रात शराब पार्टी, सुबह भीषण आग… स्टे-इन फ्लैट छोड़कर भागे युवक

Editorial
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लखनऊ राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बहुमंजिला अपार्टमेंट के पेंटहाउस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा कमरा धू-धू कर जलने लगा और आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोग दहशत में बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से संचालित हो रहे ‘स्टे-इन’ कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह आठ बजे मची अफरा-तफरी

यह घटना चिनहट थाना क्षेत्र के नंदी विहार स्थित एक्यूएस हाइट अपार्टमेंट के पेंटहाउस में हुई। सोमवार सुबह करीब आठ बजे अचानक पेंटहाउस से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की भयावहता देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।कुछ ही देर में दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कमरे का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।

रातभर चली शराब पार्टी, सुबह लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस पेंटहाउस में आग लगी, वहां रविवार देर रात तक कुछ युवक मौजूद थे। आरोप है कि वहां शराब पार्टी चल रही थी और देर रात तक शोर-शराबा होता रहा।सुबह अचानक आग लगने के बाद वहां मौजूद युवकों में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस, फायर ब्रिगेड या बिल्डिंग के लोगों को देने के बजाय पहले शराब की बोतलें और अपना सामान समेटा और फिर चुपचाप मौके से फरार हो गए।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल विभाग नहीं पहुंचता तो आग पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले सकती थी।

रिहायशी बिल्डिंग में चल रहा था अवैध ‘स्टे-इन’ कारोबार

घटना के बाद सामने आए आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक्यूएस हाइट अपार्टमेंट पूरी तरह रिहायशी परिसर है, लेकिन यहां लंबे समय से नियमों की अनदेखी करते हुए फ्लैटों और पेंटहाउस को व्यावसायिक रूप से ‘स्टे-इन’ और पार्टी के लिए किराए पर दिया जा रहा था।लोगों का आरोप है कि तौकीर अहमद नाम के व्यक्ति द्वारा पेंटहाउस समेत कई कमरों को ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के जरिए किराए पर उपलब्ध कराया जाता था, जबकि इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।

कई बार हुई शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय लोगों का दावा है कि बिल्डिंग में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पहले भी कई बार पुलिस और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से शिकायत की गई थी।निवासियों का आरोप है कि देर रात तक शराब पार्टियां, बाहरी लोगों की आवाजाही और हंगामे की घटनाएं आम हो चुकी थीं। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।अब आग की घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस और दमकल विभाग कर रहे जांच

घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और फायर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या अन्य कारणों को लेकर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है ताकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पेंटहाउस में ठहरे युवक कौन थे, वहां किस आधार पर रुके थे और घटना के बाद बिना सूचना दिए क्यों फरार हो गए।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने अपार्टमेंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है। फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जो आग लगने से पहले और बाद में पेंटहाउस में मौजूद थे।यदि जांच में यह सामने आता है कि आग लगने के बाद जानबूझकर सूचना छिपाई गई या साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

अवैध गतिविधियों पर उठे बड़े सवाल

यह घटना केवल आग लगने तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी में रिहायशी इमारतों के व्यावसायिक दुरुपयोग की ओर भी इशारा करती है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला भवन नियमों के उल्लंघन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का भी बन सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारण, संपत्ति को हुए नुकसान और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी की जांच पुलिस और संबंधित विभाग कर रहे हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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