उज्जैन नागचंद्रशेखर मंदिर: सावन के तीसरे सोमवार पर भारी भीड़, कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी

Editorial
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 मध्य प्रदेश के उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान महाकाल के दर्शन के साथ साल में केवल एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। इससे कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और कुछ लोग गिर पड़े। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कुछ श्रद्धालुओं के घायल होने और उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है।

सावन के तीसरे सोमवार पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी एक साथ होने के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई। महाकालेश्वर मंदिर के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त पहुंचे। नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस वजह से इस दिन दर्शन को लेकर विशेष उत्साह रहता है।इस बार नागपंचमी के साथ सावन सोमवार का संयोग होने से भीड़ और बढ़ गई। श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की तीसरी सवारी में शामिल होने के लिए भी उज्जैन पहुंचे थे।

हरसिद्धि मंदिर के सामने बिगड़े हालात

जानकारी के अनुसार दर्शन व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा था। हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ आगे बढ़ने के कारण कुछ श्रद्धालुओं को परेशानी होने लगी।गर्मी, लगातार भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच कुछ महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई। कुछ लोग गिर भी गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने स्थिति संभालते हुए प्रभावित लोगों को भीड़ से बाहर निकाला। इसके बाद कुछ श्रद्धालुओं को उपचार के लिए उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

13 श्रद्धालुओं के घायल होने की रिपोर्ट

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना के दौरान करीब 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ लोगों को घबराहट और तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया। एक रिपोर्ट में एक श्रद्धालु की हालत गंभीर बताए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि घटना से जुड़ी स्थिति लगातार अपडेट होती रही और प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्थिति की पुष्टि का इंतजार रहा।महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती जानकारी में किसी श्रद्धालु की मौत की सूचना नहीं है। सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने प्रभावित श्रद्धालुओं को तत्काल भीड़ से निकालकर उपचार के लिए भेजा।

साल में सिर्फ एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर साल में केवल एक बार नागपंचमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। मंदिर महाकालेश्वर मंदिर परिसर की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष मंदिर के पट 16 और 17 अगस्त की मध्यरात्रि को खोले गए और श्रद्धालुओं को 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था दी गई।यही वजह है कि नागपंचमी के अवसर पर यहां दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। जब नागपंचमी और सावन सोमवार जैसे बड़े धार्मिक अवसर एक साथ आते हैं तो श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाती है।

क्यों खास है नागचंद्रेश्वर मंदिर?

नागचंद्रेश्वर मंदिर भगवान शिव के विशेष स्वरूप से जुड़ा धार्मिक स्थल है। यहां भगवान शिव और माता पार्वती की नाग के फनों से जुड़ी दुर्लभ प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। धार्मिक मान्यता के कारण नागपंचमी पर इस मंदिर के दर्शन को विशेष महत्व दिया जाता है।महाकाल मंदिर परिसर में नीचे भगवान महाकालेश्वर का ज्योतिर्लिंग, उसके ऊपर ओंकारेश्वर मंदिर और सबसे ऊपरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। साल में केवल एक बार खुलने वाली इस मंदिर की परंपरा इसे उज्जैन के प्रमुख धार्मिक आकर्षणों में शामिल करती है।

प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की चुनौती

उज्जैन में सावन और नागपंचमी के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार दोनों पर्वों के संयोग के कारण भीड़ प्रबंधन प्रशासन और मंदिर व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्तों जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं।इसके बावजूद हरसिद्धि मंदिर के सामने भीड़ का दबाव बढ़ने से कुछ समय के लिए स्थिति असहज हो गई। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावित श्रद्धालुओं को संभाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे अहम

नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में क्राउड मैनेजमेंट और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की अहमियत को सामने ला दिया है। लाखों लोगों की मौजूदगी वाले आयोजनों में प्रवेश और निकासी व्यवस्था, बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम और आपातकालीन सहायता व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी होता है।फिलहाल उज्जैन में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रभावित श्रद्धालुओं का उपचार कराया गया। घटना में किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर भारी भीड़ के बीच हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ श्रद्धालुओं के गिरने और घायल होने की भी जानकारी सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार करीब 13 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी श्रद्धालु की मौत नहीं हुई है।

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