएस संवर्ग वरिष्ठता प्रदान की गई। वह सुल्तानपुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं।इसके अलावा वर्ष 2018 में वह उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की पहली स्टेट सीईओ रहीं। इस दौरान राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन के लिए ढांचा तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर के रूप में भी उन्होंने कई प्रशासनिक नवाचार किए। अब मुरादाबाद मंडल की कमान संभालने के बाद उनके अनुभव का लाभ पांचों जिलों को मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों पर सौहार्द बनाए रखने की अपील
कार्यभार संभालने के बाद कमिश्नर ने सावन, रक्षाबंधन और मिलादुन्नबी जैसे त्योहारों के अवसर पर मंडलवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नागरिकों और सामाजिक संगठनों से आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी से त्योहारों को आपसी सद्भाव के साथ मनाने और मंडल के विकास में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
नई कमिश्नर की प्राथमिकताओं से उम्मीदें बढ़ीं
संगीता सिंह के कार्यभार संभालने के साथ मुरादाबाद मंडल में प्रशासनिक स्तर पर नई कार्यशैली की शुरुआत के संकेत मिले हैं। ‘श्रीजी’ मॉडल के जरिए राजस्व विवादों का त्वरित समाधान, ‘पोषण 2.0’ के जरिए कुपोषण पर प्रहार, HPV वैक्सीनेशन का विस्तार, पीतल उद्योग और एमएसएमई को सहयोग तथा सड़क सुरक्षा पर सख्ती—ये सभी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।अब देखने वाली बात होगी कि इन योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। यदि प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी बनी रहती है तो इन पहलों का सीधा लाभ मुरादाबाद मंडल के लोगों तक पहुंच सकता है।
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