रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद भाई-बहन के अटूट प्रेम और रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर रही हैं, वहीं मुरादाबाद की जिला कारागार में भी रक्षाबंधन का अलग ही भावुक नजारा देखने को मिला।जेल की चारदीवारी के बीच इस बार भी बहनों को अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने का मौका दिया गया। भाई से मिलने की खुशी और लंबे समय से जेल में होने का दर्द—दोनों भावनाएं बहनों के चेहरों पर एक साथ नजर आईं। कोई भाई के लिए मिठाई लेकर पहुंचा तो कोई खान-पान की सामग्री। जेल परिसर के बाहर सुबह से ही बहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं।
- राखी लेकर जेल पहुंचीं बहनें, आंखों में खुशी और दिल में कसक
- 860 बहनें भाइयों को बांधेंगी राखी
- सुरक्षा के बीच मिठाई और खान-पान की सामग्री की जांच
- धूप से बचने के लिए टेंट और पानी की व्यवस्था
- भाई की कलाई पर राखी बांधकर भावुक हुईं बहनें
- जेल प्रशासन ने पहले से पूरी की तैयारी
- राखी ने कुछ देर के लिए मिटा दीं जेल की दीवारें
राखी लेकर जेल पहुंचीं बहनें, आंखों में खुशी और दिल में कसक
रक्षाबंधन के मौके पर मुरादाबाद जिला कारागार में बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। हाथों में राखी, मिठाई और भाई के लिए जरूरत की सामग्री लेकर पहुंची महिलाओं के चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी साफ दिखाई दी।हालांकि इस खुशी के बीच कई बहनों के मन में एक कसक भी थी। उनका कहना था कि अगर उनका भाई जेल की चारदीवारी से बाहर होता तो रक्षाबंधन की खुशी और भी दोगुनी होती।जेल परिसर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करती बहनों में कई महिलाएं भावुक नजर आईं। लेकिन भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की खुशी उनके भावुक पलों पर भारी पड़ रही थी।
860 बहनें भाइयों को बांधेंगी राखी
मुरादाबाद जिला कारागार प्रशासन ने रक्षाबंधन को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह के अनुसार, इस अवसर पर करीब 860 बहनों के जेल पहुंचने की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि बहनों के लिए सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं।जेल प्रशासन का प्रयास रहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर जेल में बंद कैदियों को भी अपने परिवार के साथ इस त्योहार की भावनात्मक खुशी महसूस करने का अवसर मिले।
सुरक्षा के बीच मिठाई और खान-पान की सामग्री की जांच
रक्षाबंधन पर जेल में सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष रूप से ध्यान में रखा गया। बहनों द्वारा भाइयों के लिए लाई गई मिठाई और खान-पान की सामग्री की जांच के बाद ही उसे जेल परिसर के अंदर भेजने की अनुमति दी गईजेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से किसी तरह का समझौता किए बिना बहनों को राखी बांधने की सुविधा उपलब्ध कराई। आने वाले लोगों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें मुलाकात के लिए भेजा गया।इस दौरान जेल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की ओर से व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
धूप से बचने के लिए टेंट और पानी की व्यवस्था
अगस्त की गर्मी को देखते हुए जेल प्रशासन ने बहनों के लिए धूप से बचाव के लिए टेंट भी लगाया। इसके अलावा परिसर में पीने के पानी और मिठाई की व्यवस्था की गई।=सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने कतार और बैठने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।जेल परिसर में पहुंची महिलाओं ने व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया और कहा कि भाई से राखी के दिन मिलना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
भाई की कलाई पर राखी बांधकर भावुक हुईं बहनें
रक्षाबंधन के दौरान जब बहनों को अपने भाइयों से मिलने का मौका मिला तो कई दृश्य बेहद भावुक करने वाले रहे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।कुछ महिलाएं भाई को देखकर भावुक हो गईं। लंबे समय बाद भाई से मुलाकात और त्योहार का दिन होने के कारण भावनाएं कई बार आंखों से छलक पड़ीं।एक ओर राखी बांधने की खुशी थी तो दूसरी ओर भाई के जेल में होने का दर्द। यही वजह रही कि मुरादाबाद जिला कारागार में रक्षाबंधन का यह आयोजन खुशियों के साथ-साथ भावनाओं से भी भरा नजर आया।
जेल प्रशासन ने पहले से पूरी की तैयारी
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनों के जेल पहुंचने की संभावना को देखते हुए जेल प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। मुलाकात की प्रक्रिया, सुरक्षा जांच, पानी, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया गया।वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 860 बहनों के पहुंचने की संभावना के अनुसार सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का महत्वपूर्ण त्योहार है और जेल में बंद कैदियों को भी अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिलना उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
बाइट: अनिल कुमार, जेल अधीक्षक, जिला कारागार मुरादाबाद
जेल अधीक्षक ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ बहनों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा है। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक राखी बांधने और मुलाकात की व्यवस्था की गई है। आने वाली बहनों के लिए धूप से बचाव, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
राखी ने कुछ देर के लिए मिटा दीं जेल की दीवारें
रक्षाबंधन का यह आयोजन उन परिवारों के लिए खास रहा, जिनके भाई जेल में बंद हैं। कुछ घंटों की मुलाकात ने बहनों और भाइयों को भावनात्मक रूप से एक-दूसरे के करीब ला दिया।जेल की दीवारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी राखी के धागे ने भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट को महसूस कराया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद भविष्य की कामना की और परिवार के बीच रिश्तों की डोर को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।मुरादाबाद जिला कारागार में रक्षाबंधन का यह आयोजन सुरक्षा, व्यवस्था और भावनाओं का अनूठा संगम नजर आया। करीब 860 बहनों के अपने भाइयों से मिलने की व्यवस्था के बीच जेल परिसर में कई चेहरे मुस्कुराते दिखे तो कई आंखें नम भी हुईं। लेकिन हर बहन के लिए सबसे खास पल वही था, जब उसने अपने भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधा।
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