रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
- ‘बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे’
- 50 किलो की राहत किट, हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के निर्देश
- पानी उतरते ही सड़कों की मरम्मत के निर्देश
- गंगा एक्सप्रेसवे लिंक मार्ग से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
- आलू किसानों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बताई योजनाएं
- निवेश और रोजगार को लेकर भी सरकार का दावा
- सांसद ने उठाई तटबंध निर्माण की मांग
- फर्रुखाबाद को मिली स्थायी समाधान की उम्मीद
फर्रुखाबाद फर्रुखाबाद में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जिले का हवाई सर्वेक्षण कर प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसीलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को ऊपर से देखा और अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद फतेहगढ़ पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद की लंबे समय से चली आ रही बाढ़ की समस्या को लेकर बड़ा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जिले को हर साल बाढ़ की परेशानी से जूझना पड़ता है, लेकिन अब सरकार इसका केवल अस्थायी समाधान नहीं बल्कि स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास के मामले में फर्रुखाबाद के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा।
हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसीलों में बाढ़ के हालात को देखा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रशासन को जरूरत के अनुसार राहत और बचाव अभियान लगातार चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

‘बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है। हर साल गंगा और अन्य जलधाराओं के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ का संकट पैदा होता है।उन्होंने बताया कि हाल ही में लखनऊ में फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी बाढ़ की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई थी। जिले के सांसद और विधायकों की ओर से बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध निर्माण की मांग रखी गई है।मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार इस मांग को गंभीरता से ले रही है और बाढ़ से स्थायी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जाएगा, जिससे हर साल बाढ़ के कारण होने वाली परेशानी और नुकसान को कम किया जा सके।
50 किलो की राहत किट, हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के निर्देश
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को करीब 50 किलो वजन की राहत किट दी जा रही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी जरूरतमंद परिवार को सहायता से वंचित न रहना पड़े।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों की मूलभूत जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। राहत एवं पुनर्वास अभियान में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी उतरते ही सड़कों की मरम्मत के निर्देश
बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जैसे ही बाढ़ का पानी उतरता है, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। इसके लिए आपदा राहत कोष का इस्तेमाल किया जाएगा।सड़कों की मरम्मत होने से ग्रामीणों के साथ किसानों और विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने से लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गंगा एक्सप्रेसवे लिंक मार्ग से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में फर्रुखाबाद के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक मार्ग से फर्रुखाबाद की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इसके अलावा फर्रुखाबाद जंक्शन के विकास से भी जिले को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी जिलों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करा रही है। फर्रुखाबाद को भी विकास योजनाओं में उसका पूरा अधिकार मिलेगा।
आलू किसानों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बताई योजनाएं
फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आलू किसानों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार काम कर रही है।उन्होंने आगरा में स्थापित किए जा रहे इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे आलू उत्पादन, अनुसंधान और विपणन को नई दिशा मिल सकती है। इसका लाभ फर्रुखाबाद सहित आसपास के आलू उत्पादक जिलों के किसानों को भी मिलने की उम्मीद है।किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से तकनीक, अनुसंधान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
निवेश और रोजगार को लेकर भी सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आए हैं। इन निवेशों के जमीन पर उतरने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास करना नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, किसानों को बेहतर अवसर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।
सांसद ने उठाई तटबंध निर्माण की मांग
कार्यक्रम के दौरान फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने भी मुख्यमंत्री के सामने जिले की बाढ़ की समस्या को प्रमुखता से रखा।उन्होंने बाढ़ से स्थायी राहत के लिए तटबंध निर्माण और प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने की मांग की। सांसद ने कहा कि अब बाढ़ का पानी पहले की तुलना में ज्यादा समय तक कई क्षेत्रों में ठहरता है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।उन्होंने मुख्यमंत्री से बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। मुख्यमंत्री की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
फर्रुखाबाद को मिली स्थायी समाधान की उम्मीद
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित लोगों को अब इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। वर्षों से बाढ़ का सामना कर रहे ग्रामीणों के लिए तटबंध निर्माण, सड़क सुधार और बेहतर राहत व्यवस्था अहम मुद्दे हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर सरकारी सहायता पहुंचनी चाहिए।फर्रुखाबाद में बाढ़ का पानी उतरने के बाद असली चुनौती पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की होगी। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार की ओर से घोषित स्थायी समाधान की दिशा में तटबंध और अन्य योजनाओं पर कब तक ठोस काम शुरू होता है।
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