लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड और ‘ब्लैकमेल क्वीन’ के नाम से बदनाम मुख्य आरोपी मॉडल व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे की फरारी ने सूबे के पुलिस महकमे को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। 10 दिनों से फरार चल रही 50 हजार की इनामी श्रद्धा दुबे पुलिस की नाक के नीचे से न केवल नेपाल से लखनऊ हाई कोर्ट आ पहुंची, बल्कि एक्सप्रेसवे पर राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (ANI) को खुलेआम इंटरव्यू देकर फिर से रफूचक्कर हो गई। खाकी को खुलेआम चुनौती देने वाले इस वीडियो और नए वायरल ऑडियो के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट पर बड़ा हंटर चलाया है। 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और आईपीएस व डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को हटाने के बाद अब एसीपी हजरतगंज रजनीश कुमार वर्मा को भी पद से हटा दिया गया है।

पुलिस को चकमा देकर हाई कोर्ट से एक्सप्रेसवे तक का सफर: खाकी की भारी किरकिरी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) की घोर लापरवाही और नाकामी तब बेनकाब हुई, जब मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे का एक के बाद एक दो वीडियो और धमकी भरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। खुफिया और सर्विलांस टीमों को चकमा देकर श्रद्धा दुबे, उसकी सगी बहन रश्मि दुबे और वफादार ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर सोनौली बॉर्डर (नेपाल) के रास्ते वापस यूपी में दाखिल हुए।

हैरत की बात यह है कि श्रद्धा दुबे लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में पहुंची, जहां उसने अपने वकीलों से मुलाकात की और कुछ अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद वह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पहुंची, जहां उसने बुर्का पहनकर और चेहरे से नकाब हटाकर मीडिया को बेधड़क इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उसने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा शर्मा ने कर्ज से परेशान होकर चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। उसने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसके अपार्टमेंट का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सार्वजनिक किया जाए, तो उसका सच सामने आ जाएगा। लखनऊ पुलिस की इतनी भारी घेराबंदी के बावजूद आरोपी का शहर में आकर इंटरव्यू देकर सुरक्षित निकल जाना पुलिसिंग पर एक बड़ा धब्बा बन गया है।
शासन का बड़ा एक्शन: इंस्पेक्टर और डीसीपी के बाद अब एसीपी रजनीश वर्मा भी नपे
सीएमओ (CMO) और डीजीपी (DGP) मुख्यालय के कड़े रुख के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने घोर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर एक के बाद एक बड़ी गाज गिराई है:
- इंस्पेक्टर विक्रम सिंह (हजरतगंज कोतवाली): केस की शुरुआत में ढीली पैरवी करने और वीआईपी क्षेत्र में आरोपी की हलचल न भांप पाने के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया।
- IPS विक्रांत वीर (DCP सेंट्रल): 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी विक्रांत वीर को डीसीपी सेंट्रल के पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध (प्रतीक्षा सूची) कर दिया गया है।
- ACP रजनीश कुमार वर्मा (हजरतगंज): लापरवाही की आंच केवल इंस्पेक्टर और डीसीपी तक सीमित नहीं रही। इस मामले में ढिलाई बरतने के आरोप में अब एसीपी (ACP) रजनीश कुमार वर्मा को भी उनके पद से हटा दिया गया है।एक ही हत्याकांड और आरोपी की फरारी के चलते कमिश्नरेट के तीन बड़े स्तर के अधिकारियों का हटाया जाना हाल के दिनों का सबसे सख्त प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।
‘ब्लैकमेल क्वीन’ का शातिर नेटवर्क: ड्राइवर ने खोले कई सनसनीखेज राज
शिवा शर्मा की मौत के बाद हिरासत में लिए गए श्रद्धा के करीबियों और उसके पूर्व ड्राइवर ने पुलिस की पूछताछ में श्रद्धा दुबे के काले कारनामों की पूरी कुंडली खोलकर रख दी है। ड्राइवर के बयानों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे दिन में कोई काम नहीं करती थी और शाम 5 बजे के बाद ही अपनी लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर निकलती थी। वह हजरतगंज, किसान बाजार और शहर के नामी क्लबों और महंगे कैफे के बाहर मंडराती थी। उसका मुख्य मकसद शहर के अमीर और रईसजादों को अपने जाल में फंसाना होता था। गाड़ी का शीशा नीचे कर वह रईस लड़कों का ध्यान आकर्षित करती थी और दोस्ती के बाद पेट्रोल से लेकर अपने महंगे मेकअप और ऐश-ओ-आराम का पूरा खर्च उन्हीं से वसूलती थी। इतना ही नहीं, वह लड़कों को डराने-धमकाने और उनके साथ मारपीट करने के लिए ट्रांसजेंडर लड़कियों के एक विशेष ग्रुप का सहारा लेती थी, ताकि कोई भी पीड़ित समाज के डर से मुंह न खोल सके।

वायरल ऑडियो: “पार्टी इन जेल” और अश्लील वीडियो का डर
शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने पहले ही आरोप लगाया था कि श्रद्धा दुबे उनके बेटे को आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। हाल ही में वायरल हुए एक नए ऑडियो ने इस दावे को और पुख्ता कर दिया है। इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में श्रद्धा दुबे, शिवा शर्मा पर चिल्लाती हुई सुनी जा रही है। वह शिवा से किसी फ्लैट में हुई कथित चोरी और ‘संजय सर’ नामक किसी रसूखदार व्यक्ति का जिक्र कर रही है। जब शिवा किसी पार्टी में जाने की बात करता है, तो श्रद्धा गुस्से में कहती है, “तुझे पार्टी करनी है… तू जेल में पार्टी करेगा, तू मुझे ट्रिगर कर रहा है।” यह ऑडियो साबित करता है कि शिवा शर्मा मौत से पहले मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित थे। गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को जब शिवा की लाश अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे मिली, तो वह सिर्फ अंडरवियर में थे, उनके चेहरे पर लिपस्टिक लगी हुई थी और उनके शरीर पर सिगरेट से जलाए जाने के गंभीर निशान मिले थे।
आरोपियों पर इनाम बढ़कर हुआ ₹50,000; शरण देने वाले 5 मददगारों पर FIR
पुलिस ने अब श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश पर घोषित इनाम की राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50-50 हजार कर दिया है। एसटीएफ और पुलिस की 10 से अधिक टीमें अब श्रद्धा के मददगारों के उस नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं, जिन्होंने उसे फरारी के दौरान नेपाल और आगरा में शरण दी थी। पुलिस ने श्रद्धा दुबे को छिपने में मदद करने वाले 5 करीबियों की पहचान कर ली है और उन पर भी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की जा रही है। इसके अलावा, श्रद्धा दुबे की मुश्किलें अन्य जिलों में भी बढ़ रही हैं; सहारनपुर की एसीजेएम-II (ACJM-II) कोर्ट ने एक पुराने धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले में श्रद्धा को आगामी 30 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का कड़ा समन जारी कर रखा है।लखनऊ पुलिस के लिए यह केस अब साख की लड़ाई बन चुका है। तीन बड़े अधिकारियों की छुट्टी होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट का पूरा ध्यान अब सोशल मीडिया और मीडिया के कैमरों के सामने पुलिस को ठेंगा दिखाने वाली ‘हनीट्रैपर’ श्रद्धा दुबे को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने पर टिका है।
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