रिपोर्ट:दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने अपने जन्मदिवस को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए उसे सामाजिक सरोकार, राजनीतिक संकल्प और संगठनात्मक मजबूती का मंच बना दिया। जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने समाजवादी विचारधारा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा है और अंतिम सांस तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके लिए राजनीति सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और अधिकार पहुंचाने का संकल्प है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान उर्मिला राजपूत ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए एक बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि उनके विधायक कार्यकाल में जिन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पार्टी और समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उनका गांव-गांव जाकर सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और समर्पण को सम्मान देने का प्रयास होगा, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के समाजवादी आंदोलन को मजबूत किया।
“राजनीति नहीं, समाज सेवा है मेरा लक्ष्य”
अपने संबोधन में उर्मिला राजपूत ने कहा कि छात्र जीवन से ही उन्होंने समाज के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों की आवाज बनने का निर्णय लिया था। महिलाओं, किसानों, मजदूरों, छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के अधिकारों के लिए उन्होंने लगातार संघर्ष किया और जनहित के मुद्दों को लेकर सैकड़ों आंदोलनों में भाग लिया। उन्होंने बताया कि जनता की लड़ाई लड़ते हुए उन्हें डेढ़ दर्जन से अधिक बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।उन्होंने कहा कि संघर्ष उनके जीवन की पहचान है और जनता की आवाज उठाना उनका सबसे बड़ा दायित्व है। चाहे किसानों का मुद्दा हो, महिलाओं की सुरक्षा हो, बेरोजगार युवाओं की समस्या हो या सामाजिक न्याय की लड़ाई—उन्होंने हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़े होकर संघर्ष किया है।

मुलायम सिंह यादव को किया याद
अपने राजनीतिक जीवन के संघर्षों को याद करते हुए उर्मिला राजपूत भावुक भी नजर आईं। उन्होंने समाजवादी आंदोलन के संस्थापक नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में नेताजी ने उन्हें मार्गदर्शन दिया और समाजवादी विचारधारा पर अडिग रहने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि नेताजी ने हमेशा समाज के गरीब, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्गों के हितों की लड़ाई लड़ी। उन्हीं के आदर्शों पर चलते हुए वह आज भी समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अखिलेश यादव के नेतृत्व पर जताया भरोसा
पूर्व विधायक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में समाजवादी विचारधारा की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर समाजवादी नीतियों और विचारों को जनता तक पहुंचाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करें।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अपने संबोधन में उर्मिला राजपूत ने देश की मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य पर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान समाजवादी सोच और जनहितकारी नीतियों में ही संभव है।
वरिष्ठ समाजवादियों का हुआ सम्मान
जन्मदिवस समारोह के दौरान भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी जोन और सेक्टर प्रभारियों को समाजवादी अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद मुन्नू बाबू, वरिष्ठ नेता रामसेवक यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं का भी सार्वजनिक सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उर्मिला राजपूत के नेतृत्व और उनके संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन की सराहना करते हुए उनके जन्मदिवस को समाजवादी परिवार के लिए प्रेरणादायी बताया।
80 पार कार्यकर्ताओं को मिलेगा विशेष सम्मान
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण उर्मिला राजपूत की वह घोषणा रही, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी और समाजवादी आंदोलन के लिए जीवन समर्पित करने वाले 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का गांव-गांव जाकर सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ताओं ने बिना किसी पद या लालच के वर्षों तक समाजवादी विचारधारा को मजबूत किया है। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और योगदान से प्रेरणा मिले, यही इस अभियान का उद्देश्य होगा।
“जीवन का अंतिम क्षण भी जनता की सेवा के नाम”
अपने संबोधन के अंत में उर्मिला राजपूत ने भावुक होते हुए कहा कि उनका जीवन जनता, समाज और संगठन की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक वे सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, संविधान और भाईचारे की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेंगी।उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आह्वान किया कि वे जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर समाज में भाईचारा, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करें।जन्मदिवस के अवसर पर दिया गया उर्मिला राजपूत का यह संदेश केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके समर्पण, संघर्ष और जनसेवा के संकल्प का सार्वजनिक ऐलान बनकर सामने आया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे आयोजन में समाजवादी एकता, संगठनात्मक मजबूती तथा सामाजिक न्याय की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
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