WhatsApp पर ठगी का खेल होगा खत्म! अनजान नंबर से चैट से पहले मिलेगा ‘खतरे का अलर्ट’

Editorial
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आज के डिजिटल दौर में व्हाट्सएप सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। परिवार, दोस्त, ऑफिस, कारोबार और ऑनलाइन लेनदेन तक लगभग हर काम के लिए लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जितनी तेजी से इस प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ी है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधियों ने भी इसे अपना नया हथियार बना लिया है। फर्जी नौकरी के ऑफर, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, निवेश का लालच, बैंक अकाउंट हैकिंग और वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग जैसे हजारों मामले हर साल सामने आ रहे हैं। ऐसे में यूजर्स की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच व्हाट्सएप अब एक नया सुरक्षा फीचर लेकर आने की तैयारी में है, जो किसी भी अनजान नंबर से बातचीत शुरू करने से पहले लोगों को सावधान करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी “ट्रस्ट वार्निंग” नाम के नए फीचर की टेस्टिंग कर रही है। इस फीचर का मकसद यूजर्स को यह जानकारी देना है कि जिस नंबर से वे बातचीत शुरू करने जा रहे हैं, वह कितना विश्वसनीय है और उसके बारे में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं। अब तक व्हाट्सएप पर किसी अनजान नंबर से मैसेज आते ही चैट सीधे खुल जाती थी और कई बार लोग बिना सोचे-समझे बातचीत शुरू कर देते थे। साइबर अपराधी इसी जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते थे। लेकिन नए फीचर के आने के बाद स्थिति बदल सकती है।नई व्यवस्था के तहत जब कोई यूजर किसी ऐसे नंबर से चैट शुरू करेगा जो उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तब व्हाट्सएप पहले एक विशेष चेतावनी स्क्रीन दिखाएगा। इस स्क्रीन पर उस नंबर से जुड़ी कई अहम जानकारियां उपलब्ध होंगी। यूजर देख सकेगा कि नंबर किस देश में रजिस्टर्ड है, वह उसके कॉन्टैक्ट्स में सेव है या नहीं और क्या वह व्यक्ति किसी कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा है। इन जानकारियों के आधार पर यूजर यह तय कर सकेगा कि सामने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है या नहीं और उससे बातचीत जारी रखनी चाहिए या नहीं। इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि कोई यूजर बातचीत जारी रखने या चैट बंद करने का फैसला करता है, तो इसकी जानकारी सामने वाले व्यक्ति को नहीं मिलेगी। यानी यूजर बिना किसी दबाव के पहले पूरी जानकारी देख सकता है और फिर फैसला ले सकता है। इससे लोगों को अपनी डिजिटल सुरक्षा पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।

पिछले कुछ वर्षों में व्हाट्सएप आधारित साइबर अपराधों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई मामलों में अपराधी विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगते हैं। कई बार वे निवेश या नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं। ऐसे मामलों में अधिकांश लोग इसलिए फंस जाते हैं क्योंकि उन्हें शुरुआत में ही यह समझ नहीं आता कि सामने वाला व्यक्ति कौन है और उसकी पहचान कितनी विश्वसनीय है। ट्रस्ट वार्निंग फीचर इसी समस्या को कम करने का प्रयास माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तकनीक के भरोसे साइबर अपराधों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। यह फीचर लोगों को अतिरिक्त जानकारी जरूर देगा, लेकिन अंतिम निर्णय यूजर को ही लेना होगा। यदि कोई व्यक्ति चेतावनी देखने के बावजूद अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा कर देता है, तो जोखिम बना रहेगा। इसलिए डिजिटल सतर्कता पहले की तरह ही जरूरी रहेगी।व्हाट्सएप ने पहले भी कई सुरक्षा फीचर लॉन्च किए हैं। टू-स्टेप वेरिफिकेशन, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, स्पैम रिपोर्टिंग, डिवाइस लिंकिंग अलर्ट और संदिग्ध गतिविधियों की चेतावनी जैसे फीचर्स यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए जोड़े गए थे। लेकिन ट्रस्ट वार्निंग फीचर की खास बात यह है कि यह किसी संभावित खतरे के शुरू होने से पहले ही यूजर को सतर्क करने की कोशिश करेगा। यही वजह है कि इसे व्हाट्सएप की सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी 2025 से ही ऐसे सुरक्षा उपायों पर काम कर रही थी जो अनजान संपर्कों की पहचान को आसान बना सकें। ट्रस्ट वार्निंग फीचर उसी व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किसी नंबर को चेतावनी स्क्रीन पर दिखाने के लिए कौन-कौन से मानदंड अपनाए जाएंगे और यह फीचर सभी यूजर्स तक कब तक पहुंचेगा।यह भी समझना जरूरी है कि किसी नंबर पर ट्रस्ट वार्निंग दिखाई देने का मतलब यह नहीं होगा कि वह नंबर फर्जी या धोखाधड़ी वाला है। कई वैध यूजर्स भी दूसरे देशों के नंबर इस्तेमाल करते हैं या हाल ही में नया नंबर लेते हैं। इसलिए चेतावनी को केवल अतिरिक्त जानकारी के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी अंतिम निष्कर्ष के रूप में।डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों के बीच व्हाट्सएप का यह कदम निश्चित रूप से यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। यदि यह फीचर प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो लाखों लोग अनजान नंबरों से होने वाले संभावित साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं। लेकिन याद रखना होगा कि कोई भी तकनीक तभी सफल होती है जब उसके साथ जागरूकता और सतर्कता भी जुड़ी हो। इसलिए किसी भी अनजान नंबर से बातचीत शुरू करने से पहले सावधानी बरतना आज भी उतना ही जरूरी है, जितना पहले था।

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