सिद्धार्थनगर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण)’ अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को सिद्धार्थनगर जिले के थाना त्रिलोकपुर पुलिस ने ग्राम देवथरी में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं को एकत्रित कर उन्हें महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई।यह अभियान केवल कानून की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ तुरंत आवाज उठाने का संदेश भी दिया गया।
एसएसपी के निर्देशन में चला विशेष जागरूकता अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में पूरे जिले में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के कुशल निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक थाना त्रिलोकपुर हरेकृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम ने ग्राम देवथरी में यह कार्यक्रम आयोजित किया।पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और किशोरियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें बताया कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। जागरूकता ही अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।
महिला अपराधों के खिलाफ सतर्क रहने की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, पीछा करना (स्टॉकिंग), ऑनलाइन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और अन्य महिला संबंधी अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी महिला या बालिका के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, हिंसा या अपराध होता है तो उसे डरने या चुप रहने की जरूरत नहीं है। कानून पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है और समय रहते शिकायत करने से अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव होती है।+

साइबर अपराधों से बचने के बताए आसान उपाय
आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया।उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम पिन, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी लिंक, नकली नौकरी के ऑफर, ऑनलाइन लोन, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट और इनाम जीतने जैसे झांसे से सावधान रहने की सलाह दी गई।पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को रोका जा सके।
सरकारी योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि पात्र महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।इस दौरान महिलाओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृ शक्ति को सम्बल, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं की जानकारी होना और उनका लाभ उठाना हर पात्र महिला का अधिकार है।

हेल्पलाइन नंबर याद रखने की अपील
मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी और कहा कि संकट की स्थिति में इन नंबरों का तत्काल उपयोग करें।
महिलाओं को बताया गया—
- 1090 – वूमेन पावर लाइन
- 181 – महिला हेल्पलाइन
- 112 – पुलिस इमरजेंसी सेवा
- 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
- 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
- 108 – एम्बुलेंस सेवा
- 101 – अग्निशमन सेवा
- 14567 – एल्डर हेल्पलाइन
- 1930 – साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन
पुलिस ने कहा कि इन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी कई बार किसी व्यक्ति की जान बचाने या अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
महिलाओं ने पूछे सवाल, पुलिस ने दिए जवाब
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे। मिशन शक्ति टीम ने सभी प्रश्नों का सरल भाषा में उत्तर दिया और महिलाओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।इस संवादात्मक कार्यक्रम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बिना झिझक पुलिस से संपर्क करने की बात कही।
समाज को जागरूक बनाने का प्रयास
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून बनाकर सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता भी आवश्यक है। ऐसे अभियान महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ अपराधियों में कानून का भय भी पैदा करते हैं।उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
मिशन शक्ति टीम रही मौजूद
इस जनजागरूकता कार्यक्रम में थाना त्रिलोकपुर मिशन शक्ति टीम के उपनिरीक्षक तालीमुद्दीन खान, हेड कांस्टेबल धनंजय दुबे एवं महिला आरक्षी हिना अंसारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने गांव-गांव जाकर महिलाओं से सीधे संवाद किया और उन्हें सुरक्षा, कानून तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराईं।महिलाओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं, और महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करने में पुलिस और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

