
बीजिंग/शंघाई चीन के रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों एक ऐसा ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जिसने अर्थशास्त्रियों से लेकर आम लोगों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पांच वर्षों की लंबी मंदी और लगातार गिरती प्रॉपर्टी कीमतों के बाद अब हालात ऐसे बन गए हैं कि कई शहरों में घर खरीदना किराए पर रहने से सस्ता पड़ रहा है। यही वजह है कि शंघाई, बीजिंग और अन्य बड़े शहरों में लोग तेजी से छोटे-छोटे फ्लैट खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं। कभी चीन का प्रॉपर्टी बाजार दुनिया के सबसे मजबूत बाजारों में गिना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र गंभीर संकट से गुजरा। बड़े-बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स आर्थिक दबाव में आ गए, घरों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई और खरीदारों का भरोसा भी कमजोर पड़ा। लेकिन अब यही गिरती कीमतें नए खरीदारों के लिए सुनहरा अवसर बनकर सामने आ रही हैं। चीन के प्रमुख शहरों में आज स्थिति यह है कि एक छोटे अपार्टमेंट की मासिक ईएमआई कई मामलों में उसी इलाके के किराए से कम पड़ रही है। ऐसे में लोग हर महीने किराए पर बड़ी रकम खर्च करने के बजाय अपना घर खरीदना ज्यादा फायदेमंद मान रहे हैं। यही कारण है कि युवा पेशेवरों और मध्यम वर्ग के परिवारों के बीच छोटे फ्लैट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। 32 वर्षीय पैन कोंगकियांग इसका बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने हाल ही में शंघाई में एक छोटा फ्लैट खरीदा। उनका कहना है कि हर महीने किराया देने के बजाय अब वही रकम अपने घर की किस्त में जा रही है, जिससे भविष्य में संपत्ति भी उनके नाम होगी। ऐसी सोच अब चीन के लाखों लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। रियल एस्टेट एजेंटों के अनुसार, 2021 की तुलना में कई इलाकों में छोटे फ्लैट्स की कीमतें लगभग 50 प्रतिशत तक गिर चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार और बैंकों की ओर से मॉर्गेज दरों में कटौती ने भी घर खरीदना आसान बना दिया है। इन दोनों कारणों ने मिलकर सेकेंड-हैंड प्रॉपर्टी बाजार में जबरदस्त उछाल ला दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल मार्च और अप्रैल के दौरान शंघाई में करीब 60,000 पुराने घरों की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.6 प्रतिशत अधिक है। वहीं बीजिंग में भी सेकेंड-हैंड घरों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह आंकड़े संकेत देते हैं कि खरीदार एक बार फिर प्रॉपर्टी बाजार की ओर लौट रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि घरों की बढ़ती बिक्री का पूरा फायदा बैंकों को नहीं मिल रहा। अधिकांश खरीदार अधिक कर्ज लेने से बच रहे हैं और अपनी बचत का बड़ा हिस्सा डाउन पेमेंट में लगा रहे हैं। हालांकि सरकार ने डाउन पेमेंट की न्यूनतम सीमा 15 प्रतिशत तय कर रखी है, लेकिन कई खरीदार 50 प्रतिशत तक रकम पहले ही जमा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पुराने होम लोन वाले लोग भी ब्याज के बोझ से बचने के लिए समय से पहले कर्ज चुकाने में जुटे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव चीन के प्रॉपर्टी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। मई महीने में देश के 100 प्रमुख शहरों में नए घरों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा शीर्ष 100 रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री में गिरावट की रफ्तार भी धीमी पड़ने लगी है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बाजार धीरे-धीरे स्थिरता की ओर लौट रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन में अब लोग महंगे और जोखिम भरे निवेश की बजाय कम कीमत वाले सुरक्षित घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि छोटे फ्लैट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। अगर यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले महीनों में चीन का रियल एस्टेट बाजार एक बार फिर मजबूती की राह पर लौट सकता है।
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