रिपोर्ट : मो. अरशद
मुरादाबाद लोगों की थाली तक सुरक्षित और शुद्ध भोजन पहुंचे, इसे सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मुरादाबाद में बड़ा अभियान चलाया। मोबाइल फूड सेफ्टी वैन (MFSW) के माध्यम से शहर के पंडित नगला बाईपास, करुला क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा जागरूकता, प्रशिक्षण और खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच का विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान 20 खाद्य नमूनों की मौके पर ही जांच की गई, जिसमें हल्दी का एक नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद संबंधित कारोबारी को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
20 नमूनों की जांच, हल्दी का सैंपल निकला संदिग्ध
यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देशों तथा सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, मुरादाबाद के नेतृत्व में चलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम किशोर की मौजूदगी में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 20 नमूनों का मोबाइल लैब में त्वरित परीक्षण किया गया।जांच के दौरान अधिकांश नमूने संतोषजनक पाए गए, लेकिन हल्दी का एक नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिला। अधिकारियों ने संबंधित खाद्य कारोबार संचालक को गुणवत्ता सुधारने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
‘शुद्ध भोजन, सुरक्षित जीवन’… 27 कारोबारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहा। विभाग ने 27 खाद्य कारोबारियों (Food Business Operators – FBOs) को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण भी दिया।अधिकारियों ने कारोबारियों को बताया कि ग्राहकों का विश्वास तभी कायम रहेगा जब वे सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके भी समझाए गए।

सिंथेटिक रंगों पर सख्त रोक, FSSAI नियमों का पालन जरूरी
प्रशिक्षण के दौरान कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के सिंथेटिक या प्रतिबंधित रंगों का उपयोग न करें। साथ ही केवल एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस प्राप्त खाद्य सामग्री का ही इस्तेमाल करें।विभाग ने चेतावनी दी कि यदि जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट या प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग पाया गया तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रसोई की स्वच्छता पर विशेष जोर
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षित भोजन केवल अच्छी सामग्री से नहीं, बल्कि साफ-सुथरे वातावरण में तैयार करने से भी सुनिश्चित होता है।इसी को ध्यान में रखते हुए कारोबारियों को शेड्यूल-4 के तहत निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि खाद्य निर्माण स्थल और रसोई पूरी तरह साफ-सुथरी होनी चाहिए तथा भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेड कैप, फेस मास्क, एप्रन और हैंड ग्लव्स पहनने चाहिए।इसके अलावा कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों को अलग-अलग तथा पूरी तरह ढककर रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण या दूषित होने का खतरा न रहे।
प्रतिष्ठान पर FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान पर एफएसएसएआई लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ता है और विभागीय निरीक्षण के दौरान भी पारदर्शिता बनी रहती है।

जागरूकता अभियान से लोगों को भी मिला संदेश
मोबाइल फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और कारोबारियों को बताया कि सुरक्षित भोजन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और खाद्य कारोबारी की भी जिम्मेदारी है।लोगों से अपील की गई कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग को तुरंत दें।
विभाग की अपील— ‘मिलावट नहीं, गुणवत्ता अपनाएं’
अभियान के अंत में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे केवल गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें। विभाग ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे और जहां भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
मुरादाबाद में मोबाइल फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से चलाया गया यह अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित कर उन्हें जिम्मेदार बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विभाग का उद्देश्य है कि शहर के हर नागरिक तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचे तथा मिलावट और लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है— “स्वच्छता, गुणवत्ता और नियमों का पालन ही सुरक्षित भोजन की सबसे बड़ी गारंटी है।”
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