नई दिल्ली दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े खरीद मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य खरीद से संबंधित मामले में स्वास्थ्य सचिव की ओर से दिए गए जवाब पर असंतोष जताते हुए कई महत्वपूर्ण खरीद की विस्तृत जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के निर्देश दिए हैं।मंत्री ने साफ कहा है कि महज यह कहकर कि “जांच चल रही है”, संबंधित रिकॉर्ड को छिपाया या जांच से दूर नहीं रखा जा सकता। मामले में खरीद प्रक्रिया, सामान की मात्रा, दर, बिल, चालान और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग से जुड़े इस मामले में अब ORS पाउच, बेडशीट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हो गई है। स्वास्थ्य सचिव को सभी सवालों पर बिंदुवार और संशोधित जवाब 17 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
- स्वास्थ्य सचिव के जवाब पर मंत्री ने जताई आपत्ति
- ORS पाउच की खरीद का मांगा पूरा ब्योरा
- बेडशीट की खरीद के रेट और मात्रा पर भी नजर
- पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद भी जांच के घेरे में
- CPA और लेखा शाखा के रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश
- बिल और चालान की भी होगी जांच
- GST रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा
- निरीक्षण और स्वीकृति रिपोर्ट भी मांगी गई
- 17 अगस्त तक देना होगा संशोधित जवाब
स्वास्थ्य सचिव के जवाब पर मंत्री ने जताई आपत्ति
स्वास्थ्य खरीद मामले में विभागीय स्तर पर जवाब मांगे जाने के बाद स्वास्थ्य सचिव की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना।मंत्री की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि किसी मामले में जांच लंबित होने का हवाला देकर जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की उपलब्धता को रोका नहीं जा सकता। जांच को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित सभी रिकॉर्ड सामने होना जरूरी है।अब स्वास्थ्य सचिव को पहले दिए गए जवाब को संशोधित करते हुए सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देने के लिए कहा गया है।

ORS पाउच की खरीद का मांगा पूरा ब्योरा
मामले में ORS पाउच की खरीद भी जांच के दायरे में है। मंत्री ने ORS पाउच की खरीद से संबंधित पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।जांच में यह देखा जाएगा कि कितनी मात्रा में ORS पाउच खरीदे गए, किस दर पर खरीदे गए और खरीद की प्रक्रिया क्या रही। इसके साथ ही खरीद से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी।खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या नियमों की अनदेखी हुई या नहीं, यह रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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बेडशीट की खरीद के रेट और मात्रा पर भी नजर
स्वास्थ्य विभाग की खरीद में शामिल बेडशीट की दर और मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।मंत्री ने निर्देश दिया है कि बेडशीट की खरीद में कितनी मात्रा ली गई और किस रेट पर खरीद की गई, इसका तुलनात्मक परीक्षण किया जाए।जांच के दौरान खरीद आदेश, संबंधित बिल और अन्य दस्तावेजों को भी देखा जाएगा, ताकि वास्तविक खरीद और रिकॉर्ड में दर्ज खरीद के बीच किसी तरह का अंतर है या नहीं, इसकी पुष्टि की जा सके।
पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद भी जांच के घेरे में
स्वास्थ्य खरीद मामले में पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद को भी जांच के दायरे में रखा गया है।मंत्री ने इन मशीनों की खरीद से संबंधित तुलनात्मक खरीद विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि खरीद किस प्रक्रिया के तहत हुई और संबंधित उपकरणों की खरीद दर उचित थी या नहीं।मशीनों की खरीद से जुड़े निरीक्षण, स्वीकृति और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड भी जांचे जाएंगे।
CPA और लेखा शाखा के रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश
मामले में केवल खरीद शाखा के रिकॉर्ड तक जांच सीमित नहीं रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने CPA और लेखा शाखा से संबंधित रिकॉर्ड की भी पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं।इसके तहत खरीद से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित प्रविष्टियों को जांचा जाएगा।मंत्री के निर्देश के बाद अब संबंधित शाखाओं के रिकॉर्ड को एकत्र कर उनका मिलान किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
बिल और चालान की भी होगी जांच
स्वास्थ्य खरीद में इस्तेमाल हुए बिल और चालान भी जांच के महत्वपूर्ण दस्तावेज होंगे।जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित खरीद के लिए जारी किए गए बिल वास्तविक हैं या नहीं और उनमें दर्ज सामान की मात्रा तथा दर विभागीय रिकॉर्ड से मेल खाती है या नहीं।इसके अलावा बिलों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों के बीच भी मिलान किया जाएगा।
GST रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा
इस मामले में GST रिकॉर्ड की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। यानी खरीद से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज GST विवरण और संबंधित रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।GST से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल से खरीद प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।हालांकि किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
निरीक्षण और स्वीकृति रिपोर्ट भी मांगी गई
स्वास्थ्य खरीद मामले में केवल खरीद और भुगतान के दस्तावेज ही नहीं, बल्कि निरीक्षण और स्वीकृति रिपोर्ट भी मांगी गई है।इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि खरीदी गई सामग्री या उपकरणों का निरीक्षण किस स्तर पर किया गया और उनकी आपूर्ति को किस अधिकारी या संबंधित इकाई ने स्वीकृति दी।यदि किसी सामान की गुणवत्ता, मात्रा या आपूर्ति को लेकर कोई सवाल सामने आता है तो इन रिपोर्टों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
17 अगस्त तक देना होगा संशोधित जवाब
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया है कि पूरे मामले में बिंदुवार संशोधित जवाब 17 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए।इस जवाब में खरीद से जुड़े सभी सवालों का स्पष्ट विवरण देना होगा। खासतौर पर ORS पाउच, बेडशीट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और तुलनात्मक विवरण महत्वपूर्ण होंगे।
रिकॉर्ड की जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
दिल्ली स्वास्थ्य खरीद मामले में मंत्री के सख्त निर्देश के बाद अब कई स्तरों पर रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। खरीद की मात्रा और दर से लेकर बिल, चालान, GST रिकॉर्ड, निरीक्षण और स्वीकृति रिपोर्ट तक की जांच के निर्देश दिए गए हैं।सबसे अहम बात यह है कि स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया है कि “जांच चल रही है” कहकर रिकॉर्ड को जांच से अलग नहीं रखा जा सकता।अब निगाह 17 अगस्त 2026 पर है, जब स्वास्थ्य सचिव को संशोधित और बिंदुवार जवाब देना होगा। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट होगा कि स्वास्थ्य खरीद में कहीं नियमों की अनदेखी, दरों में अंतर या अन्य कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।फिलहाल यह मामला जांच के स्तर पर है और किसी भी खरीद में अनियमितता की अंतिम पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही होगी।
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