मुरादाबाद में बड़ा एक्शन! 93 हेक्टेयर सरकारी जमीन कब्जामुक्त, अब 55 हेक्टेयर पर कार्रवाई

Editorial
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रिपोर्ट:मो. अरशद

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मुरादाबाद जिला प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए भू-माफियाओं पर करारा प्रहार किया। प्रशासन ने 93 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उसे दोबारा राजस्व अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और करीब 55 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर भी जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित करने और भू-माफियाओं के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

नेशनल हाईवे बाईपास के पास थी करोड़ों की सरकारी जमीन पर नजर

प्रशासन के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई नेशनल हाईवे बाईपास स्थित कल्याणपुर एहतमाली क्षेत्र में की गई, जहां करीब 150 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे और फर्जी तरीके से निजी नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दर्ज कराया गया था, जिसके बाद उस पर कब्जा कर लिया गया।गुरुवार को लंबी जांच और राजस्व प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने 93 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराकर दोबारा राज्य सरकार के नाम दर्ज करा दिया। यह कार्रवाई जिले की सबसे बड़ी भूमि संरक्षण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

भू-माफियाओं में मचा हड़कंप, प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

इस कार्रवाई के बाद जिले के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी ने फर्जी दस्तावेजों या गलत तरीके से सरकारी भूमि अपने नाम कराई है तो उसकी भी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि राजस्व विभाग लगातार सरकारी जमीनों का सत्यापन कर रहा है और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई होगी।

अब 55 हेक्टेयर जमीन पर होगी अगली बड़ी कार्रवाई

डीएम ने जानकारी दी कि अभी भी करीब 55 हेक्टेयर सरकारी भूमि से जुड़े मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। जैसे ही कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, उस भूमि को भी कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी जमीनों को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सार्वजनिक हित में होगा सरकारी भूमि का उपयोग

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीन को खाली छोड़ने के बजाय जनहित के कार्यों में उपयोग किया जाएगा। जिलाधिकारी के अनुसार इन जमीनों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान, हरित क्षेत्र का विकास और अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।इसके अलावा भविष्य में जरूरत के अनुसार इन जमीनों का उपयोग स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं, पार्क, सरकारी भवनों और अन्य विकास योजनाओं के लिए भी किया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

राजस्व अभिलेखों में दोबारा दर्ज हुआ सरकार का नाम

इस पूरी कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि केवल जमीन खाली कराना ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड में भी आवश्यक संशोधन कर निजी नाम हटाकर भूमि को दोबारा राज्य सरकार के नाम दर्ज कराया गया। इससे भविष्य में दोबारा अवैध दावे या फर्जी दस्तावेज तैयार करने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से भी अपडेट किया जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि की निगरानी और अधिक प्रभावी हो सके।

लंबे समय से चल रही थी जांच

सूत्रों के अनुसार कल्याणपुर एहतमाली क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जांच के दौरान कई दस्तावेजों की पड़ताल की गई और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए यह बड़ी कार्रवाई की।कुछ मामलों में अभी भी न्यायालय में वाद लंबित हैं, जिनकी सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर प्रत्येक मामले का निस्तारण किया जा रहा है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रदेशभर में सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान लगातार चल रहा है। मुरादाबाद की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी भूमि का सर्वे कराया जाएगा और जहां कहीं भी अवैध कब्जा मिलेगा, वहां तत्काल कार्रवाई होगी।

डीएम का स्पष्ट संदेश—सरकारी संपत्ति पर कब्जा किसी भी कीमत पर नहीं

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने दो टूक कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उस पर किसी भी व्यक्ति या समूह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करना है।उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन अपने नाम कराई है, उनके खिलाफ भी जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।93 हेक्टेयर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराना मुरादाबाद प्रशासन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब सभी की नजर उस अगली कार्रवाई पर है, जिसमें शेष 55 हेक्टेयर सरकारी भूमि को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराने की तैयारी तेज कर दी गई है।

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