लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इको गार्डन में पंचायत सहायकों का धरना लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे पंचायत सहायकों के समर्थन में सोमवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।सांसद संजय सिंह के धरना स्थल पहुंचने के बाद पंचायत सहायकों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है। पिछले आठ दिनों से इको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार और संबंधित विभाग से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान करने की अपील की जा रही है।
आठ दिनों से जारी है पंचायत सहायकों का धरना
लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन पिछले आठ दिनों से चल रहा है। राजधानी में बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों के जुटने के बाद उनका आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। धरना दे रहे पंचायत सहायकों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान की उम्मीद के साथ राजधानी पहुंचे हैं।इको गार्डन उत्तर प्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और सामाजिक समूहों के धरना-प्रदर्शन का प्रमुख स्थल रहा है। ऐसे में पंचायत सहायकों ने भी अपनी मांगों को लेकर यहीं आंदोलन शुरू किया है। लगातार आठ दिनों से जारी धरने के कारण अब इस आंदोलन पर राजनीतिक दलों की भी नजर है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। हालांकि इस मामले में पंचायत सहायकों की सभी मांगों और सरकार की ओर से उनके समाधान को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

धरना स्थल पहुंचे सांसद संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह सोमवार को इको गार्डन पहुंचे और धरने पर बैठे पंचायत सहायकों से मुलाकात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनके आंदोलन को समर्थन दिया।संजय सिंह के पहुंचने से धरना स्थल पर मौजूद पंचायत सहायकों में उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपनी समस्याओं को सांसद के सामने रखा और मांगों के समाधान की उम्मीद जताई। संजय सिंह ने पंचायत सहायकों से बातचीत कर उनके मुद्दों को समझने का प्रयास किया।राज्यसभा सांसद के समर्थन में पहुंचने के बाद यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। विपक्षी दल लगातार कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसे में पंचायत सहायकों के आंदोलन में संजय सिंह की मौजूदगी ने इस मामले को नई राजनीतिक चर्चा में ला दिया है।
पंचायत सहायकों की समस्याओं को लेकर बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर काम करने वाले पंचायत सहायकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। गांवों में पंचायत से जुड़ी कई व्यवस्थाओं और सेवाओं के संचालन में उनकी भागीदारी रहती है। ऐसे में पंचायत सहायकों की समस्याओं को लेकर चल रहा यह आंदोलन ग्रामीण व्यवस्था और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।धरने पर बैठे पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और अब राजधानी में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। आठ दिनों से आंदोलन जारी रहने के बाद भी प्रदर्शनकारियों की नजर अब सरकार और प्रशासन की ओर है।प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए। धरना स्थल पर लगातार पंचायत सहायकों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि आंदोलन को लेकर उनके बीच अभी भी एकजुटता बनी हुई है।
सरकार के फैसले पर टिकी आंदोलनकारियों की नजर
इको गार्डन में जारी धरने के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार या संबंधित विभाग की ओर से क्या फैसला लिया जाता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने की बात कर रहे हैं।वहीं संजय सिंह के समर्थन में पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो सकती है। विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा कर्मचारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को समर्थन देने से सरकार पर इन मामलों में जवाब देने का दबाव बढ़ता है।हालांकि किसी भी आंदोलन का समाधान बातचीत और प्रशासनिक स्तर पर लिए गए निर्णय से ही संभव होता है। पंचायत सहायकों के धरने को लेकर भी अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारियों और संबंधित विभाग के बीच बातचीत होती है या नहीं और उनकी मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
इको गार्डन में आंदोलन को मिला नया समर्थन
लगातार आठ दिनों से जारी पंचायत सहायकों के धरने को संजय सिंह के समर्थन से नई चर्चा मिली है। राजधानी लखनऊ में चल रहा यह आंदोलन अब केवल कर्मचारियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।धरने पर मौजूद पंचायत सहायकों का कहना है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं सांसद संजय सिंह के समर्थन में पहुंचने से प्रदर्शनकारियों को अपनी आवाज और मजबूती से उठाने का अवसर मिला है।लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों का आंदोलन फिलहाल जारी है। आठ दिन बीत जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों की उम्मीद अपनी मांगों के समाधान पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और पंचायत सहायकों के आंदोलन को लेकर कोई ठोस फैसला सामने आता है या नहीं।फिलहाल राजधानी के इको गार्डन में पंचायत सहायकों का धरना जारी है और उनके समर्थन में आप सांसद संजय सिंह के पहुंचने से आंदोलन ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।
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