शिवा शर्मा केस: मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे को यूपी एसटीएफ (UP STF) और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की नाक के नीचे से मीडिया को इंटरव्यू देकर फरार होने वाली ‘ब्लैकमेल क्वीन’ श्रद्धा दुबे केसाथ उसकी सगी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को भी नागपुर क्राइम ब्रांच के सहयोग से दबोच लिया गया है।10 दिनों से उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ को लगातार छका रही श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी से पुलिस महकमे ने बड़ी राहत की सांस ली है।
नागपुर में एसटीएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन: ऐसे चढ़ी हत्थे
कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही श्रद्धा दुबे लगातार अपनी लोकेशन बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह नेपाल बॉर्डर से लेकर आगराऔर  फिर फ्लाइट के जरिए महाराष्ट्र के नागपुर जा पहुंची थी।यूपी एसटीएफ की लखनऊ और वाराणसी यूनिट को पुख्ता डिजिटल इनपुट और सर्विलांस के जरिए नागपुर में उसके छिपे होने की सटीक लोकेशन मिली। इसके बाद नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया गया। नागपुर क्राइम ब्रांच के सहयोग से घेराबंदी कर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
बुर्का, फर्जी पहचान और एंटीसिपेटरी बेल की फिराक
तफ्तीश में सामने आया है कि फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार बुर्के का इस्तेमाल कर रही थी। वह कानूनी शिकंजे से बचने के लिए वकीलों के संपर्क में थी और अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की जुगत में लगी हुई थी। एसटीएफ की सक्रियता के चलते उसकी यह रणनीति धरी की धरी रह गई।
हत्याकांड जिसने हिला दिया था लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर रेस्टोरेंट संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन ने शिवा को प्रेमजाल और ब्लैकमेलिंग में फंसा रखा था।फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने खुलेआम मीडिया को इंटरव्यू देकर दावा किया था कि शिवा ने कर्ज के चलते आत्महत्या की है। पुलिस को चकमा देकर मीडिया के सामने आने के इस घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे में भारी फेरबदल हुआ था—हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, एसीपी रजनीश वर्मा और डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद आरोपियों पर इनाम की राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 किया गया था।नागपुर से हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस श्रद्धा दुबे को रिमांड पर लेकर शिवा शर्मा की मौत के वास्तविक कारणों, ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट और उसे फरारी में शरण देने वाले मददगारों के नेटवर्क को लेकर कड़ी पूछताछ करेगी।
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