तिरंगे की जगह लहराया गया बीजेपी का झंडा? वायरल वीडियो की सामने आई सच्चाई, जानें कब और कहां का है मामला

Editorial
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मध्य प्रदेश  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तिरंगे की जगह भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा फहराए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और राष्ट्रध्वज के सम्मान को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, इस वायरल दावे की पड़ताल में सामने आया है कि वीडियो हाल का नहीं, बल्कि वर्ष 2018 का है। इसलिए इसे मौजूदा स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़कर देखना भ्रामक होगा।

सोशल मीडिया पर क्या दावा किया जा रहा है?

वायरल वीडियो में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा का झंडा फहराते हुए लोग दिखाई देते हैं और इसी दौरान राष्ट्रगान गाए जाने का दावा किया गया। वीडियो को सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया गया कि भाजपा नेताओं ने तिरंगे की जगह पार्टी का झंडा फहराया।वीडियो के साथ कई पोस्ट में सवाल उठाए गए कि राष्ट्रीय पर्व या राष्ट्रगान के दौरान पार्टी के झंडे का इस्तेमाल क्यों किया गया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।लेकिन फैक्ट चेक में सामने आया कि वीडियो को मौजूदा स्वतंत्रता दिवस से जोड़ना सही नहीं है। इसकी पुरानी तारीख और कार्यक्रम से जुड़े विवरण की पुष्टि कई फैक्ट-चेक रिपोर्टों में हुई है।

2018 का है वायरल वीडियो

पड़ताल के मुताबिक, वायरल वीडियो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर क्षेत्र के खजुआ गांव में आयोजित एक कार्यक्रम का है। यह कार्यक्रम वर्ष 2018 में ‘चलो पंचायत की ओर’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था।फैक्ट-चेक रिपोर्टों के अनुसार, तत्कालीन मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान भाजपा का पार्टी झंडा फहराया गया और उसके बाद राष्ट्रगान गाए जाने की बात सामने आई थी। पत्रकार दिनेश शुक्ला ने भी 14 मई 2018 को इस कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था।यानी जिस वीडियो को अब स्वतंत्रता दिवस 2026 से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी घटना का है।

स्वतंत्रता दिवस 2026 से जोड़ना क्यों भ्रामक?

वायरल वीडियो को लेकर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य इसकी तारीख है। जांच में सामने आया कि यही वीडियो वर्ष 2018 में भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। अलग-अलग वर्षों में इसे नए दावे के साथ दोबारा शेयर किया जाता रहा है।न्यूज़ चेक ने भी इस दावे की पड़ताल करते हुए इसे भ्रामक बताया था। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो 2018 में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खजुआ गांव में आयोजित कार्यक्रम का था।इसलिए अगर कोई पोस्ट इस वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह का बताकर पेश कर रही है तो उसके दावे को बिना पुष्टि के सही नहीं माना जा सकता।

राष्ट्रध्वज और पार्टी झंडे में अंतर

भारत का राष्ट्रीय ध्वज देश की संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। वहीं राजनीतिक दलों के झंडे संबंधित राजनीतिक संगठनों की पहचान को दर्शाते हैं। इसलिए किसी कार्यक्रम में किस झंडे का इस्तेमाल किया गया, यह कार्यक्रम की प्रकृति और लागू नियमों पर निर्भर करता है।स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगे का विशेष महत्व होता है। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके उपयोग को लेकर Flag Code of India में प्रावधान मौजूद हैं। ऐसे में किसी वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले यह देखना जरूरी है कि वीडियो किस तारीख, स्थान और कार्यक्रम का है।

पहले भी वायरल हो चुका है यही वीडियो

इस वीडियो की खास बात यह है कि यह पहली बार वायरल नहीं हुआ है। वर्ष 2022 में भी सोशल मीडिया पर इसे इस दावे के साथ शेयर किया गया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया।उस समय भी फैक्ट-चेक में सामने आया था कि वीडियो स्वतंत्रता दिवस का नहीं था। यह 2018 के ‘चलो पंचायत’ कार्यक्रम से संबंधित था।
न्यूज़ चेक ने उस समय दावे को भ्रामक बताया था।BOOM और DFRAC की पड़ताल में भी वीडियो के 2018 का होने की पुष्टि की गई थी। DFRAC के अनुसार, वीडियो को 17 मई 2018 को YouTube पर भी अपलोड किया गया था और इसकी लोकेशन मध्य प्रदेश के राजनगर क्षेत्र से जुड़ी थी।

वायरल वीडियो से पहले करें तथ्यों की जांच

सोशल मीडिया के दौर में पुरानी तस्वीरों और वीडियो को नए संदर्भ के साथ शेयर किए जाने के मामले लगातार सामने आते हैं। खासतौर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर पुराने वीडियो दोबारा वायरल हो जाते हैं।ऐसे में किसी वीडियो को देखकर तुरंत यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि घटना अभी की है। वीडियो की तारीख, स्थान, कार्यक्रम और पुराने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करना जरूरी है।इस मामले में उपलब्ध फैक्ट-चेक रिपोर्टों के आधार पर निष्कर्ष यह है कि ‘तिरंगे की जगह बीजेपी का झंडा’ वाला वायरल वीडियो 2026 के स्वतंत्रता दिवस का नहीं, बल्कि वर्ष 2018 के मध्य प्रदेश के एक कार्यक्रम का है। इसलिए इसे 15 अगस्त 2026 की घटना बताकर शेयर करना भ्रामक है।

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