गूलरभोज डैम में पानी की स्थिति कैसी? स्थानीय लोगों से जानी हकीकत

Editorial
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ब्यूरो रिपोर्ट :मो. अरशद

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर क्षेत्र में स्थित गूलरभोज डैम एक बार फिर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक खूबसूरती, शांत वातावरण और डैम के आसपास का मनमोहक नजारा यहां आने वाले लोगों को अपनी ओर खींचता है। छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान डैम क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर गूलरभोज डैम की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों से बातचीत कर वहां की मौजूदा तस्वीर समझने की कोशिश की।इस दौरान सबसे अहम सवाल यही रहा कि गूलरभोज डैम में इस समय पानी की स्थिति कैसी है? क्या डैम में पानी का स्तर सामान्य है, क्या जलस्तर में किसी तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है और स्थानीय लोग इसे लेकर क्या महसूस कर रहे हैं? इन तमाम सवालों को लेकर मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की गई।

गूलरभोज डैम में पानी की स्थिति जानने पहुंची टीम

गूलरभोज डैम क्षेत्र में पहुंचने के बाद टीम ने डैम के आसपास के वातावरण और लोगों की गतिविधियों का जायजा लिया। यहां प्राकृतिक वातावरण लोगों को काफी आकर्षित करता दिखाई दिया। डैम के किनारे पहुंचने वाले लोग कुछ समय रुककर आसपास के नजारे का आनंद लेते हैं और अपने यादगार पलों को कैमरे में कैद करते नजर आते हैं।स्थानीय लोगों के मुताबिक गूलरभोज डैम का शांत वातावरण इसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। शहर की भीड़भाड़ से दूर यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के बीच समय बिताने का मौका मिलता है। यही वजह है कि आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूसरे स्थानों से भी लोग यहां घूमने के लिए पहुंचते हैं।

स्थानीय लोगों से जानी डैम की हकीकत

मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बातचीत के दौरान डैम के पानी, आसपास के माहौल और पर्यटकों की आवाजाही को लेकर उनकी राय जानी गई। लोगों ने बताया कि गूलरभोज डैम का वातावरण बेहद शांत और खूबसूरत है।स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम में पानी का स्तर मौसम और जलप्रवाह के अनुसार बदलता रहता है। इसलिए किसी एक समय के आधार पर पूरे जलाशय की स्थिति का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। पानी के वास्तविक स्तर और उसमें होने वाले बदलाव की सटीक जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक आंकड़ों से ही प्राप्त की जा सकती है।

मौसम के साथ बदलता है जलस्तर

डैम और जलाशयों में पानी का स्तर कई प्राकृतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। बारिश, जलप्रवाह, आसपास की नदियों और जल निकासी जैसी परिस्थितियों के कारण जलस्तर में बदलाव हो सकता है।गूलरभोज डैम को लेकर भी स्थानीय लोगों ने बताया कि मौसम के अनुसार यहां पानी की स्थिति बदलती रहती है। ऐसे में डैम में पानी कम या ज्यादा होने को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जलस्तर की जानकारी जरूरी है।यही वजह है कि मौके पर लोगों से बातचीत के दौरान पानी की स्थिति को लेकर उनके अनुभवों को जाना गया, लेकिन किसी निश्चित जलस्तर का दावा नहीं किया गया।

गूलरभोज डैम में पानी की स्थिति कैसी
गूलरभोज डैम में पानी की स्थिति कैसी

प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को करती है आकर्षित

गूलरभोज डैम केवल जलाशय ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। डैम के आसपास का शांत वातावरण, पानी और हरियाली लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।यहां आने वाले लोग डैम के किनारे खड़े होकर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताते दिखाई देते हैं। छुट्टी के दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास के क्षेत्र में भी चहल-पहल देखने को मिलती है।स्थानीय लोगों के लिए भी गूलरभोज डैम क्षेत्र मनोरंजन और सुकून का एक प्रमुख स्थान है। लोगों का कहना है कि यदि यहां साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जाए तो पर्यटन की संभावनाओं को और बढ़ाया जा सकता है।

साफ-सफाई और सुरक्षा भी अहम मुद्दा

डैम क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के बीच साफ-सफाई और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय है। प्राकृतिक स्थानों पर घूमने आने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे आसपास गंदगी न फैलाएं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से बचें।इसके अलावा डैम के आसपास पानी के नजदीक जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। जलाशय में पानी की गहराई और परिस्थितियां हर स्थान पर एक जैसी नहीं होतीं। इसलिए पर्यटकों को निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही रहना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी पानी की वास्तविक स्थिति

गूलरभोज डैम में पानी की वास्तविक स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत में अलग-अलग अनुभव सामने आए। हालांकि, डैम का आधिकारिक जलस्तर और पानी की मौजूदा स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग की रिपोर्ट को ही अंतिम और विश्वसनीय आधार माना जाना चाहिए।मौके पर हमारी टीम ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बातचीत कर डैम की स्थिति को समझने की कोशिश की। लोगों ने डैम की प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण की सराहना की। वहीं जलस्तर को लेकर आधिकारिक जानकारी की आवश्यकता भी सामने आई।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

गूलरभोज डैम में आने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील है कि वे डैम क्षेत्र में सावधानी बरतें। पानी के करीब जाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचें।साथ ही पर्यटकों से यह भी अपील है कि वे डैम और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें तथा प्राकृतिक वातावरण को नुकसान न पहुंचाएं।गूलरभोज डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल के चलते लोगों को लगातार आकर्षित कर रहा है। हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बातचीत के जरिए डैम की स्थिति को समझने की कोशिश की। पानी के मौजूदा स्तर को लेकर आधिकारिक आंकड़े संबंधित विभाग से ही स्पष्ट हो सकेंगे।

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