बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पति की हत्या के करीब चार साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने असलम हत्याकांड में उसकी पत्नी आशिया और गांव के ही सोनू उर्फ मुनव्वर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है।अभियोजन पक्ष के मुताबिक, असलम अपनी पत्नी के कथित संबंधों का विरोध करता था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते आशिया और सोनू उर्फ मुनव्वर ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना।
29 अप्रैल 2021 को घर में मिला था असलम का शव
यह मामला बहराइच के दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के गांव मिल सासापारा से जुड़ा बताया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 29 अप्रैल 2021 को असलम का शव उसके घर में मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।शुरुआत में घटना को लेकर कई सवाल खड़े हुए। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और परिवार के सदस्यों से भी जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने पर असलम की पत्नी आशिया और गांव के ही सोनू उर्फ मुनव्वर का नाम सामने आया।पुलिस जांच और अभियोजन के अनुसार, दोनों के बीच कथित संबंध थे और असलम इसका विरोध करता था। आरोप लगाया गया कि इसी विरोध के कारण दोनों ने मिलकर असलम की हत्या की।
पत्नी और प्रेमी पर हत्या की साजिश का आरोप
अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि असलम की पत्नी आशिया और सोनू उर्फ मुनव्वर के बीच कथित संबंधों को लेकर असलम नाराज था। वह इसका विरोध करता था। इसी वजह से दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी।अभियोजन का आरोप था कि असलम के विरोध से नाराज होकर आशिया और सोनू ने उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।हालांकि किसी भी आपराधिक मामले में आरोप और दोषसिद्धि के बीच अंतर होता है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी माना।
जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीशचंद्र शुक्ला ने अदालत के सामने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को रखा।अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आशिया और सोनू उर्फ मुनव्वर को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर अर्थदंड भी लगाया।अदालत के फैसले के बाद करीब चार साल से चल रहे इस मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सामने आया है।

चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया
असलम की मौत के बाद शुरू हुई जांच और उसके बाद अदालत में चले मुकदमे में करीब चार वर्ष का समय लगा। हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र और न्यायिक सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी।मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए। बचाव पक्ष की दलीलों पर भी अदालत ने विचार किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।इस तरह 2021 में हुई असलम की मौत के मामले में अब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है।
फैसले के बाद फिर चर्चा में आया मामला
अदालत के फैसले के बाद असलम हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पति की हत्या के मामले में पत्नी और उसके कथित प्रेमी को दोषी ठहराए जाने के कारण यह मामला स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के पीछे असलम द्वारा पत्नी के कथित संबंधों का विरोध करना प्रमुख वजह बताया गया था। अदालत ने मामले में पेश साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी माना।फैसले के बाद अब मामले से जुड़े पक्षों के पास कानून के तहत उपलब्ध आगे की न्यायिक प्रक्रिया का विकल्प रहेगा।
अभियोजन पक्ष ने सजा को बताया महत्वपूर्ण
अभियोजन पक्ष ने मामले में दोषसिद्धि को महत्वपूर्ण माना है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीशचंद्र शुक्ला के अनुसार, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।हत्या जैसे गंभीर अपराध में अदालत का यह फैसला अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए मामले की न्यायिक समीक्षा के बाद आया है।

क्या था पूरा मामला?
घटना 29 अप्रैल 2021 की है। दरगाह शरीफ क्षेत्र के गांव मिल सासापारा में असलम का शव उसके घर में मिला था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान उसकी पत्नी आशिया और सोनू उर्फ मुनव्वर का नाम सामने आया।अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आशिया और सोनू के बीच संबंध थे और असलम इसका विरोध करता था। आरोप लगाया गया कि दोनों ने मिलकर असलम की हत्या कर दी।मामला अदालत पहुंचा और करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
परिवार के लिए चार साल बाद आया फैसला
हत्या की घटना के बाद असलम के परिवार को लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ा। अब अदालत के फैसले के बाद मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है।हालांकि अदालत का फैसला कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और दोषसिद्धि के खिलाफ कानून में उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल संबंधित पक्ष कर सकते हैं।बहराइच के असलम हत्याकांड में अदालत ने पत्नी आशिया और सोनू उर्फ मुनव्वर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, असलम अपनी पत्नी के कथित संबंधों का विरोध करता था और इसी विवाद के चलते उसकी हत्या की गई।29 अप्रैल 2021 को घर में असलम का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच आखिरकार अदालत के फैसले तक पहुंची। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना और उम्रकैद के साथ अर्थदंड भी लगाया।यह फैसला करीब चार साल पुराने मामले में आया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित पक्षों के अधिकारों और कानून के अनुसार जारी रह सकती है।
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