चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में उदयनिधि स्टालिन एक ऐसा नाम हैं, जो अक्सर अपने बयानों, राजनीतिक गतिविधियों और पारिवारिक विरासत को लेकर चर्चा में रहता है। हाल ही में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद एक बार फिर उनका नाम राष्ट्रीय सुर्खियों में है। पुलिस कार्रवाई, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस के बीच लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उदयनिधि स्टालिन कौन हैं, उनका राजनीतिक और फिल्मी सफर कैसा रहा और वे बार-बार विवादों में क्यों घिरते हैं?
- करुणानिधि परिवार से ताल्लुक
- राजनीति से पहले फिल्मी दुनिया में बनाई पहचान
- 2019 में सक्रिय राजनीति में एंट्री
- पहला चुनाव और बड़ी जीत
- कैबिनेट मंत्री से उपमुख्यमंत्री तक
- तृषा कृष्णन विवाद से फिर सुर्खियों में
- सनातन धर्म पर बयान बना राष्ट्रीय विवाद
- अन्य विवाद भी रहे चर्चा में
- राजनीति में मजबूत पकड़, लेकिन विवाद भी साथ-साथ
करुणानिधि परिवार से ताल्लुक
उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक करुणानिधि परिवार से आते हैं। उनके दादा एम. करुणानिधि द्रविड़ राजनीति के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं और पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। उनके पिता एम.के. स्टालिन भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।उनकी माता दुर्गा स्टालिन राजनीति से दूर रही हैं। उदयनिधि का विवाह किरुथिगा रामासामी से हुआ, जो फिल्म निर्देशक और लेखिका हैं। उनके दो बच्चे हैं।

राजनीति से पहले फिल्मी दुनिया में बनाई पहचान
राजनीति में आने से पहले उदयनिधि स्टालिन तमिल फिल्म उद्योग में एक सफल फिल्म निर्माता, वितरक और अभिनेता के रूप में जाने जाते थे।उन्होंने रेड जायंट मूवीज नामक प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की और कई सफल तमिल फिल्मों का निर्माण किया। अभिनेता विजय की फिल्म ‘कुरुवी’ उनकी शुरुआती चर्चित फिल्मों में शामिल रही।बाद में उन्होंने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा और कई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। उनकी पहली फिल्म ‘ओरु कल ओरु कन्नाडी’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
2019 में सक्रिय राजनीति में एंट्री
उदयनिधि ने वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उन्हें DMK की युवा इकाई का सचिव बनाया गया।इसके बाद उन्होंने पार्टी के डिजिटल अभियान, युवा संपर्क कार्यक्रम और चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता ने DMK को मजबूत करने में योगदान दिया।
पहला चुनाव और बड़ी जीत
साल 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उन्होंने चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की।चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर एम्स परियोजना को लेकर हमला बोला। उनके प्रचार अभियान ने उन्हें राज्यभर में एक सक्रिय युवा नेता के रूप में स्थापित किया।

कैबिनेट मंत्री से उपमुख्यमंत्री तक
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें राज्य सरकार में युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री बनाया गया।बाद में उन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी मिली। हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन होने पर वे विपक्ष के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने लगे।
तृषा कृष्णन विवाद से फिर सुर्खियों में
हाल के दिनों में उदयनिधि स्टालिन अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के कारण चर्चा में आए।आरोप है कि एक राजनीतिक रैली के दौरान उनके बयान को अभिनेत्री और मुख्यमंत्री विजय के निजी जीवन से जोड़कर देखा गया। इसके बाद विपक्षी दलों और कई फिल्मी हस्तियों ने उनकी आलोचना की।उदयनिधि ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। मामला न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।

सनातन धर्म पर बयान बना राष्ट्रीय विवाद
उदयनिधि स्टालिन का सबसे बड़ा विवाद सनातन धर्म पर दिए गए बयान को लेकर रहा।उन्होंने एक कार्यक्रम में सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी। इस बयान पर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिली।भाजपा समेत कई संगठनों ने इसका विरोध किया, जबकि मामला अदालत तक भी पहुंचा। बाद में उन्होंने अपने रुख को दोहराया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
अन्य विवाद भी रहे चर्चा में
उदयनिधि स्टालिन पहले भी कई राजनीतिक बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।उन पर आरोप लगे कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक विरोधियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। कई मामलों में चुनाव आयोग और अदालतों तक शिकायतें पहुंचीं।हालांकि उदयनिधि और उनकी पार्टी का कहना रहा है कि उनके बयानों को राजनीतिक रूप से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
राजनीति में मजबूत पकड़, लेकिन विवाद भी साथ-साथ
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु की राजनीति के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हैं।एक ओर उनके समर्थक उन्हें आक्रामक और प्रभावी नेता मानते हैं, वहीं आलोचक उनके कई बयानों को अनावश्यक विवाद पैदा करने वाला बताते हैं।उनकी राजनीतिक पहचान अब केवल करुणानिधि परिवार के सदस्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे स्वयं भी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।उदयनिधि स्टालिन का सफर फिल्म निर्माता और अभिनेता से लेकर तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक नेताओं तक पहुंचने का रहा है। उन्होंने राजनीति में तेजी से पहचान बनाई, लेकिन उनके कई बयान लगातार विवादों का कारण भी बने। हालिया घटनाक्रम के बाद एक बार फिर वे राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और दर्ज मामलों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

