मुरादाबाद में H1N1 की दस्तक, 42 वर्षीय महिला संक्रमित

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू (H1N1) का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जनपद में गाजियाबाद से लौटी 42 वर्षीय महिला पूजा शर्मा में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है। महिला को तेज बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत थी। जांच के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर उसे तत्काल मुरादाबाद के निजी अस्पताल एशियन विवेकानंद में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है। मरीज की स्थिति पर चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं, मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संक्रमण को देखते हुए जिले में निगरानी और तैयारियां बढ़ा दी हैं।

मुरादाबाद में सामने आया H1N1 का पहला मामला

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, गाजियाबाद से लौटने के बाद महिला की तबीयत खराब हुई। उसे तेज बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें थीं। इन लक्षणों को देखते हुए उसकी जांच कराई गई, जिसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।मरीज को बिना देरी किए उपचार के लिए एशियन विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानियां बरतनी शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन H1N1 के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

जनपद में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट किया है। अधिकारियों को संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने और लक्षण मिलने पर आवश्यक जांच व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग का फोकस इस समय संक्रमण की संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और आवश्यकता के अनुसार जांच कराई जाए।

जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित

स्वास्थ्य विभाग ने संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया है।इस विशेष वार्ड में H1N1 से संक्रमित या संदिग्ध मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन को वार्ड की व्यवस्थाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को भी कम से कम 5-5 बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

ओसल्टामिविर दवा का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित

स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के उपचार में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख एंटीवायरल दवा ओसल्टामिविर (Oseltamivir) का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की है। यह दवा बाजार में आम तौर पर टैमीफ्लू (Tamiflu) नाम से जानी जाती है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उपचार में किसी तरह की परेशानी न आए।हालांकि किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर योग्य चिकित्सक से संपर्क करना और उनकी सलाह के अनुसार जांच व उपचार कराना जरूरी है।

क्या हैं H1N1 के प्रमुख लक्षण?

स्वाइन फ्लू यानी H1N1 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस संक्रमण है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिसके कारण कई बार शुरुआत में इसे सामान्य वायरल बुखार समझ लिया जाता है।

इसके संभावित लक्षणों में शामिल हैं:

  • तेज बुखार
  • गले में खराश
  • खांसी
  • शरीर में दर्द
  • सिरदर्द
  • थकान
  • नाक बहना या बंद होना
  • कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी

हर व्यक्ति में लक्षणों की गंभीरता अलग हो सकती है। विशेष रूप से यदि बुखार और सांस संबंधी परेशानी बढ़ रही हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी

स्वाइन फ्लू जैसे श्वसन संक्रमणों से बचाव के लिए सामान्य स्वच्छता और सावधानी महत्वपूर्ण है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, नियमित रूप से हाथ साफ करना और बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना उपयोगी सावधानियां हैं।यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना और चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।

घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत

मुरादाबाद में H1N1 का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिस तरह अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रखने की प्रक्रिया शुरू की है, उससे संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी मजबूत हुई है।जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड, CHC स्तर पर कम से कम पांच-पांच बेड की व्यवस्था और ओसल्टामिविर का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखना इसी तैयारी का हिस्सा है।फिलहाल संक्रमित महिला की स्थिति स्थिर बताई गई है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना चाहिए।मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है। अधिकारियों की कोशिश है कि संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान हो, जरूरतमंद मरीजों को समय पर इलाज मिले और संक्रमण की स्थिति को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

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