700 KM दूर से आई STF, ढेर हुआ डेढ़ लाख का इनामी: सोती रही स्थानीय पुलिस, ललन सिंह एनकाउंटर ने खड़े किए बड़े सवाल

Editorial
7 Min Read

सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सोमवार तड़के हुए एक हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर ने जहां कुख्यात अपराधी ललन सिंह के आतंक का अंत कर दिया, वहीं स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और पुलिसकर्मियों की हत्या जैसे जघन्य अपराधों में वांछित 1.25 लाख रुपये का इनामी बदमाश ललन सिंह लखनऊ से पहुंची एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। हैरानी की बात यह रही कि करीब 700 किलोमीटर दूर से आई एसटीएफ को जहां उसकी मौजूदगी की सटीक सूचना मिल गई, वहीं सहारनपुर पुलिस को पूरे ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी। सरसावा-नकुड़ मार्ग पर सोमवार तड़के करीब तीन बजे एसटीएफ ने जाल बिछाया। सूचना थी कि बिहार का कुख्यात अपराधी ललन सिंह अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में मौजूद है। एसटीएफ टीम ने सड़क पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल ललन सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह और निरीक्षक आदित्य कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे दोनों बाल-बाल बच गए।

कौन था ललन सिंह?

बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला ललन सिंह लंबे समय से पुलिस और एसटीएफ की वांटेड सूची में शामिल था। उस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ के रिकॉर्ड के मुताबिक ललन सिंह और उसका गैंग कई सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहा। उसने पुलिस अधिकारियों पर हमले किए, सरकारी हथियार लूटे, बैंक कर्मियों की हत्या की और करोड़ों रुपये की लूट की घटनाओं को अंजाम दिया।

अपराध की दुनिया का खूंखार चेहरा

ललन सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है।

  • 2016 में बिहार के नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर सरकारी रिवॉल्वर लूट ली।
  • पटना में एएसआई सुरेश ठाकुर और एएसआई आरआर चौधरी की हत्या कर उनकी सर्विस पिस्टलें लूट लीं।
  • नालंदा में कैश वैन लूट के दौरान दो लोगों की हत्या कर लगभग 20 लाख रुपये लूटे।
  • पटना में बैंक कैश ले जा रहे कर्मचारियों पर हमला कर तीन लोगों की हत्या की और करीब 60 लाख रुपये लूट लिए।
  • वाराणसी और चंदौली में पुलिसकर्मियों पर हमले, हथियार लूटने और डकैती की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया।
  • 2022 में पटना से न्यायिक अभिरक्षा से फरार होने के बाद वह लगातार राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल

इस एनकाउंटर के बाद सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आखिर बिहार का इतना बड़ा अपराधी सहारनपुर तक पहुंच गया और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में गंगोह क्षेत्र में एक लाख के इनामी सिराज अहमद को लखनऊ एसटीएफ ने मार गिराया था। उस वक्त भी स्थानीय पुलिस पूरी कार्रवाई से अनजान रही थी।अब लगातार दूसरी बार ऐसा होने से पुलिस के खुफिया तंत्र और मुखबिर नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जांच के घेरे में कई सवाल

एनकाउंटर के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो गए हैं।

  • समस्तीपुर का रहने वाला ललन सिंह सहारनपुर क्यों आया था?
  • क्या वह किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था?
  • उसका फरार साथी कौन है और कहां का रहने वाला है?
  • क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिहार और पूर्वांचल के अपराधियों का नया नेटवर्क सक्रिय हो रहा है?
  • स्थानीय स्तर पर उसे किसी की मदद मिल रही थी या नहीं?

इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं।

भाइयों का भी हो चुका है एनकाउंटर

एसटीएफ के अनुसार ललन सिंह अपने भाइयों मनीष सिंह और रजनीश सिंह के साथ गैंग चलाता था। सितंबर 2022 में तीनों पटना से न्यायिक अभिरक्षा से फरार हुए थे। बाद में मनीष और रजनीश अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए। अब ललन सिंह की मौत के साथ इस गैंग का एक और बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है।

 


क्या बोले अधिकारी?

अभिषेक सिंह, डीआईजी सहारनपुर रेंज

“यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में 1.25 लाख रुपये का इनामी बदमाश ललन सिंह मारा गया है। उसके फरार साथी की तलाश की जा रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा।”


एनकाउंटर के बाद बढ़ी चौकसी

ललन सिंह के मारे जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस फरार साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कुख्यात अपराधी सहारनपुर तक कैसे पहुंचा और उसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन थे। ललन सिंह की मौत ने भले ही एक बड़े अपराधी का अध्याय खत्म कर दिया हो, लेकिन इस एनकाउंटर ने कई ऐसे सवाल भी छोड़ दिए हैं जिनके जवाब मिलना अभी बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसटीएफ 700 किलोमीटर दूर से आकर अपराधी को ढेर कर सकती है, तो स्थानीय पुलिस को उसकी मौजूदगी की भनक तक क्यों नहीं लगी?

read on:https://news7hindi.com/cm-yogis-plan-changed-as-soon-as-he-got-the-news-of-lucknow-fire-he-returned-with-a-gift-of-rs-462-crore-in-12-minutes/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment