सुल्तानपुर शहर के जीडी गोयनका स्कूल परिसर में रविवार शाम निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। स्कूल परिसर में बन रही नई बिल्डिंग के लेंटर का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक शटरिंग और मचान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय नीचे काम कर रहा एक मजदूर मलबे की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।हादसे के बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे मजदूर को बाहर निकाला। गंभीर हालत में मजदूर को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि मजदूर के पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
लेंटर डालने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक जीडी गोयनका स्कूल परिसर में नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार शाम निर्माणाधीन भवन में लेंटर डालने की तैयारी थी। इसके लिए शटरिंग और मचान लगाए गए थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग का हिस्सा नीचे गिर गया।अचानक हुई इस घटना से निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। शटरिंग गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद मजदूर घटनास्थल की ओर दौड़े। मलबे के नीचे दबे मजदूर को बाहर निकालने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए।कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती
घायल मजदूर को जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने उसके शरीर और पैर में गंभीर चोटें आने की बात बताई है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है।हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचित भी अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे अन्य मजदूरों में भी चिंता का माहौल रहा।फिलहाल घायल मजदूर की स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आई है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।

सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और वहां मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली।पुलिस की ओर से निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और ठेकेदार से भी पूछताछ शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और शटरिंग के गिरने की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी जांच की जा रही है।पुलिस जांच में निर्माण स्थल पर लगाए गए शटरिंग और मचान की स्थिति, निर्माण कार्य की प्रक्रिया तथा सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं को देखा जा सकता है।
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।निर्माण कार्य के दौरान शटरिंग और मचान की मजबूती बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेंटर डालने जैसे कार्य में बड़ी मात्रा में सामग्री और श्रमिकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शटरिंग गिरने के पीछे तकनीकी खामी थी, अधिक भार पड़ा या कोई अन्य वजह रही। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
स्कूल प्रबंधन में मचा हड़कंप
स्कूल परिसर में निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसे की खबर फैलते ही स्कूल प्रबंधन में भी हड़कंप मच गया। घटना के बाद निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से भी घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है। पुलिस की पूछताछ के बाद हादसे की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।यह भी महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे। क्या शटरिंग और मचान की मजबूती की जांच की गई थी और क्या श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे, जैसे सवाल भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ठेकेदार से पूछताछ के साथ-साथ निर्माण स्थल की स्थिति का भी जायजा लिया जा रहा है। हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है।रविवार शाम हुई इस घटना ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में श्रमिक निर्माण कार्य में जुटे होते हैं, वहां शटरिंग, मचान और अन्य अस्थायी संरचनाओं की मजबूती की नियमित जांच जरूरी मानी जाती है।फिलहाल घायल मजदूर का जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। पुलिस की जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है या नहीं।सुल्तानपुर में जीडी गोयनका स्कूल परिसर में हुआ यह हादसा फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है। घायल मजदूर की हालत और हादसे की वास्तविक वजह को लेकर आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Read on:http://बदायूं में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8 ओवरलोड वाहन सीज
Advertisement visit our officehttp://:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

