बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में करीब 16 वर्षीय किशोरी के साथ दो युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने और इसके बाद उसे नहर में फेंकने का आरोप है। घटना के बाद किशोरी नहर में फंस गई, जहां समय रहते पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ है।
- नहर से आई आवाज ने खोला पूरा मामला
- दो युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
- पुलिस ने तेजी से शुरू की आरोपियों की तलाश
- मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में लगी गोली
- पुलिस ने करीब 12 घंटे में दोनों आरोपियों को पकड़ा
- पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकालना बना सबसे अहम पहलू
- पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई
- बुलंदशहर की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
नहर से आई आवाज ने खोला पूरा मामला
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को पता चला कि एक किशोरी नहर में फंसी हुई है और मदद के लिए आवाज लगा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीण भी वहां जुट गए और पुलिस की मदद से किशोरी को नहर से बाहर निकाला गया।समय रहते रेस्क्यू होने की वजह से किशोरी की जान बच सकी। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने दो युवकों पर अपने साथ दुष्कर्म करने और बाद में नहर में धक्का देने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

दो युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
किशोरी की शिकायत के आधार पर दो युवकों को मामले में आरोपी बनाया गया। रिपोर्टों में आरोपियों की पहचान शफीक और भूरा के रूप में बताई गई है। आरोप है कि दोनों किशोरी को बाइक से लेकर गए और बाद में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने किशोरी को नहर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। किशोरी की आवाज सुनकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई और इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।मामले में पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है। साथ ही उसके बयान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने तेजी से शुरू की आरोपियों की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीमों को संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई।एक आरोपी को पहले गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस की उससे मुठभेड़ हो गई। पुलिस का कहना है कि चेकिंग के दौरान आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया।
मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में लगी गोली
खुर्जा देहात थाना पुलिस धरपा मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों के वहां मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस के पहुंचने पर आरोपियों द्वारा फायरिंग किए जाने की बात सामने आई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी शफीक के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि उसके साथी भूरा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, मोबाइल फोन और बाइक बरामद करने की बात कही है। हालांकि इन बरामदगी और मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की अंतिम पुष्टि जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होगी।
पुलिस ने करीब 12 घंटे में दोनों आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के हवाले से बताया गया है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद करीब 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है और बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।पुलिस की ओर से मामले की जांच के साथ-साथ घटनास्थल और उससे जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें आरोपियों की भूमिका क्या रही।
पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकालना बना सबसे अहम पहलू
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि नहर में फंसी किशोरी को समय रहते पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाल लिया गया। अगर मदद पहुंचने में देर होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू किया। इसके बाद किशोरी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कराई गई।इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है। टीवी9 के अनुसार, डायल 112 टीम के कमांडर और सहचालक को तत्काल कार्रवाई के लिए नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किए जाने की बात कही गई है।
पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई
किशोरी नाबालिग है, इसलिए कानून और पत्रकारिता की जिम्मेदारियों के तहत उसकी पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। मामले की रिपोर्टिंग में भी उसकी निजता का ध्यान रखना जरूरी है।पुलिस अब पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बुलंदशहर की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
बुलंदशहर की यह घटना एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर ग्रामीण और सुनसान इलाकों में किशोरियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सतर्कता बेहद जरूरी है।पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब जांच की निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Read on:http://बेंगलुरु SIR विरोध प्रदर्शन:ध्रुव राठी बोले -वोट चोर… मोदी चोर…
Advertisement visit our officehttp://:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

