SIAM रिपोर्ट ने चौंकाया! मई में कार-बाइक खरीदने की मची होड़, भारतीय ऑटो बाजार ने पकड़ी रिकॉर्ड रफ्तार

Editorial
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मई 2026 भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। देशभर में कारों, बाइक्स और थ्री-व्हीलर्स की बिक्री ने ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसने यह साफ कर दिया है कि भारतीय बाजार की रफ्तार अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो चुकी है। बढ़ती आय, आसान फाइनेंसिंग, नए मॉडलों की लॉन्चिंग और त्योहारों से पहले बढ़ी खरीदारी ने ऑटो सेक्टर को जबरदस्त गति दी है। उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मई महीने में लगभग हर वाहन श्रेणी में दो अंकों की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है।सबसे ज्यादा चर्चा पैसेंजर वाहनों यानी कारों की बिक्री को लेकर हो रही है। पिछले साल मई 2025 में जहां 3 लाख 44 हजार 656 कारें डीलरों तक पहुंची थीं, वहीं इस साल मई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 4 लाख 38 हजार 854 यूनिट्स तक पहुंच गया। यानी सिर्फ एक साल में 27.3 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता अब नई कारें खरीदने के लिए पहले से ज्यादा उत्साहित हैं और बाजार में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि एसयूवी सेगमेंट की बढ़ती लोकप्रियता ने इस ग्रोथ में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। लोग अब ज्यादा स्पेस, बेहतर फीचर्स और आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता और कंपनियों द्वारा आकर्षक ऑफर्स भी बिक्री बढ़ने की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।केवल कारें ही नहीं, बल्कि टू-व्हीलर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। मई 2025 में जहां 16 लाख 57 हजार 116 बाइक और स्कूटर की बिक्री हुई थी, वहीं मई 2026 में यह संख्या बढ़कर 19 लाख 2 हजार 209 यूनिट्स तक पहुंच गई। यानी इस सेगमेंट में 14.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा बताता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाइक और स्कूटर की बिक्री में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। पेट्रोल की कीमतों में स्थिरता, बेहतर माइलेज वाले नए मॉडल, आसान ईएमआई और युवाओं के बीच स्पोर्ट्स बाइक्स की बढ़ती लोकप्रियता ने इस सेगमेंट को मजबूती दी है। साथ ही इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बढ़ती बिक्री ने भी बाजार में नई ऊर्जा भर दी है।हालांकि सबसे बड़ी छलांग थ्री-व्हीलर सेगमेंट में देखने को मिली है। मई 2025 में जहां 53 हजार 942 थ्री-व्हीलर्स की बिक्री हुई थी, वहीं मई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 70 हजार 720 यूनिट्स तक पहुंच गया। यानी इस श्रेणी में 31.1 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। यह ऑटो सेक्टर की सभी प्रमुख श्रेणियों में सबसे ज्यादा प्रतिशत वृद्धि है।थ्री-व्हीलर की बिक्री बढ़ने के पीछे देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती जरूरत को मुख्य कारण माना जा रहा है। ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक ऑटो की मांग में तेजी ने भी इस सेगमेंट को नई ऊंचाई दी है। छोटे शहरों और कस्बों में लोग अब पारंपरिक ऑटो की जगह इलेक्ट्रिक विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं।SIAM की रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोक्ताओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। जब लोग बड़ी संख्या में कारें और दोपहिया वाहन खरीदते हैं तो इसका सीधा असर उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है और इसमें आने वाली तेजी कई अन्य उद्योगों को भी गति देती है।ऑटो कंपनियां भी इस सकारात्मक माहौल को लेकर काफी उत्साहित हैं। कई कंपनियों ने आने वाले महीनों में नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ते फोकस और अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहती हैं और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत रहता है, तो साल 2026 भारतीय ऑटो उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। फिलहाल मई महीने के आंकड़ों ने इतना जरूर साबित कर दिया है कि भारत का ऑटो बाजार तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

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