सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम की जान: रायबरेली में साल भर से खुले पड़े मौत के नाले में डूबकर ढाई साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार पर फूटा गुस्सा

Editorial
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लालगंज (रायबरेली) सरकारी सिस्टम की घोर लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी का एक और खौफनाक खामियाजा एक बेकसूर मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है। रायबरेली के लालगंज कस्बे के घोसियाना मोहल्ले (वार्ड नंबर 12) में बृहस्पतिवार की शाम एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर खेल रहा ढाई साल का मासूम अल्तमस उर्फ अरहम, नगर पंचायत द्वारा खुले छोड़े गए एक गहरे और गंदे निर्माणाधीन नाले में गिर गया। जब तक परिजनों को भनक लगी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। करीब एक घंटे बाद नाले के गंदे पानी में मासूम का शव उतराता हुआ मिला, जिसे देखकर पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई।

खेलते-खेलते मौत के जाल में समा गया अरहम

मोहल्ला निवासी आजम का ढाई साल का बेटा अरहम हर रोज की तरह बृहस्पतिवार शाम को अपने घर के बाहर खेल रहा था। घर के ठीक पास ही पिछले एक साल से एक गहरे नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे ठेकेदार ने बिना किसी सुरक्षा घेरे (बैरीकेडिंग) के पूरी तरह खुला छोड़ रखा है। खेलते-खेलते अरहम अचानक उस गहरे और गंदे पानी से लबालब भरे नाले में समा गया।काफी देर तक जब बच्चा दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने बदहवास होकर खोजबीन शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जब नाले के भीतर देखा गया, तो मासूम का शव पानी के ऊपर तैर रहा था। परिजन आनन-फानन में उसे उठाकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत से मां बदहवास, पूरे इलाके में पसरा सन्नाटा

डॉक्टरों द्वारा अरहम को मृत घोषित करते ही अस्पताल से लेकर घोसियाना मोहल्ले तक कोहराम मच गया। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां अल्फिया बदहवास हो गईं और रोते-रोते बेहोश होने लगीं। पिता आजम की आंखें पथरा गई हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन लीं। रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन हर आंख नम है और हर दिल में भारी आक्रोश है।

आक्रोशित जनता का सीधा आरोप: “यह हादसा नहीं, प्रशासन और ठेकेदार द्वारा की गई हत्या है!”

इस खौफनाक हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ भारी गुस्सा है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि वार्ड नंबर 12 में पिछले करीब एक साल से इस नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार बेहद कछुआ गति (धीमी रफ्तार) से काम कर रहा है और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है।

 अगर समय रहते इस नाले का निर्माण पूरा हो गया होता, या फिर सुरक्षा के लिए इसे ढक कर रखा गया होता, तो आज आजम का इकलौता चिराग बुझने से बच जाता। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी का नतीजा है।” — मोहल्ले के गुस्साए लोग

देर रात तक इलाके में तनाव और शोक का माहौल बना रहा। स्थानीय लोग अब लापरवाह ठेकेदार और मूकदर्शक बने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

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