लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सरकारी दफ्तरों के प्रमुख केंद्र जवाहर भवन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित कैंटीन में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे भवन में धुआं फैलने लगा और वहां मौजूद कर्मचारियों एवं अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले भवन की ऊपरी मंजिल पर स्थित कैंटीन से उठती दिखाई दी। देखते ही देखते आग ने पूरे कैंटीन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे कर्मचारी अचानक उठते धुएं को देखकर बाहर की ओर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर लोगों से भर गया और सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत सक्रिय करना पड़ा।
सरकारी दफ्तरों का बड़ा केंद्र है जवाहर भवन
जवाहर भवन उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवन है, जहां कई विभागों के प्रमुख कार्यालय संचालित होते हैं। प्रतिदिन यहां हजारों अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक अपने विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए आते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण भवन में आग लगने की घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।आग लगने की सूचना मिलते ही भवन के भीतर मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया। सुरक्षा कर्मियों ने पूरे परिसर को खाली कराया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो और दमकल कर्मियों को राहत कार्य में कोई परेशानी न आए।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही फायर विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया। दमकल कर्मियों ने ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए विशेष उपकरणों और हाई-प्रेशर वाटर जेट का इस्तेमाल किया। आग ऊपरी मंजिल पर होने के कारण उसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।फायर ब्रिगेड की टीम ने भवन के अंदर धुएं को बाहर निकालने के लिए विशेष व्यवस्था भी की, जिससे राहत कार्य तेज गति से चल सके। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश जारी रही।
धुएं से भर गया पूरा भवन
आग के कारण पूरे भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि समय रहते भवन को खाली करा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें काफी तेज थीं और ऊपरी मंजिल से निकलता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने घटना के वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
फिलहाल आग लगने के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फायर विभाग और संबंधित एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी भवनों में नियमित रूप से बिजली की वायरिंग, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों की जांच बेहद जरूरी होती है। यदि समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट न हो तो इस तरह की घटनाएं बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने फायर विभाग से आग लगने के कारणों और नुकसान का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि भवन में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम ने समय पर काम किया या नहीं।यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

बड़ा हादसा टला
राहत की बात यह रही कि समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। हालांकि कैंटीन में रखा फर्नीचर, विद्युत उपकरण और अन्य सामान आग की चपेट में आकर जल गया। नुकसान का सही आकलन आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी भवनों में से एक जवाहर भवन में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे भवनों में नियमित फायर ड्रिल, आधुनिक अग्निशमन प्रणाली, स्मोक डिटेक्टर और इमरजेंसी निकासी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रहनी चाहिए।सरकारी भवनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में यदि आग जैसी घटना पर समय रहते नियंत्रण न पाया जाए तो यह बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
दमकल विभाग की लगातार कोशिशों के बाद आग पर नियंत्रण पाने का अभियान जारी है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आग लगने के वास्तविक कारण, नुकसान की मात्रा और सुरक्षा संबंधी खामियों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि समय रहते भवन को खाली करा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवन में लगी इस आग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।
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