आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत से हड़कंप, रात में बिगड़ी थी तबीयत; खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका

Editorial
9 Min Read

बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक निजी आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। दोनों छात्रों की रविवार रात और सोमवार तड़के अचानक तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। स्कूल स्टाफ दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही और समय पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है।मामला बांदा शहर के झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर निजी आवासीय विद्यालय का है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। स्कूल में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं। रविवार शाम विद्यालय में मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए थे, जिसे कई छात्रों ने खाया था। इसके बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। हालांकि, छात्रों की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नितिन को रात में हुई उल्टी और पेट दर्द की शिकायत

गिरवां थाना क्षेत्र के सरसवाह गांव निवासी 12 वर्षीय नितिन कक्षा छह में पढ़ता था और विद्यालय के छात्रावास में रहता था। परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात करीब एक बजे नितिन की तबीयत अचानक खराब हुई। उसे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई।स्कूल स्टाफ उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया, लेकिन कुछ समय बाद वापस विद्यालय ले आया। साथी छात्रों के मुताबिक, वापस आने के बाद भी नितिन की हालत सामान्य नहीं थी। वह बेचैन था और बार-बार ऐंठ रहा था। बच्चों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन वह ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था।साथी छात्र विपिन ने बताया कि नितिन ने पानी मांगने का इशारा किया था। कुछ देर बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और वह तख्त से नीचे गिर गया। बच्चों ने उसे उठाकर वापस तख्त पर लिटाया। इसके बाद वह शांत हो गया। बच्चों को उस समय अंदाजा नहीं था कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो चुकी है।सुबह करीब सात बजे नितिन को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में रात में उसके लाए जाने की जानकारी दर्ज नहीं होने की बात भी सामने आई है।

अरुण की भी अचानक बिगड़ी तबीयत

दूसरी घटना में चिल्ला थाना क्षेत्र के महेंदु गांव निवासी नौ वर्षीय अरुण कुशवाहा की मौत हुई। अरुण कक्षा दो का छात्र था और आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करता था।बताया गया कि सोमवार सुबह करीब चार बजे अरुण को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। स्कूल स्टाफ उसे करीब छह बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।अरुण के परिजनों ने भी विद्यालय प्रशासन पर समय पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है। परिजन का कहना है कि अगर उन्हें समय रहते जानकारी दी जाती और बच्चे को उचित उपचार मिल जाता तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।

तीसरे छात्र की भी बिगड़ी तबीयत

दो छात्रों की मौत के बीच सोमवार दोपहर करीब दो बजे विद्यालय के कक्षा चार के छात्र चंद्रपाल सिंह की भी तबीयत बिगड़ गई। वह गिरवां क्षेत्र का रहने वाला है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया गया है।घटना की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार और बेसिक शिक्षा अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर भी घटनाक्रम, बच्चों की व्यवस्था और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जांच की।

मोमोज और फिंगर चिप्स से जुड़ी जांच

विद्यालय में रविवार शाम मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए थे। बताया गया कि बड़ी संख्या में छात्रों ने इन खाद्य पदार्थों का सेवन किया था। इसके बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई।बताया गया कि विद्यालय का एक छात्र महाराणा प्रताप चौक से मोमोज और फिंगर चिप्स लेकर आया था। इसी वजह से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि छात्रों की मौत का कारण यही खाद्य पदार्थ थे।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने विद्यालय पहुंचकर खाद्य पदार्थों के छह नमूने लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाने में किसी तरह की मिलावट या संक्रमण था या नहीं।

बच्चों ने रात में घर फोन कराने की बात कही

घटना के बाद छात्रों के बयानों ने विद्यालय की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नितिन का छोटा भाई हर्ष भी इसी विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता है। वहीं अरुण का बड़ा भाई उत्कर्ष कक्षा पांच में पढ़ता है।परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चों के भाइयों ने बताया कि रात में जब उनकी तबीयत खराब हुई तो उन्होंने घर पर फोन कराने के लिए कहा था। आरोप है कि उन्हें परिजनों से बात नहीं करने दी गई। परिजनों को बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना सोमवार सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद मिली, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।अरुण के भाई उत्कर्ष ने भी आरोप लगाया कि उसने वार्डन से घर पर बात कराने के लिए कहा था, लेकिन बड़े सर ने फोन कराने से मना कर दिया।

परिजनों ने विद्यालय पहुंचकर किया हंगामा

अरुण की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन विद्यालय पहुंचे और नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि उन्हें समय पर सूचना दी जाती तो वे तुरंत अस्पताल पहुंचते और बच्चे को बेहतर उपचार दिलाने की कोशिश करते।परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन से जवाब मांगा कि बच्चों की तबीयत रात में बिगड़ने के बावजूद परिवार को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई। इस दौरान विद्यालय परिसर में काफी हंगामा भी हुआ।विद्यालय प्रबंधक ओमप्रकाश का कहना है कि बच्चों की तबीयत खराब होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

स्कूल की मान्यता और आवासीय व्यवस्था पर भी सवाल

घटना के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय की मान्यता और आवासीय संचालन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, भोजन और रात के समय निगरानी की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

अपर पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?

अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि आवासीय विद्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में दो बच्चों की मौत हुई है। दोनों छात्रों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस और प्रशासन की जांच के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दोनों छात्रों की अचानक तबीयत क्यों बिगड़ी? क्या मामला दूषित भोजन से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है? इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, खाद्य पदार्थों की जांच और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

read on:https://news7hindi.com/ramanathaswamy-temple-why-do-people-take-bath-in-22-ponds-in-this-holy-abode-of-lord-shiva-know-the-history-and-religious-significance-of-rameshwaram-temple/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment