नई कार की पहली सर्विस में न करें ये 5 बड़ी गलतियां! मैकेनिक से जरूर पूछें ये सवाल, वरना बाद में हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है

Editorial
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नई कार खरीदना हर व्यक्ति के लिए एक खास अनुभव होता है। कार शोरूम से निकलते ही उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी मालिक की हो जाती है। हालांकि, अधिकांश लोग कार की पहली सर्विस को सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया मानते हैं। वे कार को सर्विस सेंटर पर छोड़कर घर लौट आते हैं और यह मान लेते हैं कि कंपनी सब कुछ सही तरीके से कर देगी। लेकिन ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि नई कार की पहली सर्विस सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी दौरान यह तय होता है कि भविष्य में आपकी कार कितनी भरोसेमंद और कम खर्चीली साबित होगी।अगर पहली सर्विस के दौरान छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे चलकर इंजन, ब्रेक, सस्पेंशन, टायर और माइलेज जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए पहली सर्विस के समय केवल कार जमा कर देना ही काफी नहीं है, बल्कि मैकेनिक और सर्विस एडवाइजर से कुछ जरूरी सवाल पूछना भी बेहद आवश्यक है।

क्यों सबसे अहम होती है पहली सर्विस?

नई कार फैक्ट्री से पूरी तरह जांच के बाद जरूर निकलती है, लेकिन शुरुआती कुछ हजार किलोमीटर चलने के दौरान इंजन, ट्रांसमिशन, ब्रेक और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से सेट होते हैं। इस दौरान कई बार छोटे-छोटे एडजस्टमेंट की जरूरत पड़ती है।पहली सर्विस में यह सुनिश्चित किया जाता है कि वाहन का हर सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। यदि किसी पार्ट में शुरुआती स्तर पर कोई कमी हो, तो उसे वारंटी के तहत ठीक किया जा सकता है। यही वजह है कि इस सर्विस को हल्के में लेना महंगा साबित हो सकता है।

पहला सवाल – पहली सर्विस में आखिर क्या-क्या किया जाएगा?

अक्सर ग्राहक यह पूछे बिना ही कार सर्विस सेंटर में छोड़ देते हैं।लेकिन आपको सबसे पहले यह जानना चाहिए कि आपकी कार में कौन-कौन से काम किए जाएंगे।

मैकेनिक से पूछें—

  • क्या इंजन ऑयल बदला जाएगा या केवल जांच होगी?
  • कौन-कौन से फिल्टर चेक किए जाएंगे?
  • ब्रेक, क्लच और सस्पेंशन की जांच होगी या नहीं?
  • क्या कंपनी ने कोई नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया है?
  • बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जांच की जाएगी या नहीं?

ध्यान रखें कि कई कंपनियां पहली सर्विस में इंजन ऑयल नहीं बदलतीं, बल्कि केवल उसकी गुणवत्ता की जांच करती हैं। इसलिए पहले से जानकारी होना जरूरी है।

दूसरा सवाल – यदि कोई पार्ट बदला जा रहा है तो क्यों?

नई कार की पहली सर्विस में आमतौर पर किसी बड़े पार्ट को बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।यदि सर्विस सेंटर आपको किसी पार्ट को बदलने की सलाह देता है, तो बिना वजह समझे तुरंत सहमति न दें।

पूछें—

  • यह पार्ट क्यों बदला जा रहा है?
  • क्या यह कंपनी की ओर से वारंटी में बदला जा रहा है?
  • क्या लगाया जाने वाला पार्ट ओरिजिनल (Genuine) है?
  • उसकी वारंटी कितनी होगी?

इन सवालों से आप अनावश्यक खर्च और गलत सलाह से बच सकते हैं।

तीसरा सवाल – क्या पूरी सर्विस फ्री है या अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा?

अधिकांश कंपनियां पहली और दूसरी सर्विस को फ्री बताती हैं, लेकिन कई बार कुछ अतिरिक्त कार्यों या उपभोग्य वस्तुओं (Consumables) के नाम पर शुल्क लिया जाता है।

इसलिए सर्विस शुरू होने से पहले ही पूछ लें—

  • कौन-कौन सी सेवाएं मुफ्त हैं?
  • किन चीजों के लिए अलग से भुगतान करना होगा?
  • कुल अनुमानित खर्च कितना आएगा?
  • क्या किसी अतिरिक्त काम के लिए पहले आपकी अनुमति ली जाएगी?

