योगी सरकार का बड़ा तोहफा! शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाते हुए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के लागू होने के बाद बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े 10 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की वार्डेन और उनके आश्रितों को इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल से लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच मिलने जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने योजना को तेजी से लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पहले चरण में नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया था, वहीं अब मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विशेष अभियान चलाकर 6 जून तक अधिकतम पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

योजना के तहत शिक्षक और कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी के साथ अपने आश्रितों का विवरण भी अपलोड करेंगे। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए स्तर पर सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अनुमोदन मिलते ही संबंधित कर्मचारी की फैमिली आईडी तैयार होगी, जिसके आधार पर वह निर्धारित मोबाइल नंबर से लॉगिन कर अपना कैशलेस चिकित्सा कार्ड डाउनलोड कर सकेगा। विभाग ने सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड का नमूना भी जारी कर दिया है और अगले सप्ताह से कार्ड वितरण कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह योजना शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। अब गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में उन्हें आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से इलाज की प्रक्रिया भी आसान और तेज होगी। हालांकि योजना की शुरुआत के साथ कुछ तकनीकी चुनौतियां भी सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने शिकायत की है कि पंजीकरण पोर्टल सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा है, जिससे आवेदन करने में दिक्कतें आ रही हैं। कई जगह सर्वर धीमा होने और लॉगिन संबंधी समस्याओं की भी शिकायत मिली है। इसके बावजूद विभाग का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। प्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो लाखों शिक्षक और उनके परिवार इलाज के खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

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