रूस का Center-2026 सैन्य अभ्यास पूरा, ड्रोन-रोबोटिक तकनीक ने खींचा ध्यान

Editorial
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रूस में आयोजित Center-2026 सैन्य अभ्यास 2 अक्टूबर 2026 को पूरा हो गया। चेल्याबिंस्क क्षेत्र के चेबारकुल समेत कई इलाकों में हुए इस बड़े सैन्य अभ्यास में रूस के साथ चीन, पाकिस्तान, बेलारूस और अन्य देशों के सैन्य दलों ने हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान आधुनिक ड्रोन तकनीक, मानव रहित रोबोटिक सिस्टम और टैंक सुरक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में 47 हजार से अधिक सैन्यकर्मी, करीब 2,000 सैन्य वाहन, 90 विमान और 77 नौसैनिक जहाज शामिल रहे। अभ्यास कई स्थानों पर आयोजित किया गया और इसमें कैस्पियन सागर क्षेत्र भी शामिल था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अभ्यास के अंतिम चरण का निरीक्षण किया।

रूस का Center-2026 सैन्य अभ्यास पूरा
रूस का Center-2026 सैन्य अभ्यास पूरा

ड्रोन के झुंड ने खींचा ध्यान

Center-2026 की सबसे चर्चित विशेषताओं में ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन रहा। अभ्यास के दौरान ड्रोन के समूहों का इस्तेमाल दिखाया गया। रूस की ओर से Geran-4 और Geran-5 ड्रोन से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ी है। रूस के इस अभ्यास में भी बड़ी संख्या में मानवरहित प्रणालियों को सैन्य अभियानों के साथ जोड़ने पर जोर दिखाई दिया। इसका उद्देश्य अलग-अलग सैन्य प्रणालियों के बीच समन्वय और स्वचालन की क्षमता को प्रदर्शित करना था।रूसी अधिकारियों और मीडिया  अभ्यास में यूक्रेन युद्ध से मिले सैन्य अनुभवों से जुड़े सबक को भी शामिल किया गया। रूस ने इसे मध्य एशियाई दिशा में संभावित बाहरी खतरे से निपटने की तैयारी के संदर्भ में पेश किया।

रोबोटिक सिस्टम भी अभ्यास का हिस्सा

अभ्यास में केवल ड्रोन ही नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाले रोबोटिक सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, TSHRK ‘श्टर्म’ रोबोटिक कॉम्प्लेक्स ने भी ध्यान खींचा। यह सिस्टम T-72 और T-90 टैंक प्लेटफॉर्म से संबंधित तकनीक पर आधारित बताया गया है।रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चेबारकुल प्रशिक्षण क्षेत्र में करीब 6,000 सैन्यकर्मी, लगभग 700 सैन्य उपकरण, 600 से अधिक ड्रोन और 60 से ज्यादा रोबोटिक सिस्टम शामिल थे। यह आंकड़ा पूरे अभ्यास में शामिल कुल 47 हजार से अधिक सैनिकों से अलग, अंतिम चरण में उस प्रशिक्षण क्षेत्र पर मौजूद बलों से संबंधित था।

टैंकों की सुरक्षा पर भी जोर

Center-2026 में आधुनिक टैंक सुरक्षा तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, रूसी T-90M टैंकों पर Arena-M सक्रिय सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी क्षमताएं दिखाई गईं। यह तकनीक ड्रोन जैसे हवाई खतरों के खिलाफ टैंक की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।इससे संकेत मिलता है कि रूस के सैन्य अभ्यास में केवल पारंपरिक सैन्य प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों से पैदा होने वाली नई चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया।

चीन, पाकिस्तान और बेलारूस की भागीदारी

Center-2026 में रूस के अलावा कई देशों की सैन्य भागीदारी रही। रिपोर्टों के अनुसार चीन, बेलारूस, किर्गिस्तान, मंगोलिया, पाकिस्तान और ताजिकिस्तान ने अपने सैन्य दल भेजे। इसके अलावा कई अन्य देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक के तौर पर अभ्यास देखने पहुंचे।Associated Press के अनुसार, चीन, मंगोलिया और पाकिस्तान समेत कई देशों के सैन्यकर्मी अभ्यास के विभिन्न हिस्सों में शामिल हुए। कुल मिलाकर 55 देशों के प्रतिनिधियों ने अभ्यास को देखा।इस बहुराष्ट्रीय भागीदारी ने Center-2026 को केवल रूस का नियमित सैन्य अभ्यास नहीं रहने दिया, बल्कि इसे कई देशों के बीच सैन्य सहयोग और संयुक्त प्रशिक्षण के मंच के रूप में भी सामने रखा।

पुतिन ने किया अभ्यास का निरीक्षण

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2 अक्टूबर को चेबारकुल प्रशिक्षण क्षेत्र में अभ्यास के अंतिम चरण का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विदेशी सैन्य प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। रूस की ओर से कहा गया कि हालिया सैन्य अनुभवों से मिले सबक को सहयोगी देशों के साथ साझा करना आपसी भरोसा और सैन्य सहयोग बढ़ाने में मदद कर सकता है।रूसी अधिकारियों के अनुसार, Center-2026 का उद्देश्य संयुक्त कार्रवाई, कमांड और नियंत्रण तथा आधुनिक सैन्य तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी क्षमताओं का परीक्षण करना था।

47 हजार से ज्यादा सैनिकों वाला बड़ा अभ्यास

Center-2026 का पैमाना इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे अभ्यास में 47 हजार से अधिक सैनिकों के साथ करीब 2,000 सैन्य वाहन, 90 विमान और 77 नौसैनिक जहाज शामिल रहे। अलग-अलग प्रशिक्षण क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां आयोजित की गईं।रूस की ओर से इस अभ्यास को आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुरूप सैन्य तैयारियों को परखने के अवसर के तौर पर पेश किया गया। खास तौर पर ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम और स्वचालित तकनीकों का बढ़ता इस्तेमाल अभ्यास की प्रमुख विशेषताओं में रहा।

आधुनिक युद्ध में बदलती तकनीक की झलक

Center-2026 से यह जरूर दिखाई दिया कि रूस अपने सैन्य अभ्यासों में मानवरहित और स्वचालित प्रणालियों को लगातार अधिक महत्व दे रहा है। ड्रोन से लेकर जमीन पर चलने वाले रोबोटिक सिस्टम और टैंक सुरक्षा तकनीक तक, अभ्यास में कई ऐसी प्रणालियां दिखाई गईं जिनका उद्देश्य सैनिकों और सैन्य उपकरणों की क्षमता बढ़ाना है। किसी सैन्य अभ्यास में प्रदर्शित तकनीक और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में उसकी प्रभावशीलता को एक समान नहीं माना जा सकता। इन प्रणालियों की वास्तविक क्षमता का आकलन उनके इस्तेमाल, विश्वसनीयता और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।Center-2026 ने रूस की आधुनिक सैन्य तकनीक, ड्रोन आधारित प्रणालियों और रोबोटिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया। चीन, पाकिस्तान, बेलारूस और अन्य देशों की भागीदारी ने अभ्यास के बहुराष्ट्रीय स्वरूप को भी रेखांकित किया।

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