सिद्धार्थनगर पारिवारिक विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे परिवारों को फिर से जोड़ने के लिए सिद्धार्थनगर महिला थाना की मिशन शक्ति केंद्र टीम लगातार काउंसलिंग कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को 15 ऐसे दंपतियों के बीच चल रहे विवाद और मनमुटाव को बातचीत और समझाइश के जरिए दूर कराया गया। काउंसलिंग के बाद सभी 15 जोड़ों ने आपसी मतभेद समाप्त कर साथ रहने की सहमति जताई, जिसके बाद उन्हें खुशी-खुशी एक साथ घर भेजा गया।पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों में आपसी संवाद, विश्वास और सामंजस्य को दोबारा स्थापित करना भी है। महिला थाना की मिशन शक्ति केंद्र टीम की लगातार काउंसलिंग से सावन माह में कुल 39 परिवारों के विवादों का समाधान कर उन्हें साथ रहने के लिए राजी किया गया।
महिला थाना में हुई 15 मामलों की काउंसलिंग
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डाॅ. अभिषेक महाजन के नेतृत्व और अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के निर्देशन में महिला थाना की मिशन शक्ति केंद्र टीम पारिवारिक विवादों के मामलों में लगातार काउंसलिंग कर रही है। क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में चल रही इस पहल के तहत सोमवार को 15 मामलों में दोनों पक्षों को महिला थाना बुलाया गया।काउंसलिंग टीम ने पति-पत्नी की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोनों पक्षों की बात जानने के बाद बातचीत, समझाइश और आपसी संवाद के माध्यम से विवाद की वजहों को समझने का प्रयास किया गया। टीम ने दंपतियों को आपसी मतभेद बातचीत से दूर करने और परिवार में विश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।काउंसलिंग के बाद सभी 15 जोड़ों ने अपने मतभेद समाप्त कर एक साथ रहने की सहमति जताई। इसके बाद महिला थाना परिसर से उन्हें एक साथ घर के लिए विदा किया गया।
सावन माह में 39 परिवारों को फिर जोड़ा
महिला थाना की मिशन शक्ति केंद्र टीम के अनुसार, पूरे सावन माह में पारिवारिक विवादों से जुड़े कुल 39 मामलों का काउंसलिंग के माध्यम से समाधान कराया गया। विवादों को सुलझाने के बाद संबंधित परिवारों और दंपतियों को साथ रहने के लिए विदा किया गया।पुलिस की इस पहल से कई परिवारों में दोबारा संवाद स्थापित हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक विवादों में कई बार बातचीत की कमी के कारण गलतफहमियां बढ़ जाती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित काउंसलिंग की जाए तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है।
मिशन शक्ति केंद्र निभा रहा अहम भूमिका
सिद्धार्थनगर महिला थाना में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रहा है। केंद्र के माध्यम से महिलाओं से जुड़े मामलों में उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं और आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग कर समाधान का प्रयास किया जाता है।पुलिस की ओर से इस पहल के जरिए यह संदेश भी दिया जा रहा है कि पारिवारिक विवादों को केवल कानूनी कार्रवाई के जरिए ही नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से भी सुलझाने का प्रयास किया जा सकता है।हालांकि गंभीर आपराधिक मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी होती है। काउंसलिंग का उद्देश्य ऐसे मामलों में आपसी सहमति और संवाद की संभावना तलाशना है, जहां दोनों पक्ष साथ रहकर विवाद खत्म करना चाहते हैं।

प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के नेतृत्व में काउंसलिंग
सोमवार को हुई काउंसलिंग का नेतृत्व महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक श्रीमती भाग्यवती पाण्डेय ने किया। उन्होंने दोनों पक्षों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आपसी बातचीत के जरिए विवाद दूर करने का प्रयास किया।काउंसलिंग टीम ने पति-पत्नी को परिवार में आपसी सम्मान, विश्वास और संवाद बनाए रखने की सलाह दी। समझाइश के बाद जब दोनों पक्ष साथ रहने के लिए सहमत हुए तो उन्हें एक साथ विदा किया गया।इस पूरी प्रक्रिया में महिला थाना की काउंसलिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में महिला हेड कांस्टेबल आशा, महिला हेड कांस्टेबल रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, महिला आरक्षी संगीता, महिला आरक्षी शिखा खरवार, महिला आरक्षी प्रगति राय और महिला आरक्षी शिवानी सिंह शामिल रहीं।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े थे मामले
सोमवार को काउंसलिंग के बाद साथ भेजे गए दंपतियों के मामले सिद्धार्थनगर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से संबंधित थे। इनमें सेमर हुसैन बक्स, रामगढ़, बेलबेनवा, केवटलिया, पिपरी, मुड़ीला बुजुर्ग, भगवानपुर, खेतवल तिवारी, बसंतपुर, गोहर, कूल्हई, पिपरा रामलाल, बेदौलगढ़ और प्राणपुर समेत कई गांवों के परिवार शामिल रहे।कुछ मामले बांसी, इटवा, चिल्हियां, जोगिया, मोहाना, शोहरतगढ़, उसका बाजार, पथरा बाजार और डुमरियागंज थाना क्षेत्रों से संबंधित थे। एक मामला संतकबीरनगर जनपद के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र से भी जुड़ा बताया गया।काउंसलिंग के बाद सभी संबंधित दंपतियों ने आपसी मतभेद खत्म कर साथ रहने की सहमति व्यक्त की।
परिवारों को टूटने से बचाने पर जोर
महिला थाना की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विवादों के कारण अलग हो रहे परिवारों को संवाद के जरिए जोड़ना है। पुलिस का मानना है कि पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवाद यदि शुरुआती स्तर पर बातचीत के माध्यम से सुलझा लिया जाए तो परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है।मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी पारिवारिक समस्याओं को भी सुना जा रहा है। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है, जिससे विवाद के वास्तविक कारणों को समझने में मदद मिलती है।सिद्धार्थनगर महिला थाना की मिशन शक्ति केंद्र की यह पहल परिवारों को टूटने से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है। सोमवार को 15 दंपतियों के बीच काउंसलिंग के जरिए विवाद सुलझाकर उन्हें एक साथ घर भेजा गया, जबकि सावन माह के दौरान कुल 39 परिवारों के मामलों का समाधान कराने का दावा पुलिस ने किया है।पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और महिला थाना की काउंसलिंग टीम के प्रयासों से दंपतियों के बीच संवाद और आपसी समझ बहाल करने की कोशिश की जा रही है। इस पहल से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आपसी विवाद के कारण अलगाव की स्थिति में पहुंच गए थे।
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