रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है। लालगंज कोतवाली क्षेत्र से 16 अक्टूबर को लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी का शव करीब 14 दिन बाद बरामद हुआ है। जिस बेटी की तलाश में परिवार दो सप्ताह से परेशान था, उसकी मौत की खबर ने परिजनों को तोड़कर रख दिया। पुलिस ने इस मामले में किशोरी के पूर्व सहपाठी रौनक यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। उसकी निशानदेही पर शव के साथ कथित वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान की बरामदगी भी की गई है।पुलिस की शुरुआती आरोपी और किशोरी पहले एक साथ पढ़ते थे और इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई थी। बाद में बातचीत बंद होने और फिर दोबारा संपर्क शुरू होने के बीच पैदा हुए विवाद को पुलिस हत्या की कथित वजह मानकर जांच कर रही है। आरोप है कि आरोपी किशोरी को मिलने के बहाने अपने साथ ले गया और इसके बाद उसकी हत्या कर दी। मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

16 अक्टूबर को अचानक लापता हुई थी किशोरी
लालगंज क्षेत्र के साकेत नगर निवासी किशोरी 16 अक्टूबर की शाम घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।किशोरी के अचानक लापता होने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई। इसके बाद 19 अक्टूबर को उसकी मां की तहरीर पर लालगंज कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किशोरी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उसके स्कूल, परिचितों और सहेलियों से जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने अलग-अलग संभावित पहलुओं पर पड़ताल की और संदिग्धों से पूछताछ भी की।

सहेली से मिले सुराग ने जांच को दी नई दिशा
मामले की जांच के दौरान किशोरी की एक सहेली से मिली जानकारी पुलिस के लिए अहम साबित हुई। बताया गया कि उसने किशोरी को रौनक यादव के साथ जाते देखा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों की जांच की और उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।शुरुआती पूछताछ में आरोपी पर पुलिस को गुमराह करने का संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर उससे आगे पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान मामले की कई अहम कड़ियां सामने आईं और आरोपी की निशानदेही पर किशोरी के शव तक पहुंचा जा सका।
मंदिर जाने के बहाने साथ ले जाने का आरोप
16 अक्टूबर को आरोपी ने किशोरी को मिलने के बहाने बुलाया था। इसके बाद वह उसे बाइक से ऐहार स्थित बाल्हेश्वर मंदिर ले गया। बताया गया है कि वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि इसके बाद आरोपी किशोरी को नहर पटरी की ओर ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और वहां से चला गया। मामले की जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियां क्या थीं तथा इस पूरी वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।
सूखी नहर की झाड़ियों से बरामद हुआ शव
करीब दो सप्ताह तक किशोरी का कोई पता नहीं चलने के बाद 30 अक्टूबर को पुलिस आरोपी की निशानदेही पर आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) के पश्चिमी यार्ड के पास पहुंची। वहां सूखी नहर के किनारे झाड़ियों में किशोरी का शव बरामद किया गया। काफी समय बीत जाने के कारण शव की पहचान करना आसान नहीं था। परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान की।शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कथित वारदात में इस्तेमाल चाकू और दुपट्टा भी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। इन साक्ष्यों की जांच मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण हो सकती है।
बातचीत बंद होने और शक को बताया जा रहा वजह
पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी और किशोरी करीब दो साल पहले साथ पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हुई थी। पुलिस का कहना है कि लगभग छह महीने पहले किशोरी ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इससे वह नाराज था। कुछ समय पहले दोनों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई तो आरोपी ने कथित तौर पर किशोरी के अन्य लोगों से संपर्क को लेकर शक जताया।पुलिस इसी विवाद को हत्या के पीछे की संभावित वजह मान रही है। हालांकि, किसी भी तरह का शक, नाराजगी या निजी विवाद किसी अपराध को जायज नहीं ठहरा सकता। मामले में सामने आए इन तथ्यों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जुटा रही अन्य साक्ष्य
लालगंज पुलिस ने आरोपी रौनक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर शव और कथित वारदात से जुड़े सामान की बरामदगी की गई है। घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी जांच की दिशा तय करने में अहम होंगे।पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों और साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप एकत्र किया जाए। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
एक परिवार की उम्मीद टूटी, कई सवाल छोड़ गया मामला
रायबरेली की यह घटना एक परिवार के लिए कभी न भरने वाला दुख छोड़ गई है। 14 दिनों तक बेटी की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को आखिरकार उसकी मौत की खबर मिली। इस मामले ने एक बार फिर किशोरियों की सुरक्षा, भरोसे के दुरुपयोग और निजी विवादों में हिंसा की गंभीरता को सामने रखा है।पुलिस की जांच जारी है। यह मामला केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है; जरूरी है कि बरामद साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को कानून के मुताबिक सजा मिले। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी।
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