इससे सर्विस पूरी होने के बाद बिल देखकर आपको झटका नहीं लगेगा।

चौथा सवाल – अगली सर्विस कब करानी होगी?

पहली सर्विस के बाद अगली सर्विस का समय जानना बेहद जरूरी है।अक्सर लोग केवल किलोमीटर देखते हैं, जबकि कई कंपनियां समय सीमा भी तय करती हैं।

मैकेनिक से जरूर पूछें—

  • अगली सर्विस कितने किलोमीटर पर होगी?
  • कितने महीने बाद करानी होगी?
  • क्या सर्विस शेड्यूल लिखित रूप में मिलेगा?
  • यदि तय समय से देरी हुई तो वारंटी पर क्या असर पड़ेगा?

समय पर सर्विस कराने से कार की वारंटी सुरक्षित रहती है और भविष्य में क्लेम करने में परेशानी नहीं होती।

पांचवां सवाल – क्या कार में कोई शुरुआती समस्या मिली है?

पहली सर्विस के दौरान कई बार छोटी-छोटी कमियां सामने आती हैं, जिन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता है।

इसलिए मैकेनिक से विस्तार से पूछें—

  • क्या ब्रेक पैड सामान्य स्थिति में हैं?
  • टायरों में कोई असमान घिसावट तो नहीं?
  • कहीं ऑयल या कूलेंट का रिसाव तो नहीं?
  • बैटरी सही स्थिति में है या नहीं?
  • रोजाना इस्तेमाल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

इन सवालों के जवाब आपको भविष्य में बड़ी खराबी और भारी खर्च से बचा सकते हैं।

सर्विस सेंटर में कार छोड़कर तुरंत न लौटें

यदि संभव हो तो कार की सर्विस के दौरान कुछ समय सर्विस सेंटर में मौजूद रहें।इससे आपको पता चलता रहेगा कि कार में वास्तव में क्या काम हो रहा है। यदि कोई अतिरिक्त रिपेयर या पार्ट बदलने की जरूरत होगी तो आप तुरंत निर्णय ले सकेंगे।कई बार ग्राहक की जानकारी के बिना अतिरिक्त कार्य जोड़ दिए जाते हैं, जिससे बिल बढ़ जाता है।

सर्विस रिपोर्ट जरूर पढ़ें

सर्विस पूरी होने के बाद केवल चाबी लेकर घर न जाएं।

सर्विस रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ें और जांच लें—

  • कौन-कौन से पार्ट्स की जांच हुई?
  • क्या बदला गया?
  • क्या कोई सलाह दी गई है?
  • अगली सर्विस की तारीख क्या लिखी गई है?

यह रिकॉर्ड भविष्य में वारंटी और रीसेल वैल्यू दोनों के लिए उपयोगी होता है।

इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान

  • केवल अधिकृत (Authorized) सर्विस सेंटर पर ही सर्विस कराएं।
  • हमेशा कंपनी के ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का ही उपयोग करें।
  • इंजन ऑयल और अन्य फ्लूइड्स की ग्रेडिंग की पुष्टि करें।
  • सर्विस के बाद टेस्ट ड्राइव जरूर करें।
  • किसी भी असामान्य आवाज, कंपन या चेतावनी लाइट को नजरअंदाज न करें।

नई कार की पहली सर्विस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी कार की लंबी उम्र, बेहतर माइलेज और सुरक्षित प्रदर्शन की मजबूत नींव होती है। यदि आप पहली सर्विस के दौरान मैकेनिक से सही सवाल पूछते हैं, सर्विस रिपोर्ट ध्यान से देखते हैं और हर काम की जानकारी लेते हैं, तो भविष्य में होने वाले बड़े खर्च और तकनीकी समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं। याद रखें, पहली सर्विस में आपकी थोड़ी-सी जागरूकता आने वाले कई वर्षों तक आपकी कार को बेहतर स्थिति में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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