राम मंदिर चढ़ावा चोरी में महाखुलासा! 1 किलो सोना गलवाया, शेयर बाजार में लगाया पैसा, करोड़ों की संपत्ति का खुला राज

Editorial
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अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे कर रहा है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों के काले कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, सोने के गहने, लग्जरी कार और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि चोरी की रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया, जबकि मंदिर में चढ़ाए गए करीब एक किलो सोने को गलवाकर उससे संपत्तियां खरीदी गईं। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा और भी व्यापक हो गया है।पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को कस्टडी रिमांड पर लेकर लगभग 40 घंटे तक लगातार पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस उन्हें उन जगहों पर भी लेकर गई, जहां कथित तौर पर चोरी की रकम का बंटवारा होता था और जश्न मनाया जाता था। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बयान और बरामदगी से कई नए सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर अब अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

तीनों आरोपियों के ठिकानों से मिली नकदी, गहने और कार

बुधवार देर रात पुलिस आरोपी लवकुश मिश्रा को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के ठकुरन फगौली गांव स्थित उसके घर लेकर पहुंची। तलाशी के दौरान पुलिस को एक सोने का लॉकेट मिला, जिस पर लवकुश का नाम अंकित था। पूछताछ में पता चला कि यह लॉकेट उसने अपनी पत्नी को उपहार में दिया था। इसके अलावा घर से करीब 35 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।इसके बाद पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा को कौशलपुरी कॉलोनी स्थित उसके मकान पर ले जाकर तलाशी ली। यहां से सोने की चेन, करीब 15 हजार रुपये नकद और एक कार बरामद हुई। जांच में सामने आया कि यह कार 16 मई 2025 को उसके पिता रवींद्र मिश्रा के नाम से खरीदी गई थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कार खरीदने में इस्तेमाल हुई रकम का स्रोत क्या था और उसमें चोरी के पैसे का कितना हिस्सा शामिल था।वहीं तीसरे आरोपी करुणेश पांडेय के नाका गांधी आश्रम के पास स्थित किराये के मकान से लगभग 10 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को वापस पुलिस लाइन लाया गया, जहां उनसे और उनके परिजनों से घंटों पूछताछ की गई। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा जिला जेल भेज दिया गया।

शेयर बाजार में लगाया गया चढ़ावे का पैसा

पूछताछ के दौरान सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चढ़ावे की चोरी से मिली रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया था। पुलिस को निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मिले हैं। अब आर्थिक लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी का कितना पैसा शेयर ट्रेडिंग में लगाया गया और उससे कितना लाभ कमाया गया।सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस अब उन सभी व्यक्तियों की आर्थिक गतिविधियों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।

एक किलो सोना गलवाने का खुलासा, सराफा कारोबारी जांच के घेरे में

पूरे मामले का सबसे बड़ा खुलासा मंदिर में चढ़ाए गए आभूषणों को लेकर हुआ है। आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि दान में मिले आभूषणों में से करीब एक किलो सोना एक सराफा कारोबारी के माध्यम से गलवाया गया था। इसके बाद मिले पैसों का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने और अन्य निवेश करने में किया गया।\इस खुलासे के बाद संबंधित सराफा कारोबारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी को सोने की वास्तविक जानकारी थी या नहीं और इस पूरे लेनदेन में उसकी क्या भूमिका रही।

70 लाख के मकान और संपत्तियों की जांच तेज

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने कौशलपुरी स्थित मकान की रजिस्ट्री करीब 30 लाख रुपये में कराई थी, जबकि वास्तविक भुगतान लगभग 70 लाख रुपये बताया जा रहा है। मकान का बाजार मूल्य इससे भी अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।इतना ही नहीं, मकान के नवीनीकरण और गृह प्रवेश समारोह पर भी करीब 5 लाख रुपये खर्च किए गए। पुलिस अब मकान के दस्तावेज, भुगतान के स्रोत और वित्तीय लेनदेन का सत्यापन कर रही है। साथ ही आरोपी के नाम पर एक भूखंड होने की जानकारी भी मिली है, जिसकी जांच जारी है।

लवकुश की पत्नी भी पुलिस की पूछताछ में

रिमांड के दौरान पुलिस लवकुश मिश्रा को उसके घर लेकर पहुंची थी। तलाशी के बाद उसकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इससे पहले पुलिस लवकुश के माता-पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को थी या नहीं।

विहिप की बढ़ी सक्रियता, अयोध्या में शीर्ष नेतृत्व की गोपनीय बैठक

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण ने केवल पुलिस जांच ही नहीं, बल्कि धार्मिक संगठनों की गतिविधियों को भी तेज कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का शीर्ष नेतृत्व इन दिनों अयोध्या में सक्रिय है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा पिछले कई दिनों से अयोध्या में डेरा डाले हुए हैं।उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि से बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा प्रकरण और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा कारसेवकपुरम में विहिप के केंद्रीय पदाधिकारियों की एक गोपनीय बैठक भी हुई, जिसमें ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं और संगठन की भविष्य की रणनीति पर मंथन किया गया।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

पुलिस का कहना है कि अब तक चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों टिन्नू और मनीष को भी जल्द रिमांड पर लेने की तैयारी है। आर्थिक अपराध, संपत्ति, निवेश और सोने के लेनदेन से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

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