सीतापुर उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मछरेहटा थाना पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर, नकदी, अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के साथ हाल ही में हुई चर्चित चोरी की घटना का 100 प्रतिशत खुलासा कर दिया गया है।पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पहले इलाके की रेकी की जाती थी, फिर ऐसे घरों को निशाना बनाया जाता था जहां लोग बाहर गए हों या घर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न हों। वारदात के बाद आरोपी तुरंत जिले की सीमा छोड़ देते थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

भिठौरा चोरी कांड का हुआ खुलासा
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी हाल ही में भिठौरा क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी की घटना में शामिल थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मछरेहटा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।कई दिनों की कड़ी मेहनत और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी का अधिकांश सामान भी बरामद कर लिया गया।
लाखों के जेवर, नकदी और अवैध असलहे बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और चोरी करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।बरामद सामान में महिलाओं के सोने के हार, चेन, अंगूठियां, झुमके, चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि बरामदगी के आधार पर चोरी के पीड़ितों को उनका सामान वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

ऐसे करते थे चोरी की प्लानिंग
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले संभावित मकानों की रेकी करते थे। वे यह पता लगाते थे कि घर के लोग कब बाहर जाते हैं, आसपास कितनी आवाजाही रहती है और पुलिस गश्त का समय क्या है। पूरी जानकारी जुटाने के बाद देर रात वारदात को अंजाम दिया जाता था।गिरोह के सदस्य अपने साथ लोहे के कटर, पेचकस, रॉड और अन्य औजार रखते थे, जिनकी मदद से घरों के ताले और दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश करते थे। चोरी के बाद सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकल जाते थे ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
कई पुराने मामलों का भी खुल सकता है राज
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी केवल एक ही घटना में शामिल नहीं थे। शुरुआती जांच में इनके खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी और अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि जिले और आसपास के अन्य इलाकों में हुई चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया जा सके।जांच एजेंसियां आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।
तकनीकी और मुखबिर तंत्र बना सफलता की कुंजी
इस कार्रवाई में पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी इस्तेमाल किया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस, स्थानीय सूचना तंत्र और मुखबिरों से मिली जानकारी को जोड़कर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी जांच और टीमवर्क की वजह से इस गिरोह को पकड़ना संभव हो पाया।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हों तो पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी जरूर दें। घरों में सीसीटीवी कैमरे, मजबूत ताले और सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अपराधियों पर जारी रहेगा शिकंजा
सीतापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।इस बड़ी कार्रवाई से न केवल भिठौरा चोरी कांड का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि पुलिस ने यह संदेश भी दिया है कि अपराध कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कानून के लंबे हाथ आखिरकार अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं। सीतापुर पुलिस की इस सफलता से जिले के लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों में पुलिस कार्रवाई का डर भी साफ दिखाई दे रहा है।
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