वाराणसी संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर बुधवार को काशी की पावन धरती एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन की साक्षी बनी। सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया और संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को आधुनिक भारत के लिए मार्गदर्शक बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया और समाज से जाति, भेदभाव तथा ऊंच-नीच की मानसिकता को समाप्त कर समानता और सामाजिक एकता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम में देशभर से आए संत, धर्माचार्य, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, भाजपा के वरिष्ठ नेता और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। हालांकि, बिहार उपचुनाव की व्यस्तताओं के कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद आयोजन पूरे उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
संत रविदास को श्रद्धांजलि, समरसता का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले संत रविदास की जन्मस्थली मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने संत रविदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि संत रविदास ने उस समय समाज को नई दिशा दी, जब जातिगत भेदभाव और सामाजिक विषमताएं चरम पर थीं। उनकी वाणी आज भी समाज को जोड़ने, समानता स्थापित करने और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को संत रविदास के विचारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘समरसता संकल्प अभियान’ रहा। इस अभियान के माध्यम से संत रविदास के विचारों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक समाज में समान अवसर, समान सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना मजबूत नहीं होगी, तब तक विकसित भारत का सपना पूरी तरह साकार नहीं हो सकता।उन्होंने सभी लोगों से संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने और समाज में भाईचारे तथा सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।
131 कलशों में संजोई गई जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी
कार्यक्रम के दौरान संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी का विशेष पूजन किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने बताया कि इस पावन मिट्टी को 131 कलशों में सुरक्षित रखा गया है। इन कलशों को देशभर के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाया जाएगा ताकि संत रविदास के संदेश और विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।उन्होंने कहा कि संत रविदास की ‘बेगमपुरा’ की कल्पना एक ऐसे समाज की थी, जहां किसी प्रकार का भेदभाव, अन्याय या दुख न हो और हर व्यक्ति सम्मान के साथ जीवन जी सके। यही विचार आज भी देश के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
भाजपा नेताओं ने भी रखा पक्ष
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने समाज को यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्म, गुण और चरित्र से होती है। उन्होंने संत रविदास की प्रसिद्ध वाणी “एकै माटी के सभ भांडे” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संपूर्ण मानवता की समानता का संदेश देती है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन “रविदास जी सबके हैं और हम सब रविदास जी के हैं” को दोहराते हुए कहा कि भाजपा संतों और महापुरुषों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल केवल जाति आधारित राजनीति करते हैं, जबकि संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने का है।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने समाज में समरसता और समानता के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए विपक्ष पर भी राजनीतिक निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि संत रविदास के विचार समाज को जोड़ने वाले हैं, जबकि कुछ राजनीतिक दल समाज को जातियों में बांटकर राजनीति करते हैं। उन्होंने लोगों से संत रविदास की शिक्षाओं को अपनाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।
भव्य आयोजन, देशभर से पहुंचे प्रतिनिधि
संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि पहुंचे। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री सुरेश खन्ना, अनिल राजभर, असीम अरुण, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, संजीव कुमार गोंड, रजनी तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
नितिन नवीन का दौरा अंतिम समय में रद्द
इस भव्य आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के शामिल होने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन बिहार उपचुनाव से जुड़ी व्यस्तताओं के कारण उनका दौरा अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। हालांकि पार्टी संगठन ने स्पष्ट किया कि इससे कार्यक्रम की तैयारियों या आयोजन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संपन्न हुए।
समाज को जोड़ने का संदेश
संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का मंच भी बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट संदेश दिया कि संत रविदास के विचार आज भी भारत की सामाजिक चेतना के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़े, तो जातीय भेदभाव, सामाजिक असमानता और विभाजन जैसी चुनौतियों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।काशी से उठी यह समरसता की आवाज अब देशभर तक पहुंचाने की तैयारी है। ‘समरसता संकल्प अभियान’ और पवित्र मिट्टी के कलशों के माध्यम से संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास आने वाले महीनों में और तेज होगा। यह आयोजन संत रविदास के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक एकता और राष्ट्रीय सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

